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Balotra News: भीषण गर्मी के बीच जसोलधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, नवमी पर दिनभर चले धार्मिक आयोजन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतरा
Published by: बालोतरा ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2026 11:10 PM IST
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सार
भीषण गर्मी और तेज धूप के बावजूद बालोतरा के प्रसिद्ध जसोलधाम स्थित श्री राणी भटियाणी मंदिर में नवमी और सोमवार के शुभ संयोग पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
जसोलधाम में सुबह से देर शाम तक लगा श्रद्धालुओं का तांता
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विस्तार
राजस्थान के प्रसिद्ध आस्था धाम श्री राणी भटियाणी मंदिर, जसोलधाम में प्रथम ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष नवमी और पावन सोमवार के शुभ संयोग पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। भीषण गर्मी और तेज धूप के बावजूद दिनभर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही। दूर-दराज गांवों, कस्बों और विभिन्न जिलों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने माता राणी भटियाणीसा के दरबार में दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्यता और मंगलमय जीवन की कामना की।
सुबह से ही मंदिर परिसर में धार्मिक गतिविधियां शुरू हो गई थीं। वेद मंत्रों, घंटियों की मधुर ध्वनि, भजन-कीर्तन और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते हुए माता के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस करते नजर आए। नवमी और सोमवार के इस विशेष संयोग को धार्मिक दृष्टि से बेहद शुभ माना जाता है। इसी कारण सामान्य दिनों की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना अधिक रही।
मंदिर संस्थान की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। पेयजल, छायादार विश्राम स्थल, दर्शन व्यवस्था और प्रसादी वितरण के लिए स्वयंसेवकों की अलग-अलग टीमें तैनात रहीं। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था में कोई कमी दिखाई नहीं दी।
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इस अवसर पर जयपुर निवासी सवाईराम पुत्र समर्थाराम और उनके परिवार की ओर से अन्नपूर्णा प्रसादम का आयोजन किया गया। लाभार्थी परिवार ने मंदिर परिसर स्थित विभिन्न देवालयों में पूजा-अर्चना कर विशेष भोग अर्पित किया।
इसके बाद हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी वितरण का विशाल आयोजन हुआ। दिनभर श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करते रहे। मंदिर परिसर में अनुशासित और व्यवस्थित ढंग से संचालित सेवा कार्य की श्रद्धालुओं ने सराहना की।
इसी क्रम में सर्व समाज की कन्याओं का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजन भी किया गया। कन्याओं का तिलक कर उनका सम्मान किया गया और उन्हें दक्षिणा व प्रसाद भेंट किया गया।
दिनभर चले धार्मिक आयोजनों के दौरान जसोलधाम में भक्ति, सेवा और सामाजिक समरसता का अद्भुत माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं का कहना था कि राणी भटियाणीसा के दरबार में आकर उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है।
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सुबह से ही मंदिर परिसर में धार्मिक गतिविधियां शुरू हो गई थीं। वेद मंत्रों, घंटियों की मधुर ध्वनि, भजन-कीर्तन और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते हुए माता के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस करते नजर आए। नवमी और सोमवार के इस विशेष संयोग को धार्मिक दृष्टि से बेहद शुभ माना जाता है। इसी कारण सामान्य दिनों की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना अधिक रही।
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मंदिर संस्थान की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। पेयजल, छायादार विश्राम स्थल, दर्शन व्यवस्था और प्रसादी वितरण के लिए स्वयंसेवकों की अलग-अलग टीमें तैनात रहीं। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था में कोई कमी दिखाई नहीं दी।
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इसके बाद हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी वितरण का विशाल आयोजन हुआ। दिनभर श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करते रहे। मंदिर परिसर में अनुशासित और व्यवस्थित ढंग से संचालित सेवा कार्य की श्रद्धालुओं ने सराहना की।
इसी क्रम में सर्व समाज की कन्याओं का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजन भी किया गया। कन्याओं का तिलक कर उनका सम्मान किया गया और उन्हें दक्षिणा व प्रसाद भेंट किया गया।
दिनभर चले धार्मिक आयोजनों के दौरान जसोलधाम में भक्ति, सेवा और सामाजिक समरसता का अद्भुत माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं का कहना था कि राणी भटियाणीसा के दरबार में आकर उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है।