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Mohali News: कूड़ा प्रबंधन होगा हाईटेक, जीपीएस सिस्टम से होगी डोर-टू-डोर कलेक्शन
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मोहाली। शहर में सफाई व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम अब जीपीएस आधारित डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण प्रणाली शुरू करने जा रहा है। इस नई पहल के तहत कचरा उठाने की पूरी प्रक्रिया पर तकनीक के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। इससे न केवल समय पर कूड़े का उठान सुनिश्चित होगा, बल्कि घर-घर कचरे के पृथक्करण को भी सख्ती से लागू किया जाएगा। इस परियोजना के तहत नगर निगम ने 25 नए कचरा संग्रहण वाहन खरीदे हैं।
इसमें जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है। इन वाहनों की मदद से हर दिन की कलेक्शन रूट, समय और कवरेज की निगरानी की जा सकेगी। इसके साथ ही शहर के प्रत्येक घर को क्यूआर कोड दिया जाएगा। इसके जरिए यह रिकॉर्ड किया जाएगा कि कचरा कब और कैसे उठाया जाए। घरों में गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण हो रहा है या नहीं। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण का कार्य मुख्य रूप से रेहड़ियों के माध्यम से किया जा रहा है। नए जीपीएस युक्त वाहनों के शामिल होने से मौजूदा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और कचरे के संग्रहण में पारदर्शिता आएगी। इससे रिसोर्स मैनेजमेंट सेंटर (आरएमसी) पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा, क्योंकि मिश्रित कचरे की मात्रा घटेगी। यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत तीन वर्षों के लिए लागू की जा रही है। कुछ माह पहले स्थानीय कचरा संग्रहकर्ताओं के विरोध के कारण इसमें देरी हुई थी, लेकिन अब निगम इसे जल्द ही पूरी तरह लागू करने की तैयारी में है।
घर पर ही कूड़े को अलग-अलग करना होगा
इस योजना के तहत प्रत्येक नागरिक के लिए घर पर ही गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करना अनिवार्य होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर भविष्य में कार्रवाई भी की जा सकती है। जीपीएस और क्यूआर आधारित सिस्टम से नगर निगम को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि कोई भी क्षेत्र कूड़ा उठान से वंचित न रहे।
नए जीपीएस युक्त वाहन कलेक्शन की निगरानी और समय बद्धता सुनिश्चित करेंगे। स्रोत पर कचरे का पृथक्करण अनिवार्य किया गया है। यह प्रणाली शहर के समग्र कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाएगी। - संदीप सिंह, आयुक्त, नगर निगम
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इसमें जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है। इन वाहनों की मदद से हर दिन की कलेक्शन रूट, समय और कवरेज की निगरानी की जा सकेगी। इसके साथ ही शहर के प्रत्येक घर को क्यूआर कोड दिया जाएगा। इसके जरिए यह रिकॉर्ड किया जाएगा कि कचरा कब और कैसे उठाया जाए। घरों में गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण हो रहा है या नहीं। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण का कार्य मुख्य रूप से रेहड़ियों के माध्यम से किया जा रहा है। नए जीपीएस युक्त वाहनों के शामिल होने से मौजूदा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और कचरे के संग्रहण में पारदर्शिता आएगी। इससे रिसोर्स मैनेजमेंट सेंटर (आरएमसी) पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा, क्योंकि मिश्रित कचरे की मात्रा घटेगी। यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत तीन वर्षों के लिए लागू की जा रही है। कुछ माह पहले स्थानीय कचरा संग्रहकर्ताओं के विरोध के कारण इसमें देरी हुई थी, लेकिन अब निगम इसे जल्द ही पूरी तरह लागू करने की तैयारी में है।
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घर पर ही कूड़े को अलग-अलग करना होगा
इस योजना के तहत प्रत्येक नागरिक के लिए घर पर ही गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करना अनिवार्य होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर भविष्य में कार्रवाई भी की जा सकती है। जीपीएस और क्यूआर आधारित सिस्टम से नगर निगम को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि कोई भी क्षेत्र कूड़ा उठान से वंचित न रहे।
नए जीपीएस युक्त वाहन कलेक्शन की निगरानी और समय बद्धता सुनिश्चित करेंगे। स्रोत पर कचरे का पृथक्करण अनिवार्य किया गया है। यह प्रणाली शहर के समग्र कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाएगी। - संदीप सिंह, आयुक्त, नगर निगम
