{"_id":"677e9f2648af59d3080a8546","slug":"nsui-national-spokesperson-paras-gurjar-reached-nagaur-mirdha-college-student-leader-gwala-welcomed-him-in-the-college-campus-if-the-government-fails-to-conduct-student-union-elections-they-will-take-to-the-streets-ajmer-news-c-1-1-noi1346-2501309-2025-01-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nagore: एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रवक्ता पारस गुर्जर पहुंचे नागौर, मिर्धा कॉलेज के छात्र नेता ने किया स्वागत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nagore: एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रवक्ता पारस गुर्जर पहुंचे नागौर, मिर्धा कॉलेज के छात्र नेता ने किया स्वागत
Wed, 08 Jan 2025 09:44 PM IST
अजमेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: अजमेर ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jan 2025 09:44 PM IST
सार
Nagore: तमाम कॉलेज, तमाम ग्रामीण इलाकों में एनएसयूआई के संगठन को मजबूत करेंगे। एनएसयूआई वह छात्र संगठन है, जो सक्रिय रहकर स्टूडेंट के मुद्दों को उठाकर कॉलेज में उठता है। उक्त बातें NSUI के राष्ट्रीय प्रवक्ता पारस गुर्जर ने कही।
विज्ञापन
स्वागत करते हुए छात्र नेता
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नागौर के एक दिवसीय दौरे पर NSUI के राष्ट्रीय प्रवक्ता पारस गुर्जर रहे। राष्ट्रीय प्रवक्ता नागौर के राजकीय मिर्धा कॉलेज पहुंचे और छात्र-छात्राओं से संवाद किया। कॉलेज पहुंचने पर नागौर के NSUI के छात्र नेता महिपाल ग्वाल के नेतृत्व में माला और साफा पहनाकर उनका स्वागत किया गया। पारस गुर्जर ने कॉलेज का निरीक्षण भी किया। इसके बाद कार्यकारी जिला अध्यक्ष हनुमान बांगड़ा के नेतृत्व में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित हुई। जिसमें गुर्जर ने कहा कि भजनलाल सरकार के एक साल का कार्यकाल पूरी तरह से विफल हो गया। वहीं उन्होंने छात्रसंघ चुनाव पर जोर देते हुए कहा कि यदि सरकार ने छात्रसंघ चुनाव बहाल नहीं किया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
सरकार ने युवाओं के साथ किया धोखा
गुर्जर ने कहा कि सरकार ने युवाओं के साथ धोखा किया है। 1 लाख युवाओं को रोजगार देने की बात की, उसपर वह विफल रही। 23000 सफाईकर्मी भर्ती परीक्षा की बात की, उसी को उन्होंने रद्द कर दिया। प्रतिदिन यह लोग झूठ का जुमला देते आ रहे हैं। युवाओं के सपनों के साथ कुठाराघात किया गया। जिन मुद्दों को लेकर विधानसभा में ये उतरी थी और लोगों ने साथ दिया, लेकिन लोकसभा चुनाव में उन्हें आईना भी दिखाया है।
युवा मांगे नौकरी, ऊपर बरसाई जाती लाठियां
गुर्जर इस दौरान यह भी कहा कि युवा रोजगार मांगता है, लेकिन युवाओं के ऊपर सरकार के द्वारा लाठियां बरसाई जाती हैं। मैं यह मान रहा हूं कि सरकार इतनी घबराई हुई है कि सरकार ने छात्र संघ चुनाव करवाने बंद कर दिए। NSUI संगठन ने पुरजोर तरीके से इस मुद्दे को उठाया और कहा कि छात्र संघ चुनाव होने चाहिए। छात्र संघ चुनाव को लेकर गुर्जर से बातचीत की तो गुर्जर ने बताया कि वर्तमान सरकार पूरी तरीके से घबराई हुई है। इस दौरान उनसे यह भी पूछा था कि पिछली सरकार आपकी थी, लेकिन उन्होंने छात्र संघ चुनाव के ऊपर से बैन क्यों नहीं हटाया।
विज्ञापन
इसपर उन्होंने कहा कि मैं NSUI का नेता हूं। मैं इस चीज को पूरी तरीके से गलत मानता हूं, चाहे सरकार किसी की हो जिस भी सरकार ने छात्र संघ चुनाव को बंद किए हैं, वह वाजिब नहीं है। क्योंकि विद्यार्थियों यहां से राजनीति सीखना है और यहीं से वोह राजनीति में आगे बढ़ने की ओर अग्रसर होता है। उन्होंने कहा कि हम देख सकते हैं कि राजस्थान के नागौर में कितने छात्र नेता आज विधानसभा में पहुंचे हैं। हमारी सरकार ने भी जो फैसला लिया वह भी गलत था। अब बीजेपी की सरकार है, मैं यह मांग करता हूं कि छात्र संघ चुनाव को बहाल किया जाए।
