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Mohali News: बलवंत सिंह मुल्तानी अपहरण व हत्या का मामला
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मोहाली। मोहाली की अदालत ने आरोपी कंवर इंदर पाल सिंह, चेयरमैन फिनवेसिया सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड, को 31 मार्च 2026 से 20 अप्रैल 2026 तक दुबई, बहरीन और जापान यात्रा की अनुमति दे दी है। यह अनुमति कंपनी के व्यवसायिक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से दी गई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी को 21 अप्रैल 2026 तक हर हाल में भारत लौटना होगा।
आवेदन में बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी पूर्व में भी अदालत की अनुमति से कई बार विदेश यात्रा कर चुका है और उसने सभी शर्तों का ईमानदारी से पालन किया है। इस संबंध में वर्ष 2021 और 2024 के आदेशों की प्रतियां भी अदालत में पेश की गईं। साथ ही बताया गया कि मुख्य मामले की सुनवाई 18 जुलाई 2026 तक स्थगित है और प्रस्तावित यात्रा अवधि से उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
अदालत ने आवेदन स्वीकार करते हुए कई शर्तें लगाई हैं। आरोपी को 30 लाख रुपये की बैंक गारंटी और इतनी ही राशि के निजी मुचलके के साथ एक जमानतदार प्रस्तुत करना होगा। विदेश प्रवास का पूरा पता, सक्रिय मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी देनी होगी और पासपोर्ट की स्वयं सत्यापित प्रति जमा करनी होगी। साथ ही अपनी अचल संपत्तियों का विवरण शपथपत्र के माध्यम से देना होगा। किसी भी शर्त के उल्लंघन पर बैंक गारंटी और मुचलके की राशि जब्त कर ली जाएगी। आदेश के अनुसार आवश्यक बैंक गारंटी और शपथपत्र अभी प्रस्तुत किए जाने शेष हैं।
क्या था मामला
बलवंत सिंह मुल्तानी का अवैध अपहरण, हिरासत में यातना और गायब किए जाने के मामले में मटौर पुलिस ने वर्ष 2010 में पलविंदर सिंह मुल्तानी की शिकायत पर पूर्व एसएसपी चंडीगढ़ सुमेध सिंह सैनी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप है कि 11 दिसंबर 1991 को बलवंत सिंह मुल्तानी को मोहाली स्थित आवास से उठाया गया, अवैध हिरासत में रखकर यातनाएं दी गईं और बाद में उनकी मौत हो गई। मामले में साक्ष्य मिटाने और फर्जी दस्तावेज तैयार कर ‘फरार’ दिखाने का भी आरोप है। कानूनी राय के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धाराएं 364, 201, 344, 330, 219 और 120-बी के तहत केस दर्ज किया था।
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आवेदन में बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी पूर्व में भी अदालत की अनुमति से कई बार विदेश यात्रा कर चुका है और उसने सभी शर्तों का ईमानदारी से पालन किया है। इस संबंध में वर्ष 2021 और 2024 के आदेशों की प्रतियां भी अदालत में पेश की गईं। साथ ही बताया गया कि मुख्य मामले की सुनवाई 18 जुलाई 2026 तक स्थगित है और प्रस्तावित यात्रा अवधि से उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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अदालत ने आवेदन स्वीकार करते हुए कई शर्तें लगाई हैं। आरोपी को 30 लाख रुपये की बैंक गारंटी और इतनी ही राशि के निजी मुचलके के साथ एक जमानतदार प्रस्तुत करना होगा। विदेश प्रवास का पूरा पता, सक्रिय मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी देनी होगी और पासपोर्ट की स्वयं सत्यापित प्रति जमा करनी होगी। साथ ही अपनी अचल संपत्तियों का विवरण शपथपत्र के माध्यम से देना होगा। किसी भी शर्त के उल्लंघन पर बैंक गारंटी और मुचलके की राशि जब्त कर ली जाएगी। आदेश के अनुसार आवश्यक बैंक गारंटी और शपथपत्र अभी प्रस्तुत किए जाने शेष हैं।
क्या था मामला
बलवंत सिंह मुल्तानी का अवैध अपहरण, हिरासत में यातना और गायब किए जाने के मामले में मटौर पुलिस ने वर्ष 2010 में पलविंदर सिंह मुल्तानी की शिकायत पर पूर्व एसएसपी चंडीगढ़ सुमेध सिंह सैनी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप है कि 11 दिसंबर 1991 को बलवंत सिंह मुल्तानी को मोहाली स्थित आवास से उठाया गया, अवैध हिरासत में रखकर यातनाएं दी गईं और बाद में उनकी मौत हो गई। मामले में साक्ष्य मिटाने और फर्जी दस्तावेज तैयार कर ‘फरार’ दिखाने का भी आरोप है। कानूनी राय के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धाराएं 364, 201, 344, 330, 219 और 120-बी के तहत केस दर्ज किया था।