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Mohali News: खुद को अनाथ बताकर जीता भरोसा, सात लाख की नकदी समेत तीन पासपोर्ट, सोेने की चेन और अन्य दस्तावेज लेकर भागे
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जीरकपुर। शहर में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक युवक और युवती ने खुद को अनाथ और बेसहारा बताकर पहले भरोसा जीता और फिर करीब सात लाख रुपये की नकदी, तीन पासपोर्ट, सोने की चेन समेत महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य सामान चोरी कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिवा एनक्लेव निवासी बलजीत यादव (45) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मई 2025 में होशियारपुर के बाजवारा गांव की रहने वाली रब्बी उर्फ सरोज और दोलनवाल गांव निवासी गुरविंदर सिंह उनके संपर्क में आए थे। दोनों ने खुद को भाई-बहन बताकर दावा किया कि उनके माता-पिता की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। मानवीय आधार पर बलजीत यादव ने उन्हें सराय में रहने और कैंटीन में काम करने की अनुमति दे दी। करीब आठ माह तक दोनों ने उसका भरोसा जीता और घर में भी आना-जाना शुरू कर दिया। पीड़ित के अनुसार, 7 मार्च को जब वह परिवार सहित ड्यूटी पर था।
उसी दौरान उनके घर से चार सूटकेस गायब हो गए। सीसीटीवी फुटेज देखने पर सामने आया कि गुरविंदर सिंह और सरोज टैक्सी में सामान लेकर भाग रहे हैं। आरोपियों ने फोन पर गांव जाने का बहाना बनाकर सुबह लौटने की बात कही, लेकिन बाद में उनका फोन बंद हो गया। जब पीड़ित उनके बताए पते पर पहुंचे तो पता चला कि गुरविंदर के माता-पिता जीवित हैं और दोनों ने झूठी कहानी गढ़ी थीं। जीरकपुर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पीड़ित चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच अस्पताल में रोटरी सराय और कैंटीन के कार्यवाहक हैं।
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शिवा एनक्लेव निवासी बलजीत यादव (45) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मई 2025 में होशियारपुर के बाजवारा गांव की रहने वाली रब्बी उर्फ सरोज और दोलनवाल गांव निवासी गुरविंदर सिंह उनके संपर्क में आए थे। दोनों ने खुद को भाई-बहन बताकर दावा किया कि उनके माता-पिता की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। मानवीय आधार पर बलजीत यादव ने उन्हें सराय में रहने और कैंटीन में काम करने की अनुमति दे दी। करीब आठ माह तक दोनों ने उसका भरोसा जीता और घर में भी आना-जाना शुरू कर दिया। पीड़ित के अनुसार, 7 मार्च को जब वह परिवार सहित ड्यूटी पर था।
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उसी दौरान उनके घर से चार सूटकेस गायब हो गए। सीसीटीवी फुटेज देखने पर सामने आया कि गुरविंदर सिंह और सरोज टैक्सी में सामान लेकर भाग रहे हैं। आरोपियों ने फोन पर गांव जाने का बहाना बनाकर सुबह लौटने की बात कही, लेकिन बाद में उनका फोन बंद हो गया। जब पीड़ित उनके बताए पते पर पहुंचे तो पता चला कि गुरविंदर के माता-पिता जीवित हैं और दोनों ने झूठी कहानी गढ़ी थीं। जीरकपुर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पीड़ित चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच अस्पताल में रोटरी सराय और कैंटीन के कार्यवाहक हैं।