{"_id":"6a6919b41bedfa3b680510c3","slug":"gmadas-assets-to-be-attached-for-non-compliance-with-court-orders-mohali-news-c-71-1-mli1010-145299-2026-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: अदालत के आदेशों का पालन न करने पर गमाडा की संपत्ति होगी कुर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: अदालत के आदेशों का पालन न करने पर गमाडा की संपत्ति होगी कुर्क
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहाली। स्थायी लोक अदालत ने गमाडा के संपदा अधिकारी के खिलाफ कुर्की के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई अदालत के आदेशों का पालन न करने पर की गई है। अदालत ने गमाडा कार्यालय के फर्नीचर और सरकारी वाहन को कुर्क करने का निर्देश दिया है। अब अदालत का बेलिफ कार्यालय पहुंचकर कुर्की की प्रक्रिया पूरी करेगा।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता जतिन सैनी ने बताया कि वर्ष 2016 में एक व्यक्ति ने एयरोसिटी में एक प्लॉट खरीदा था। गमाडा ने प्लॉट बेचते समय सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं देने का आश्वासन दिया था। हालांकि, लंबे समय तक ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। गमाडा की शर्तों के अनुसार, प्लॉट आवंटन के तीन वर्ष के भीतर निर्माण पूरा न करने पर भारी जुर्माना और ब्याज लगाया जाना था। इस कारण प्लॉट मालिक ने अपने स्तर पर जनरेटर से बिजली और टैंकरों से पानी की व्यवस्था कर निर्माण कार्य पूरा कराया। प्लॉट मालिक ने वर्ष 2024 में स्थायी लोक अदालत का रुख किया। अदालत ने गमाडा को याचिकाकर्ता को एक लाख रुपये मुआवजा और 25 हजार रुपये वाद खर्च देने का आदेश दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि 45 दिन के भीतर भुगतान न करने पर राशि पर छह फीसदी वार्षिक ब्याज भी देना होगा। अधिवक्ता के अनुसार, गमाडा ने अदालत के आदेश के बावजूद भुगतान नहीं किया।
सुनवाई के दौरान कोई अधिकारी नहीं था मौजूद
भुगतान न होने पर वर्ष 2025 में आदेश की पालना कराने के लिए निष्पादन याचिका दायर की गई। सुनवाई के दौरान गमाडा का कोई अधिकारी या अधिवक्ता अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। इस पर स्थायी लोक अदालत ने गमाडा के संपदा कार्यालय के फर्नीचर और वाहन की कुर्की के आदेश जारी कर दिए। अधिवक्ता ने बताया कि बुधवार को अदालत के बेलिफ के साथ गमाडा कार्यालय पहुंचकर कुर्की की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता जतिन सैनी ने बताया कि वर्ष 2016 में एक व्यक्ति ने एयरोसिटी में एक प्लॉट खरीदा था। गमाडा ने प्लॉट बेचते समय सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं देने का आश्वासन दिया था। हालांकि, लंबे समय तक ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। गमाडा की शर्तों के अनुसार, प्लॉट आवंटन के तीन वर्ष के भीतर निर्माण पूरा न करने पर भारी जुर्माना और ब्याज लगाया जाना था। इस कारण प्लॉट मालिक ने अपने स्तर पर जनरेटर से बिजली और टैंकरों से पानी की व्यवस्था कर निर्माण कार्य पूरा कराया। प्लॉट मालिक ने वर्ष 2024 में स्थायी लोक अदालत का रुख किया। अदालत ने गमाडा को याचिकाकर्ता को एक लाख रुपये मुआवजा और 25 हजार रुपये वाद खर्च देने का आदेश दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि 45 दिन के भीतर भुगतान न करने पर राशि पर छह फीसदी वार्षिक ब्याज भी देना होगा। अधिवक्ता के अनुसार, गमाडा ने अदालत के आदेश के बावजूद भुगतान नहीं किया।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान कोई अधिकारी नहीं था मौजूद
भुगतान न होने पर वर्ष 2025 में आदेश की पालना कराने के लिए निष्पादन याचिका दायर की गई। सुनवाई के दौरान गमाडा का कोई अधिकारी या अधिवक्ता अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। इस पर स्थायी लोक अदालत ने गमाडा के संपदा कार्यालय के फर्नीचर और वाहन की कुर्की के आदेश जारी कर दिए। अधिवक्ता ने बताया कि बुधवार को अदालत के बेलिफ के साथ गमाडा कार्यालय पहुंचकर कुर्की की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विज्ञापन