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Mohali News: के-एरिया मोड़ पर एआई कर रहा यातायात को नियंत्रित, जाम और हादसों से मिलेगी राहत
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जीरकपुर। के-एरिया मोड़ पर जाम लगने के साथ ही हादसे होते रहते हैं। अब यह क्षेत्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की निगरानी में आ गया है। एआई आधारित ट्रैफिक लाइट अब यातायात को नियंत्रित करेगी। 26 लाख रुपये की लागत से यहां चार प्रमुख पॉइंट्स पर स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए हैं। इस पहल से रोजाना गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यह मोड़ पहले ब्लैक स्पॉट के रूप में पहचाना जाता था।
यहां अक्सर जाम और दुर्घटनाएं होती रहती थीं। स्थानीय लोग लंबे समय से यहां ट्रैफिक लाइट लगाने की मांग कर रहे थे। अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एआई तकनीक से लैस सिग्नल सिस्टम स्थापित कर दिया है, इससे क्षेत्र में सुरक्षा और सुगमता दोनों बढ़ेगी। दो सिग्नल के-एरिया मोड़ की ओर लगाए गए हैं। एक सिग्नल कालका फ्लाईओवर के पास जीरकपुर से आने वाले वाहनों के लिए और दूसरा बलटाना रोड की दिशा में स्थापित किया गया है। बाकी दो पॉइंट्स पर भी इसी तरह की व्यवस्था की गई है, ताकि चारों दिशाओं से आने-जाने वाले ट्रैफिक को संतुलित किया जा सके। संवाद
एनएचएआई के जनरल मैनेजर इकबाल सिंह ने बताया कि यह एआई बेस्ड सिस्टम कैमरों और सेंसरों के जरिए वाहनों की संख्या और उनकी गति को लगातार मॉनिटर करता है। यदि किसी दिशा में अधिक ट्रैफिक होता है तो सिग्नल अपने आप ग्रीन टाइम बढ़ा देता है, जबकि कम ट्रैफिक होने पर समय घटा देता है। आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता देने की सुविधा भी इसमें शामिल है। इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे अनावश्यक इंतजार कम होगा, ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। साथ ही दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी और लोगों का समय बचेगा।
हादसों की समस्या से मिलेगी निजात
के-एरिया मोड़ पर एआई आधारित ट्रैफिक लाइट लगना शहर के लिए सकारात्मक कदम है। यहां लंबे समय से जाम और छोटे-बड़े हादसों की समस्या बनी हुई थी, इससे आम नागरिकों, स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वालों को परेशानी होती थी। एआई सिस्टम ट्रैफिक के दबाव के अनुसार सिग्नल टाइमिंग तय करेगा, जिससे अनावश्यक रुकावट कम होगी और वाहनों की आवाजाही सुचारु बनेगी। इससे न केवल समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण भी घटेगा। प्रशासन यदि नियमित मॉनिटरिंग और जागरूकता अभियान चलाए, तो यह व्यवस्था शहर में ट्रैफिक प्रबंधन का सफल मॉडल साबित हो सकती है। - सत्यवान ढांडा, समाजसेवी ,जीरकपुर
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यहां अक्सर जाम और दुर्घटनाएं होती रहती थीं। स्थानीय लोग लंबे समय से यहां ट्रैफिक लाइट लगाने की मांग कर रहे थे। अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एआई तकनीक से लैस सिग्नल सिस्टम स्थापित कर दिया है, इससे क्षेत्र में सुरक्षा और सुगमता दोनों बढ़ेगी। दो सिग्नल के-एरिया मोड़ की ओर लगाए गए हैं। एक सिग्नल कालका फ्लाईओवर के पास जीरकपुर से आने वाले वाहनों के लिए और दूसरा बलटाना रोड की दिशा में स्थापित किया गया है। बाकी दो पॉइंट्स पर भी इसी तरह की व्यवस्था की गई है, ताकि चारों दिशाओं से आने-जाने वाले ट्रैफिक को संतुलित किया जा सके। संवाद
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एनएचएआई के जनरल मैनेजर इकबाल सिंह ने बताया कि यह एआई बेस्ड सिस्टम कैमरों और सेंसरों के जरिए वाहनों की संख्या और उनकी गति को लगातार मॉनिटर करता है। यदि किसी दिशा में अधिक ट्रैफिक होता है तो सिग्नल अपने आप ग्रीन टाइम बढ़ा देता है, जबकि कम ट्रैफिक होने पर समय घटा देता है। आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता देने की सुविधा भी इसमें शामिल है। इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे अनावश्यक इंतजार कम होगा, ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। साथ ही दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी और लोगों का समय बचेगा।
हादसों की समस्या से मिलेगी निजात
के-एरिया मोड़ पर एआई आधारित ट्रैफिक लाइट लगना शहर के लिए सकारात्मक कदम है। यहां लंबे समय से जाम और छोटे-बड़े हादसों की समस्या बनी हुई थी, इससे आम नागरिकों, स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वालों को परेशानी होती थी। एआई सिस्टम ट्रैफिक के दबाव के अनुसार सिग्नल टाइमिंग तय करेगा, जिससे अनावश्यक रुकावट कम होगी और वाहनों की आवाजाही सुचारु बनेगी। इससे न केवल समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण भी घटेगा। प्रशासन यदि नियमित मॉनिटरिंग और जागरूकता अभियान चलाए, तो यह व्यवस्था शहर में ट्रैफिक प्रबंधन का सफल मॉडल साबित हो सकती है। - सत्यवान ढांडा, समाजसेवी ,जीरकपुर