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Ajmer News: कोटा में प्रसूताओं की मौत पर जूली का सरकार पर हमला, बोले- गलत इंजेक्शन से हुई मौतें हत्या के समान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: अजमेर ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2026 10:42 PM IST
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सार
अजमेर में मीडिया से बातचीत के दौरान टीकाराम जूली ने कोटा में प्रसूताओं की मौत के मामले पर सरकार और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बिना मिलीभगत के ऐसी घटना संभव नहीं है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोटा में कथित तौर पर गलत इंजेक्शन लगाए जाने से प्रसूताओं की मौत का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस पूरे घटनाक्रम को केवल लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश और साफ तौर पर हत्या करार देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और दवा सप्लाई करने वालों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
अजमेर में मीडिया से बातचीत के दौरान टीकाराम जूली ने कहा कि कोटा में जिन दवाइयों और इंजेक्शनों का इस्तेमाल किया गया, वे गुणवत्ता के मानकों पर खरे नहीं उतरे। उन्होंने आरोप लगाया कि दवाइयों की खरीद और गुणवत्ता जांच में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और बिना अधिकारियों की मिलीभगत के ऐसा संभव नहीं है।
जूली ने कहा कि यह केवल मेडिकल लापरवाही का मामला नहीं है। यदि खराब दवाइयां सप्लाई हुईं और उनसे प्रसूताओं की जान गई, तो यह सीधे तौर पर हत्या का मामला है। जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या की धाराओं में कार्रवाई होनी चाहिए।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने लंबे समय तक मामले को दबाने की कोशिश की लेकिन सैंपल जांच में दवाइयों के फेल होने के बाद सच्चाई सामने आ गई। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कफ सिरप जैसे मामलों में कई राज्यों में बच्चों की मौतें हो चुकी हैं लेकिन हर बार दोषी बच निकलते हैं। जूली ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
ये भी पढ़ें: Udaipur News: पेट्रोल-डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, केंद्र सरकार पर साधा निशाना
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने बढ़ती महंगाई को लेकर भी केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भारी टैक्स वसूला जा रहा है। आज करीब 100 रुपये के पेट्रोल में लगभग 45 रुपये टैक्स और वैट के रूप में सरकारें ले रही हैं। सरकार चाहे तो टैक्स कम करके जनता को राहत दे सकती है लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा।
जूली ने कहा कि ईंधन की कीमतें बढ़ने से ट्रांसपोर्टेशन महंगा हुआ है, जिसका असर सीधे सब्जियों, अनाज और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई से गरीब और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।
उन्होंने पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव टाले जाने के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार को घेरा। राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए जूली ने कहा कि सरकार संविधान और अदालतों के आदेशों का सम्मान नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नहीं होने से पंचायतों को मिलने वाला करीब 3000 करोड़ रुपये का फंड अटक गया है, जिससे ग्रामीण विकास प्रभावित हो रहा है। टीकाराम जूली ने कहा कि राजस्थान पंचायती राज व्यवस्था की जन्मस्थली रहा है, लेकिन वर्तमान सरकार लोकतंत्र में आम आदमी की भागीदारी को कमजोर करने का काम कर रही है।
अजमेर में मीडिया से बातचीत के दौरान टीकाराम जूली ने कहा कि कोटा में जिन दवाइयों और इंजेक्शनों का इस्तेमाल किया गया, वे गुणवत्ता के मानकों पर खरे नहीं उतरे। उन्होंने आरोप लगाया कि दवाइयों की खरीद और गुणवत्ता जांच में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और बिना अधिकारियों की मिलीभगत के ऐसा संभव नहीं है।
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जूली ने कहा कि यह केवल मेडिकल लापरवाही का मामला नहीं है। यदि खराब दवाइयां सप्लाई हुईं और उनसे प्रसूताओं की जान गई, तो यह सीधे तौर पर हत्या का मामला है। जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या की धाराओं में कार्रवाई होनी चाहिए।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने लंबे समय तक मामले को दबाने की कोशिश की लेकिन सैंपल जांच में दवाइयों के फेल होने के बाद सच्चाई सामने आ गई। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कफ सिरप जैसे मामलों में कई राज्यों में बच्चों की मौतें हो चुकी हैं लेकिन हर बार दोषी बच निकलते हैं। जूली ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने बढ़ती महंगाई को लेकर भी केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भारी टैक्स वसूला जा रहा है। आज करीब 100 रुपये के पेट्रोल में लगभग 45 रुपये टैक्स और वैट के रूप में सरकारें ले रही हैं। सरकार चाहे तो टैक्स कम करके जनता को राहत दे सकती है लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा।
जूली ने कहा कि ईंधन की कीमतें बढ़ने से ट्रांसपोर्टेशन महंगा हुआ है, जिसका असर सीधे सब्जियों, अनाज और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई से गरीब और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।
उन्होंने पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव टाले जाने के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार को घेरा। राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए जूली ने कहा कि सरकार संविधान और अदालतों के आदेशों का सम्मान नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नहीं होने से पंचायतों को मिलने वाला करीब 3000 करोड़ रुपये का फंड अटक गया है, जिससे ग्रामीण विकास प्रभावित हो रहा है। टीकाराम जूली ने कहा कि राजस्थान पंचायती राज व्यवस्था की जन्मस्थली रहा है, लेकिन वर्तमान सरकार लोकतंत्र में आम आदमी की भागीदारी को कमजोर करने का काम कर रही है।