भाजपा सरकार ने जिले निरस्त किए, उसको लेकर उन्होंने कहा कि देखिए यह सरकार के लेवल का मामला है। कहीं उनके कमेटी ने उनको सही पाया हो तो वह ठीक है, लेकिन में यह मानता हूं कि हमारी सरकार ने जो जिले के लिए मापदंड बनाए, वह ठीक थे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार सही मायने में राजस्थान में विकास करती है तो जिले बनाने में कोई बुराई नहीं है। क्योंकि जब आप सत्ता का विकेंद्रीकरण करेंगे, जब आपकी छोटे-छोटे जगह पर कलेक्टर और एसपी बैठेंगे तो आम लोगों की सुनवाई जल्दी होगी और उस जगह के विकास के लिए फंड भी आएगा।
एनएसयूआई के संगठन कमजोर होते हुए नजर आ रहे हैं
संगठन कमजोर होते हुए नजर आ रहे हैं सवाल पर उन्होंने कहा कि देखिए इसमें मैं यह मान रहा हूं कि कहीं न कहीं संगठन कमजोर होने का कारण ही छात्र संघ चुनाव है। अभी प्रदेश अध्यक्ष नए बने हैं और वह जल्दी जिले की कार्यकारिणी बनाएंगे। उन्होंने स्टेट की कार्यकारिणी घोषित की है। जैसे ही जिले की कार्यकारिणी बनेगी तो हम सब यहां बैठे हैं, हम सब लोग यहां मजबूती के साथ जुड़ेंगे और संगठन को मजबूत करेंगे। तमाम कॉलेज, तमाम ग्रामीण इलाकों में एनएसयूआई के संगठन को मजबूत करेंगे। एनएसयूआई वह छात्र संगठन है, जो सक्रिय रहकर स्टूडेंट के मुद्दों को उठाकर कॉलेज में उठता है।
विज्ञापन
सरकार ने युवाओं के साथ किया धोखा
गुर्जर ने कहा कि सरकार ने युवाओं के साथ धोखा किया है। 1 लाख युवाओं को रोजगार देने की बात की, उसपर वह विफल रही। 23000 सफाईकर्मी भर्ती परीक्षा की बात की, उसी को उन्होंने रद्द कर दिया। प्रतिदिन यह लोग झूठ का जुमला देते आ रहे हैं। युवाओं के सपनों के साथ कुठाराघात किया गया। जिन मुद्दों को लेकर विधानसभा में ये उतरी थी और लोगों ने साथ दिया, लेकिन लोकसभा चुनाव में उन्हें आईना भी दिखाया है।
विज्ञापन
युवा मांगे नौकरी, ऊपर बरसाई जाती लाठियां
गुर्जर इस दौरान यह भी कहा कि युवा रोजगार मांगता है, लेकिन युवाओं के ऊपर सरकार के द्वारा लाठियां बरसाई जाती हैं। मैं यह मान रहा हूं कि सरकार इतनी घबराई हुई है कि सरकार ने छात्र संघ चुनाव करवाने बंद कर दिए। NSUI संगठन ने पुरजोर तरीके से इस मुद्दे को उठाया और कहा कि छात्र संघ चुनाव होने चाहिए। छात्र संघ चुनाव को लेकर गुर्जर से बातचीत की तो गुर्जर ने बताया कि वर्तमान सरकार पूरी तरीके से घबराई हुई है। इस दौरान उनसे यह भी पूछा था कि पिछली सरकार आपकी थी, लेकिन उन्होंने छात्र संघ चुनाव के ऊपर से बैन क्यों नहीं हटाया।
विज्ञापन
इसपर उन्होंने कहा कि मैं NSUI का नेता हूं। मैं इस चीज को पूरी तरीके से गलत मानता हूं, चाहे सरकार किसी की हो जिस भी सरकार ने छात्र संघ चुनाव को बंद किए हैं, वह वाजिब नहीं है। क्योंकि विद्यार्थियों यहां से राजनीति सीखना है और यहीं से वोह राजनीति में आगे बढ़ने की ओर अग्रसर होता है। उन्होंने कहा कि हम देख सकते हैं कि राजस्थान के नागौर में कितने छात्र नेता आज विधानसभा में पहुंचे हैं। हमारी सरकार ने भी जो फैसला लिया वह भी गलत था। अब बीजेपी की सरकार है, मैं यह मांग करता हूं कि छात्र संघ चुनाव को बहाल किया जाए।
भाजपा सरकार ने जिले निरस्त किए, उसको लेकर उन्होंने कहा कि देखिए यह सरकार के लेवल का मामला है। कहीं उनके कमेटी ने उनको सही पाया हो तो वह ठीक है, लेकिन में यह मानता हूं कि हमारी सरकार ने जो जिले के लिए मापदंड बनाए, वह ठीक थे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार सही मायने में राजस्थान में विकास करती है तो जिले बनाने में कोई बुराई नहीं है। क्योंकि जब आप सत्ता का विकेंद्रीकरण करेंगे, जब आपकी छोटे-छोटे जगह पर कलेक्टर और एसपी बैठेंगे तो आम लोगों की सुनवाई जल्दी होगी और उस जगह के विकास के लिए फंड भी आएगा।
एनएसयूआई के संगठन कमजोर होते हुए नजर आ रहे हैं
संगठन कमजोर होते हुए नजर आ रहे हैं सवाल पर उन्होंने कहा कि देखिए इसमें मैं यह मान रहा हूं कि कहीं न कहीं संगठन कमजोर होने का कारण ही छात्र संघ चुनाव है। अभी प्रदेश अध्यक्ष नए बने हैं और वह जल्दी जिले की कार्यकारिणी बनाएंगे। उन्होंने स्टेट की कार्यकारिणी घोषित की है। जैसे ही जिले की कार्यकारिणी बनेगी तो हम सब यहां बैठे हैं, हम सब लोग यहां मजबूती के साथ जुड़ेंगे और संगठन को मजबूत करेंगे। तमाम कॉलेज, तमाम ग्रामीण इलाकों में एनएसयूआई के संगठन को मजबूत करेंगे। एनएसयूआई वह छात्र संगठन है, जो सक्रिय रहकर स्टूडेंट के मुद्दों को उठाकर कॉलेज में उठता है।