जगरांव ब्लॉक समिति चुनाव टला: चौथी बार स्थगित होने पर भड़के कांग्रेस प्रदेश प्रधान, सरकार पर लगाया आरोप
कांग्रेस के पंजाब प्रधान और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िग ने आम आदमी पार्टी को भाजपा की “बी टीम” करार देते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर चुनाव टाल रही है ताकि विपक्षी सदस्यों पर दबाव बनाया जा सके और राजनीतिक समीकरण बदले जा सकें।
विस्तार
जगरांव ब्लॉक समिति के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनाव को लेकर सियासी घमासान लगातार गहराता जा रहा है।
शनिवार को चौथी बार बीडीपीओ कार्यालय में बुलाई गई बैठक भी चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही स्थगित कर दी गई। इससे पहले 2 मार्च, 6 मार्च और 13 मार्च को भी अलग-अलग कारणों और विवादों के चलते चुनाव नहीं हो सके थे। लगातार टलते चुनाव ने इलाके की राजनीति को गरमा दिया है और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
शनिवार को चुनाव करवाने के लिए कांग्रेस के पंजाब प्रधान और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िग खुद जगरांव चुनाव को लेकर पहुंचे। लेकिन एसडीएम की ड्यूटी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की किल्ली चहल में आयोजित रैली में लगाए जाने के कारण चुनाव प्रक्रिया फिर से टाल दी गई।
चुनाव रद्द होने की जानकारी मिलते ही राजा वड़िंग का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने बीडीपीओ कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं और सदस्यों के साथ सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद वड़िंग अपने 11 समर्थक सदस्यों के साथ पैदल ही नारे लगाते हुए एसडीएम कार्यालय तक रोष मार्च निकालते हुए पहुंचे। जहां मीडिया के सामने 11 सदस्यों संग अपनी ताकत दिखाई। इस दौरान वड़िंग ने आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार के पास बहुमत नहीं है, इसलिए प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल कर चुनाव प्रक्रिया को बार-बार बाधित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब की राजनीति में शायद पहली बार ऐसा देखने को मिला है कि ब्लॉक समिति के चुनाव को टालने के लिए एसडीएम स्तर के अधिकारी की ड्यूटी किसी राजनीतिक रैली में लगा दी गई।
वड़िंग ने आम आदमी पार्टी को भाजपा की “बी टीम” करार देते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर चुनाव टाल रही है ताकि विपक्षी सदस्यों पर दबाव बनाया जा सके और राजनीतिक समीकरण बदले जा सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और पुलिस पर भी सरकार का दबाव है और कांग्रेस समर्थित सदस्यों को डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुलिस ने उनके सदस्यों को परेशान करने की कोशिश की तो कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस थानों का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
राजा वड़िंग ने बताया कि जगरांव आने से पहले शुक्रवार को उन्होंने लुधियाना के डीसी और एसडीएम से बातचीत कर शनिवार को चुनाव होने की पुष्टि की थी। शनिवार सुबह करीब आठ बजे भी एसडीएम से उनकी बात हुई थी। लेकिन जब वे अपने 11 सदस्यों के साथ बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं। बाद में एसडीएम की ओर से किल्ली चहल में रैली की ड्यूटी का कारण बताया गया।
पहले भी विवाद के कारण टला था चुनाव
गौरतलब है कि शुक्रवार को हुई बैठक के दौरान जब एसडीएम ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के सदस्यों से समर्थन के लिए हाथ खड़े करने को कहा तो दोनों ही पक्षों ने 11-11 सदस्यों का समर्थन होने का दावा किया। इसी को लेकर विवाद खड़ा हो गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। कांग्रेस नेताओं की नारेबाजी के बाद स्थिति को देखते हुए एसडीएम ने चुनाव प्रक्रिया तीसरी बार स्थगित कर दी थी।
सत्ता का गणित बना दिलचस्प
जगरांव ब्लॉक समिति की कुल 25 सीटों का गणित इस चुनाव को बेहद रोचक बना रहा है।
आम आदमी पार्टी – 8 सदस्य
कांग्रेस – 7 सदस्य
शिरोमणि अकाली दल – 4 सदस्य
आजाद सदस्य – 6
ऐसे में आजाद सदस्यों और अन्य दलों का समर्थन ही चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की कुर्सी का फैसला करेगा। लगातार चौथी बार चुनाव टलने से जगरांव की स्थानीय राजनीति में असमंजस और तनाव का माहौल बना हुआ है और अब सभी की नजर प्रशासन द्वारा तय की जाने वाली अगली तारीख पर टिकी हुई है।