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पठानकोट में खनन माफिया: बॉर्डर एरिया के पास वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी में कर दी खोदाई, क्या बोले एसएसपी?
सूरज प्रकाश, पठानकोट
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Wed, 18 Mar 2026 06:28 PM IST
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सार
वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी के अधिकारी अभिनंदन ने कहा कि सेंक्चुरी के 350 मीटर दायरे में अवैध खनन हुआ है और इसकी परमिशन पहले भी उनकी ओर से मांगने के लिए खनन वाले आए थे।
खनन माफिया
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पठानकोट जिले के बॉर्डर क्षेत्र में खनन माफिया फिर से सतर्क हो चुका है। इस बार खनन माफिया ने वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी कथलौर के 1000 मीटर दायरे में पोकलेन मशीन के जरिए खोदाई शुरू कर दी थी। जिसकी भनक लगते ही स्थानीय लोग और माइनिंग विभाग के सहित सेंक्चुरी अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। विभाग की कार्रवाई को देख माफिया के कुछ लोग मौके से फरार हो गए। माइनिंग विभाग इसकी गहनता से जांच कर रहा है।
मौके पर पहुंचे माइनिंग विभाग के जेई गुरप्रीत ने बताया कि उनकी ओर से आज मौके पर कथलौर क्षेत्र में चल रही खनन साइट पर जाकर देखा गया है। जहां कई फीट गहराई तक खनन होना मिला है। मौके पर मौजूद खोदाई करने वाले लोगों से बातचीत की गई तो वे परमिशन होने का हवाला देकर दस्तावेज दिखाने लगे। लेकिन, विभाग की तरफ से अभी तक सेंक्चुरी के दायरे में किसी भी तरह की कोई खोदाई संबंधी मंजूरी नहीं दी गई। अब उनकी ओर से जांच जारी है और जो भी आरोपी पाया जाएगा उनके खिलाफ बनती कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी के अधिकारी अभिनंदन ने कहा कि सेंक्चुरी के 350 मीटर दायरे में अवैध खनन हुआ है और इसकी परमिशन पहले भी उनकी ओर से मांगने के लिए खनन वाले आए थे। इस अवैध खनन की शिकायत एसएसपी पठानकोट और थाना तारागढ़ को दे दी है। उनका कहना था कि बाढ़ की वजह से पहले ही सेंक्चुरी को काफी नुकसान पहुंचा था और सेंक्चुरी के 1000 मीटर दायरे में अवैध खनन हुआ है। अब जंगली जीवों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाशत नहीं की जाएगी।
नरविजय सिंह गांव रायेपुर, दिनेश सिंह ने कहा कि खनन वाली जगह के साथ उनकी भी जमीनें हैं और सेंक्चुरी के पास से खनन कर दिल्ली-कटरा नेशनल हाईवे जो बन रहा है वहां मटीरियल भेजा जा रहा है। सेंक्चुरी के पास खनन बैन है। माइनिंग की वजह से पहले ही वाटर लेवल काफी गिर चुका है। इसकी माइनिंग विभाग के पोर्टल पर भी शिकायत की गई है। जब नेशनल हाइवे के कांट्रेक्टर सुरजीत से बात की गई तो उनका भी यही कहना था कि उनकी ओर से कोई खोदाई कथलौर सेंक्चुरी के पास नहीं करवाई जा रही।
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मौके पर पहुंचे माइनिंग विभाग के जेई गुरप्रीत ने बताया कि उनकी ओर से आज मौके पर कथलौर क्षेत्र में चल रही खनन साइट पर जाकर देखा गया है। जहां कई फीट गहराई तक खनन होना मिला है। मौके पर मौजूद खोदाई करने वाले लोगों से बातचीत की गई तो वे परमिशन होने का हवाला देकर दस्तावेज दिखाने लगे। लेकिन, विभाग की तरफ से अभी तक सेंक्चुरी के दायरे में किसी भी तरह की कोई खोदाई संबंधी मंजूरी नहीं दी गई। अब उनकी ओर से जांच जारी है और जो भी आरोपी पाया जाएगा उनके खिलाफ बनती कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी के अधिकारी अभिनंदन ने कहा कि सेंक्चुरी के 350 मीटर दायरे में अवैध खनन हुआ है और इसकी परमिशन पहले भी उनकी ओर से मांगने के लिए खनन वाले आए थे। इस अवैध खनन की शिकायत एसएसपी पठानकोट और थाना तारागढ़ को दे दी है। उनका कहना था कि बाढ़ की वजह से पहले ही सेंक्चुरी को काफी नुकसान पहुंचा था और सेंक्चुरी के 1000 मीटर दायरे में अवैध खनन हुआ है। अब जंगली जीवों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाशत नहीं की जाएगी।
नरविजय सिंह गांव रायेपुर, दिनेश सिंह ने कहा कि खनन वाली जगह के साथ उनकी भी जमीनें हैं और सेंक्चुरी के पास से खनन कर दिल्ली-कटरा नेशनल हाईवे जो बन रहा है वहां मटीरियल भेजा जा रहा है। सेंक्चुरी के पास खनन बैन है। माइनिंग की वजह से पहले ही वाटर लेवल काफी गिर चुका है। इसकी माइनिंग विभाग के पोर्टल पर भी शिकायत की गई है। जब नेशनल हाइवे के कांट्रेक्टर सुरजीत से बात की गई तो उनका भी यही कहना था कि उनकी ओर से कोई खोदाई कथलौर सेंक्चुरी के पास नहीं करवाई जा रही।