सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Banswara News ›   Green trees were cut to make wire boundary in Banswara hospital responsible washed their hands

Banswara News: अस्पताल में तार की बाउंड्री बनाने के लिए हरे पेड़ों को काटा, जिम्मेदारों ने झाड़ा पल्ला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो Updated Mon, 02 Feb 2026 10:55 PM IST
विज्ञापन
सार

बांसवाड़ा जिला मुख्यालय पर खांदू काॅलोनी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन के बाहर तार की बाउंड्री बनाने के लिए हरे पेड़ों की बलि दे दी गई।

Green trees were cut to make wire boundary in Banswara hospital responsible washed their hands
काटा गया पेड़ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

बांसवाड़ा जिला मुख्यालय पर खांदू काॅलोनी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन के बाहर तार की बाउंड्री बनाने के लिए हरे पेड़ों की बलि दे दी गई। हरे पेड़ों को काटने के लिए तहसीलदार या सक्षम अधिकारी की अनुमति भी नहीं ली गई। सरेआम हरे पेड़ काटने के बावजूद भी प्रशासन ने चुप्पी साध ली। वहीं चिकित्सा विभाग के अधिकारी भी मामले से किनारा करते नजर आए।

Trending Videos


बाउंड्री के बाहर के भी पेड़ काटे गए
खांदू काॅलोनी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का आगामी समय में असेसमेंट होना है। इसके लिए भवन पर रंगरोगन के साथ ही परिसर के प्रवेश द्वार पर तार की बाउंड्री बनाने का कार्य किया गया, लेकिन इस कार्य की आड़ में परिसर में लगे हरे पेड़ों को काट दिया गया। हरियाली पर आरी चलाने के दौरान बाउंड्री से बाहर के पेड़ भी काट दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


चिकित्सक का बेतुका जवाब
हरे पेड़ काटने के मामले को लेकर जब खांदू काॅलोनी सीएचसी के प्रभारी चिकित्सक हरीश कटारा से मीडिया ने सवाल किया तो उन्होंने बेतुका जवाब दिया। पहले तो उन्होंने काम करने वाले पर दोषारोपण किया। इसके बाद बेतुका सा जवाब देते हुए कहा कि पेड़ कटने से क्या देश में ऑक्सीजन की कमी हो गई। वहीं इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. खुशपालसिंह राठौड़ ने कहा कि खांदू काॅलोनी अस्पताल परिसर में हरे पेड़ काटने की जानकारी नहीं है। प्रभारी चिकित्सक से जानकारी लेकर ही कुछ बता पाएंगे।

ये भी पढ़ें: अलवर में सड़क हादसे में दो की मौत, मृतक को लगातार मिल रही थी जान से मारने की धमकी

तहसीलदार भी अनभिज्ञ
किसी भी सार्वजनिक स्थान पर हरे पेड़ काटने के लिए तहसीलदार को प्रार्थना पत्र देकर अनुमति ली जाती है। अनुमति मिलने पर ही पेड़ को काटा जा सकता है। वहीं इस मामले में तहसीलदार हरिनारायण सोनी ने कहा कि उनके कार्यालय से पेड़ काटने की किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed