सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Investor meet to discuss furniture-ply industry

Mohali News: निवेशक सम्मेलन में फर्नीचर-प्लाई उद्योग पर मंथन

Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 16 Mar 2026 02:25 AM IST
विज्ञापन
Investor meet to discuss furniture-ply industry
विज्ञापन
एग्रो फॉरेस्ट्री को बताया टिकाऊ समाधान, किसानों को बढ़ावा और उद्योग को मिलेगा स्थायी कच्चा माल
Trending Videos

संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन (पीपीआईएस)-2026 के दौरान फर्नीचर और प्लाईवुड उद्योग के विकास पर मंथन हुआ। विशेषज्ञों ने एग्रो फॉरेस्ट्री (कृषि वानिकी) को टिकाऊ समाधान बताते हुए कहा कि इससे किसानों को बढ़ावा मिलेगा और उद्योग को स्थायी कच्चा माल उपलब्ध हो सकेगा।
सम्मेलन के तीसरे और अंतिम दिन इस विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उद्योग की संभावनाओं, कच्चे माल की उपलब्धता और पर्यावरणीय संतुलन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

वन एवं वन्यजीव संरक्षण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रियांक भारती ने उद्घाटन संबोधन में कहा कि फर्नीचर और प्लाई उद्योग के लिए एग्रो फॉरेस्ट्री अहम स्रोत बन सकती है। यह प्रणाली आर्थिक रूप से व्यवहारिक होने के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है।
उन्होंने बताया कि लकड़ी आधारित कृषि वानिकी को बढ़ावा देने के लिए एग्रो फॉरेस्ट्री को वृक्ष संरक्षण विधेयक से छूट देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जो फिलहाल प्रक्रिया में है। इससे किसानों को अपने खेतों में लकड़ी देने वाले पेड़ों की खेती के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उद्योग को कच्चे माल की स्थायी आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
सत्र के दौरान पैनल चर्चा में विरगो पैनल्स के प्रबंध निदेशक नरेश तिवाड़ी, सेंचुरी प्लाईबोर्ड्स से जुड़े सुनील शेखावत, सावित्री वुड्स के निदेशक मुकेश गोयल और पंजाब प्लाईवुड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष इंदरजीत सिंह सोहल ने अपने विचार रखे।
पैनल सदस्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योगों के लिए कुशल श्रमिकों की सुरक्षा और प्रशिक्षण को आवश्यक बताया। साथ ही पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन प्रक्रियाओं को अपनाने और टिकाऊ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।
चर्चा में यह भी बताया गया कि सफेदा और पॉपुलर जैसे तेजी से बढ़ने वाले वृक्षों की खेती खाली पड़ी भूमि पर की जा सकती है। इससे किसानों को अतिरिक्त आय मिलेगी और उद्योग को लकड़ी का स्थायी स्रोत भी मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी कृषि वानिकी प्रणाली ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed