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Balotra News: भारतमाला हाईवे पर बैरिकेड से टकराई कार, पूर्व सरपंच की दर्दनाक मौत, विधायक ने उठाए बड़े सवाल
Thu, 02 Jul 2026 08:03 AM IST
बालोतरा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतरा
Published by: बालोतरा ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2026 08:03 AM IST
सार
भारतमाला हाईवे पर लगाए गए बैरिकेड से कार टकराने के बाद हुए दर्दनाक हादसे में एक पूर्व सरपंच की जान चली गई, जबकि वर्तमान सरपंच समेत दो लोग घायल हो गए। घटना के बाद हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है।
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भारतमाला हाईवे पर दर्दनाक हादसा
- फोटो : credit
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विस्तार
भारतमाला हाईवे पर आगोलाई के पास देवीगढ़ क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे में पाटोदी क्षेत्र के बाणियावास गांव के पूर्व सरपंच दलपत सिंह राजपुरोहित की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बाणियावास के वर्तमान सरपंच एवं मंडल कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बाबूराम मेघवाल गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में दलपत सिंह राजपुरोहित की पत्नी भी घायल हुई हैं, जिनके पैर में फ्रैक्चर बताया गया है। घटना के बाद हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा देर रात उस समय हुआ जब कार भारतमाला हाईवे पर आगोलाई के पास लगाए गए बैरिकेड से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि उसकी आवाज दूर तक सुनाई दी। आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और कार में फंसे घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने पूर्व सरपंच दलपत सिंह राजपुरोहित को मृत घोषित कर दिया, वहीं गंभीर रूप से घायल बाबूराम मेघवाल का आईसीयू में उपचार जारी है। चिकित्सकों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। दलपत सिंह राजपुरोहित की पत्नी का भी उपचार चल रहा है।
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घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। दलपत सिंह राजपुरोहित सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय एवं लोकप्रिय व्यक्तित्व माने जाते थे। उनके निधन से गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है, जबकि लोग बाबूराम मेघवाल के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
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बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद भारतमाला हाईवे पर की गई बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर बैरिकेड लगाए गए थे, वहां पर्याप्त चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर, फ्लैशिंग लाइट और अन्य आवश्यक सुरक्षा प्रबंध नहीं थे। ऐसे में रात के समय वाहन चालकों को बैरिकेड समय पर दिखाई नहीं देने की आशंका बनी रहती है।
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ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी कारणवश हाईवे पर बैरिकेड लगाए जाते हैं तो सड़क सुरक्षा मानकों के अनुसार पर्याप्त दूरी पहले चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टिव संकेतक और फ्लैशिंग लाइट जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। उनका आरोप है कि इन व्यवस्थाओं के अभाव में दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
विधायक हरीश चौधरी ने उठाए सवाल
हादसे के बाद बायतु विधायक हरीश चौधरी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर प्रशासन, एनएचएआई और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा कि आगोलाई के पास देवीगढ़ क्षेत्र में हुई यह दुर्घटना बेहद दुखद है और कई गंभीर प्रश्न छोड़ गई है। उन्होंने पूछा कि भारतमाला हाईवे पर बिना पर्याप्त चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर, फ्लैशिंग लाइट और अन्य सुरक्षा उपायों के बैरिकेड किस नियम के तहत लगाए गए थे। क्या यह व्यवस्था भारतीय सड़क कांग्रेस और एनएचएआई के निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप थी?
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर भी उठे सवाल
विधायक हरीश चौधरी ने दावा किया कि जानकारी के अनुसार यह बैरिकेडिंग प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों के तहत की गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ऐसा था तो कार्यक्रम से कई दिन पहले बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के बैरिकेड लगाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि यदि बैरिकेडिंग पूरी तरह नियमों के अनुरूप थी तो हादसे के बाद उसे हटाने की जरूरत क्यों पड़ी।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
हरीश चौधरी ने इस पूरे मामले को केवल सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि संभावित सुरक्षा चूक और लापरवाही का मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने राजस्थान पुलिस, एनएचएआई और राज्य सरकार से पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच कराने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि यदि जांच में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन या अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भारतमाला हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जाए।