{"_id":"69e9d0161d3ea3f37109ace6","slug":"three-year-old-girl-engulfed-in-flames-in-ludhiana-2026-04-23","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लुधियाना में दिल दहला देने वाली घटना: आग की चपेट में आई तीन साल की बच्ची, बचाने में पिता के हाथ भी झुलसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लुधियाना में दिल दहला देने वाली घटना: आग की चपेट में आई तीन साल की बच्ची, बचाने में पिता के हाथ भी झुलसे
Thu, 23 Apr 2026 01:24 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, लुधियाना
अमर उजाला नेटवर्क, लुधियाना
Published by: Sharukh Khan
Updated Thu, 23 Apr 2026 01:24 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : AI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लुधियाना के चंदन नगर इलाके से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, माचिस से खेलते हुए तीन साल की एक मासूम बच्ची आग की लपटों में घिर गई। नायलॉन की फ्रॉक पहने होने के कारण आग ने पल भर में ही विकराल रूप ले लिया और कपड़ा पिघलकर बच्ची के शरीर से चिपक गया। घर में मौजूद अन्य बच्चों को इस भयावह हादसे का आभास तक नहीं हो पाया।
पिता की दर्दनाक कोशिश और बच्ची की गंभीर स्थिति
जब बच्ची के पिता काम से घर लौटे, तो उन्होंने अपनी बेटी को आग की लपटों में घिरा देखा। अपनी लाडली को बचाने के लिए उन्होंने नंगे हाथों से आग बुझाने का प्रयास किया, जिसमें वे खुद बुरी तरह झुलस गए। इस दर्दनाक घटना में बच्ची लगभग 60 प्रतिशत तक झुलस गई है।
विज्ञापन
पिता की दर्दनाक कोशिश और बच्ची की गंभीर स्थिति
जब बच्ची के पिता काम से घर लौटे, तो उन्होंने अपनी बेटी को आग की लपटों में घिरा देखा। अपनी लाडली को बचाने के लिए उन्होंने नंगे हाथों से आग बुझाने का प्रयास किया, जिसमें वे खुद बुरी तरह झुलस गए। इस दर्दनाक घटना में बच्ची लगभग 60 प्रतिशत तक झुलस गई है।
विज्ञापन
गरीबी और इलाज की चुनौती
गरीब परिवार होने के कारण बच्ची के इलाज के लिए पैसे जुटाने में घंटों लग गए, जिसके चलते मासूम करीब छह घंटे तक दर्द से कराहती रही। मां ममता देवी ने बताया कि वह उस समय घरों में काम करने गई हुई थीं। जैसे ही उन्हें घटना की सूचना मिली, वे बदहवास घर पहुंचीं।
गरीब परिवार होने के कारण बच्ची के इलाज के लिए पैसे जुटाने में घंटों लग गए, जिसके चलते मासूम करीब छह घंटे तक दर्द से कराहती रही। मां ममता देवी ने बताया कि वह उस समय घरों में काम करने गई हुई थीं। जैसे ही उन्हें घटना की सूचना मिली, वे बदहवास घर पहुंचीं।
एक निजी क्लिनिक में ले जाने पर डॉक्टर ने बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए उसे तुरंत बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी। मालकिन की आर्थिक मदद के बाद ही परिवार बच्ची को सिविल अस्पताल पहुंचा सका, जहां उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।