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रंगदारी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता: ब्राइट वे वीजा इमिग्रेशन पर गोलीबारी का एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार
Thu, 22 Oct 2026 06:16 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 22 Oct 2026 06:16 PM IST
सार
पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों की पहचान कर ली। इनमें से एक आरोपी की पहचान दीपक कुमार तो दूसरे की उसके साथी गगनदीप के तौर पर हुई। पुलिस ने दीपक को गिरफ्तार कर लिया।
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फायरिंग मामले में गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : संवाद
विस्तार
लुधियाना के पॉश इलाके मॉडल टाउन स्थित ब्राइट वे वीजा इमिग्रेशन के दफ्तर पर गोलियां चलाने की वारदात को सुलझाते हुए पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की काले रंग की हीरो स्प्लेंडर बाइक बरामद हुई है, जबकि उसके दूसरे साथी और विदेश में बैठे साजिशकर्ताओं की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
आरोपी की पहचान सलेम टाबरी के हजूरी बाग कॉलोनी निवासी दीपक के तौर पर हुई है। जबकि उसका साथी दिल्ली के सीलमपुर इलाके में रहने वाले गगनदीप की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस ने यह मामला हैबोवाल कलां के दुर्गापुरी इलाके में रहने वाले भानव अहूजा के बयान पर दर्ज किया था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर गगनदीप की तलाश में जुटी है।
डीसीपी क्राइम हरपाल सिंह गरेवाल ने बताया कि 10 और 11 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात बदमाशों ने ब्राइट वे वीजा इमिग्रेशन दफ्तर को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं और मौके से फरार हो गए थे।
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आरोपी की पहचान सलेम टाबरी के हजूरी बाग कॉलोनी निवासी दीपक के तौर पर हुई है। जबकि उसका साथी दिल्ली के सीलमपुर इलाके में रहने वाले गगनदीप की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस ने यह मामला हैबोवाल कलां के दुर्गापुरी इलाके में रहने वाले भानव अहूजा के बयान पर दर्ज किया था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर गगनदीप की तलाश में जुटी है।
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डीसीपी क्राइम हरपाल सिंह गरेवाल ने बताया कि 10 और 11 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात बदमाशों ने ब्राइट वे वीजा इमिग्रेशन दफ्तर को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं और मौके से फरार हो गए थे।
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तकनीकी और खुफिया जांच के दौरान पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों की पहचान कर ली। इनमें से एक आरोपी की पहचान दीपक कुमार तो दूसरे की उसके साथी गगनदीप के तौर पर हुई। पुलिस ने दीपक को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ में पता चला कि वह विदेश में रह रहे अपने साथियों वरिंदर चारन निवासी झुंझुनूं (राजस्थान) और जगजीत सिंह उर्फ गांधी निवासी गांव बुटाहरी (लुधियाना) के कहने पर इस वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिस के मुताबिक, विदेश में बैठे वरिंदर चारन और जगजीत सिंह ने ब्राइट वे वीजा इमिग्रेशन के मालिक से रंगदारी मांगी थी। जब इमिग्रेशन मालिक ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो दहशत फैलाने के मकसद से दफ्तर पर फायरिंग करवाई गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य शूटर दीपक कुमार को धर दबोचा, जिसकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि दसवीं पास है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है ताकि उसके फरार साथी गगनदीप का सुराग लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि बाकी बचे आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके साथ ही विदेश में बैठकर आपराधिक नेटवर्क चलाने वाले साजिशकर्ताओं के खिलाफ भी सख्त कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, विदेश में बैठे वरिंदर चारन और जगजीत सिंह ने ब्राइट वे वीजा इमिग्रेशन के मालिक से रंगदारी मांगी थी। जब इमिग्रेशन मालिक ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो दहशत फैलाने के मकसद से दफ्तर पर फायरिंग करवाई गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य शूटर दीपक कुमार को धर दबोचा, जिसकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि दसवीं पास है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है ताकि उसके फरार साथी गगनदीप का सुराग लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि बाकी बचे आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके साथ ही विदेश में बैठकर आपराधिक नेटवर्क चलाने वाले साजिशकर्ताओं के खिलाफ भी सख्त कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।