{"_id":"6a78e3e2d86bd073db0d7b4f","slug":"case-registered-against-builder-for-defrauding-nri-woman-of-84-lakh-mohali-news-c-289-1-pkl1068-1642-2026-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: एनआरआई महिला से 84 लाख रुपये की ठगी, बिल्डर पर मामला दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: एनआरआई महिला से 84 लाख रुपये की ठगी, बिल्डर पर मामला दर्ज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहाली। खरड़ में एक एनआरआई महिला से प्लॉट और निर्माण के नाम पर 84 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। थाना एनआरआई मोहाली पुलिस ने बिल्डर राधे सोनी के खिलाफ केस दर्ज किया है। राधे सोनी हाईटेक बिल्डर मां शिमला होम्स देसू माजरा का मालिक है। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406 और 420 के तहत मामला दर्ज किया है।
मोहाली सेक्टर-91 निवासी बलरूप कौर, जो वर्तमान में तंजानिया में रहती हैं, ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर पुष्पिंदर शर्मा के माध्यम से उनकी मुलाकात बिल्डर राधे सोनी से हुई थी। बलरूप कौर भारत में प्रॉपर्टी में निवेश करना चाहती थीं। आरोप है कि राधे सोनी ने उन्हें मां शिमला होम्स, खरड़ में चार प्लॉट दिखाए। इन प्लॉटों का सौदा 32 लाख रुपये में तय हुआ था। बिल्डर ने जमीन को हर तरह से क्लियर बताया था। 11 सितंबर 2018 को राधे सोनी ने इन प्लॉटों की रजिस्ट्री बलरूप कौर के नाम करवा दी और 32 लाख रुपये ले लिए।
निर्माण के नाम पर 52 लाख रुपये और लिए
बलरूप कौर ने आरोप लगाया कि 20 अगस्त 2018 को उनके और राधे सोनी के बीच निर्माण का समझौता हुआ। इसमें तीन मंजिला इमारत में कुल 12 फ्लैट बनाने की बात तय हुई थी। निर्माण शुरू करने के लिए उन्होंने 1 अक्तूबर 2018 को बिल्डर को बैंक के जरिये 52 लाख रुपये और दिए। शिकायतकर्ता के अनुसार, रकम लेने के बाद भी बिल्डर ने मौके पर कोई निर्माण नहीं किया। वह लगातार निर्माण शुरू करने का भरोसा देता रहा।
विज्ञापन
धोखाधड़ी का खुलासा और पुरानी शिकायत
वर्ष 2021 में भारत लौटने पर बलरूप कौर ने खरड़ तहसील में अपनी रजिस्ट्री दिखाई। रिकॉर्ड देखने पर पता चला कि रजिस्ट्री में दर्ज जमीन मां शिमला होम्स में नहीं, बल्कि गांव संते माजरा में पड़ती है। इसके बाद उन्होंने कथित असली मालिक बलबीर सिंह से संपर्क किया। बलबीर सिंह ने मौके पर जाकर उन्हें बताया कि जिस जमीन की रजिस्ट्री उनके नाम हुई है, वह रास्तों की जमीन है। यह जानकारी मिलने के बाद बलरूप कौर ने मामले की शिकायत एनआरआई विंग में की। वर्ष 2021 में की गई यह शिकायत जांच के बाद दीवानी विवाद बताकर बंद कर दी गई थी।
दोबारा जांच और बिल्डर पर एफआईआर
बलरूप कौर ने आरटीआई के माध्यम से जांच से संबंधित दस्तावेज हासिल किए। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच में राधे सोनी और जमीन के कथित मालिक को पर्याप्त रूप से शामिल नहीं किया गया था। जून 2026 में उन्होंने एडीजीपी एनआरआई विंग के समक्ष शिकायत दोबारा खोलने की मांग की। अधिकारियों की जांच के बाद एडीजीपी एनआरआई विंग ने मामले की दोबारा जांच की मंजूरी दी। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर हिम्मत सिंह की रिपोर्ट के आधार पर राधे सोनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। प्रॉपर्टी डीलर पुष्पिंदर शर्मा सहित अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है।
विज्ञापन
मोहाली सेक्टर-91 निवासी बलरूप कौर, जो वर्तमान में तंजानिया में रहती हैं, ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर पुष्पिंदर शर्मा के माध्यम से उनकी मुलाकात बिल्डर राधे सोनी से हुई थी। बलरूप कौर भारत में प्रॉपर्टी में निवेश करना चाहती थीं। आरोप है कि राधे सोनी ने उन्हें मां शिमला होम्स, खरड़ में चार प्लॉट दिखाए। इन प्लॉटों का सौदा 32 लाख रुपये में तय हुआ था। बिल्डर ने जमीन को हर तरह से क्लियर बताया था। 11 सितंबर 2018 को राधे सोनी ने इन प्लॉटों की रजिस्ट्री बलरूप कौर के नाम करवा दी और 32 लाख रुपये ले लिए।
विज्ञापन
निर्माण के नाम पर 52 लाख रुपये और लिए
बलरूप कौर ने आरोप लगाया कि 20 अगस्त 2018 को उनके और राधे सोनी के बीच निर्माण का समझौता हुआ। इसमें तीन मंजिला इमारत में कुल 12 फ्लैट बनाने की बात तय हुई थी। निर्माण शुरू करने के लिए उन्होंने 1 अक्तूबर 2018 को बिल्डर को बैंक के जरिये 52 लाख रुपये और दिए। शिकायतकर्ता के अनुसार, रकम लेने के बाद भी बिल्डर ने मौके पर कोई निर्माण नहीं किया। वह लगातार निर्माण शुरू करने का भरोसा देता रहा।
विज्ञापन
धोखाधड़ी का खुलासा और पुरानी शिकायत
वर्ष 2021 में भारत लौटने पर बलरूप कौर ने खरड़ तहसील में अपनी रजिस्ट्री दिखाई। रिकॉर्ड देखने पर पता चला कि रजिस्ट्री में दर्ज जमीन मां शिमला होम्स में नहीं, बल्कि गांव संते माजरा में पड़ती है। इसके बाद उन्होंने कथित असली मालिक बलबीर सिंह से संपर्क किया। बलबीर सिंह ने मौके पर जाकर उन्हें बताया कि जिस जमीन की रजिस्ट्री उनके नाम हुई है, वह रास्तों की जमीन है। यह जानकारी मिलने के बाद बलरूप कौर ने मामले की शिकायत एनआरआई विंग में की। वर्ष 2021 में की गई यह शिकायत जांच के बाद दीवानी विवाद बताकर बंद कर दी गई थी।
दोबारा जांच और बिल्डर पर एफआईआर
बलरूप कौर ने आरटीआई के माध्यम से जांच से संबंधित दस्तावेज हासिल किए। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच में राधे सोनी और जमीन के कथित मालिक को पर्याप्त रूप से शामिल नहीं किया गया था। जून 2026 में उन्होंने एडीजीपी एनआरआई विंग के समक्ष शिकायत दोबारा खोलने की मांग की। अधिकारियों की जांच के बाद एडीजीपी एनआरआई विंग ने मामले की दोबारा जांच की मंजूरी दी। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर हिम्मत सिंह की रिपोर्ट के आधार पर राधे सोनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। प्रॉपर्टी डीलर पुष्पिंदर शर्मा सहित अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है।