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Ludhiana News: श्री गुरु तेग बहादुर साहिब से जुड़ा मोबाइल एप लॉन्च
Thu, 28 May 2026 10:23 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Thu, 28 May 2026 10:23 PM IST
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श्री गुरु ग्रंथ साहिब वर्ल्ड यूनिवर्सिटी में 1984 की घटनाओं पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहगढ़ साहिब। श्री गुरु ग्रंथ साहिब वर्ल्ड विश्वविद्यालय ने सिख याद में 1984 विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया। इसमें देश-विदेश के विद्वानों ने 1984 से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए।
आयोजन का उद्देश्य 1984 की घटनाओं के स्मरण पर अकादमिक विचार-विमर्श करना था। कुलपति प्रो. प्रितपाल सिंह ने बताया कि 1984 की घटनाओं का सिख समाज के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा। इन प्रभावों का अध्ययन अकादमिक जगत का दायित्व है। सेमिनार में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के जीवन पर एक विशेष मोबाइल एप भी लोकार्पित किया गया। यह एप नौवीं पातशाही के दर्शन और शिक्षाओं को युवाओं तक पहुंचाएगा। जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने 1984 को सिख इतिहास का महत्वपूर्ण और संवेदनशील दौर बताया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने धर्म के लिए बलिदान की भावना को पुनर्जीवित किया।
नई पहल और विद्वानों के विचार
विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित पुस्तक श्री गुरु तेग बहादुर साहिब गुरमुखी स्रोत भी समर्पित की गई। प्रो. सुखविंदर सिंह बिलिंग ने 1984 की तुलना अठारहवीं सदी के घल्लूघारों से की। प्रो. हरपाल सिंह पन्नू ने अपने निजी अनुभव साझा किए। प्रो. स्वराज राज, प्रो. हरजिंदर सिंह वालिया और प्रो. गुरनाम कौर ने भी 1984 के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। डॉ. हरदेव सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया और डॉ. रमणदीप कौर ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया।
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फोटो कैप्शन: अंतरराष्ट्रीय सेमिनार दौरान विचार साझा करते जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज, वाइस चांसलर प्रो. प्रितपाल सिंह तथा अन्य विद्वान।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहगढ़ साहिब। श्री गुरु ग्रंथ साहिब वर्ल्ड विश्वविद्यालय ने सिख याद में 1984 विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया। इसमें देश-विदेश के विद्वानों ने 1984 से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए।
आयोजन का उद्देश्य 1984 की घटनाओं के स्मरण पर अकादमिक विचार-विमर्श करना था। कुलपति प्रो. प्रितपाल सिंह ने बताया कि 1984 की घटनाओं का सिख समाज के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा। इन प्रभावों का अध्ययन अकादमिक जगत का दायित्व है। सेमिनार में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के जीवन पर एक विशेष मोबाइल एप भी लोकार्पित किया गया। यह एप नौवीं पातशाही के दर्शन और शिक्षाओं को युवाओं तक पहुंचाएगा। जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने 1984 को सिख इतिहास का महत्वपूर्ण और संवेदनशील दौर बताया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने धर्म के लिए बलिदान की भावना को पुनर्जीवित किया।
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नई पहल और विद्वानों के विचार
विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित पुस्तक श्री गुरु तेग बहादुर साहिब गुरमुखी स्रोत भी समर्पित की गई। प्रो. सुखविंदर सिंह बिलिंग ने 1984 की तुलना अठारहवीं सदी के घल्लूघारों से की। प्रो. हरपाल सिंह पन्नू ने अपने निजी अनुभव साझा किए। प्रो. स्वराज राज, प्रो. हरजिंदर सिंह वालिया और प्रो. गुरनाम कौर ने भी 1984 के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। डॉ. हरदेव सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया और डॉ. रमणदीप कौर ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया।
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फोटो कैप्शन: अंतरराष्ट्रीय सेमिनार दौरान विचार साझा करते जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज, वाइस चांसलर प्रो. प्रितपाल सिंह तथा अन्य विद्वान।