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Banswara: आदिवासी नेता महेंद्रजीत करेंगे कांग्रेस में घर वापसी! प्रदेश प्रभारी से मुलाकात के बाद अटकलें तेज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jan 2026 05:45 PM IST
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सार
Banswara: पूर्व मंत्री और वागड़ के दिग्गज नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीया एक बार फिर पार्टी बदलने की तैयारी में हैं। सूत्रों के मुताबिक, मकर संक्रांति के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी में यह घर वापसी संभव है। मालवीया एक बार सांसद, चार बार विधायक और राजस्थान में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ मालवीया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए वागड़ के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा से मुलाकात की है। इसके बाद राजनीतिक हलकों में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या मालवीया कांग्रेस में घर वापसी करेंगे। यदि ऐसा होता है, तो यह भाजपा के लिए भी बड़ा झटका हो सकता है।
जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब में हुई मुलाकात
सूत्रों के अनुसार, महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी मौजूद थे। मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि मालवीया एक बार फिर कांग्रेस ज्वाइन कर सकते हैं। उनके साथ उनके समर्थक भी घर वापसी कर सकते हैं।
अशोक गहलोत की मौजूदगी में हो सकती है घर वापसी
सूत्रों का कहना है कि मकर संक्रांति के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बांसवाड़ा आ सकते हैं और इसी दौरान महेंद्रजीत सिंह मालवीया कांग्रेस में लौट सकते हैं। सोशल मीडिया पर मालवीया ने अपनी प्रोफाइल फोटो भी बदल दी है।
1 बार सासंद और 4 बार विधायक रह चुके हैं मालवीया
महेंद्रजीत सिंह मालवीया एक बार सांसद, चार बार विधायक और राजस्थान में कांग्रेस शासन के दौरान कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। भाजपा में शामिल होने से पहले वे उदयपुर संभाग में कांग्रेस के आदिवासी नेतृत्व का बड़ा चेहरा माने जाते थे। 2008 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्हें सीधे कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। इसके बाद वे 2023 तक हुए विधानसभा चुनावों में बांसवाड़ा जिले की बागीदौरा विधानसभा सीट से विधायक रहे। हालांकि 2018 में राजस्थान में कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार में उन्हें ढाई साल बाद मंत्री बनाया गया था। इस लंबे इंतजार के कारण उनके पार्टी के साथ संबंधों में खटास आ गई थी।
भाजपा में शामिल होने और चुनाव में हार
लोकसभा चुनाव से पहले महेंद्रजीत सिंह मालवीया अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा में शामिल होने के 13 दिन बाद ही उन्हें बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार घोषित किया गया। हालांकि चुनाव में भारत आदिवासी पार्टी के राजकुमार रोट ने उन्हें ढाई लाख से अधिक वोटों के अंतर से हराया।
विधायक पद और बागीदौरा उपचुनाव
भाजपा में शामिल होने के कारण उन्हें विधायक पद से इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद बागीदौरा सीट पर उपचुनाव हुआ, जिसमें उन्होंने अपने पसंदीदा कार्यकर्ता को प्रत्याशी बनाया, लेकिन सीट नहीं बचा पाए। उपचुनाव में भारत आदिवासी पार्टी के जयकृष्ण पटेल ने जीत हासिल की।
ये भी पढ़ें: एनडीपीएस केस में फंसाने की धमकी देकर करते थे वसूली, नारकोटिक्स इंस्पेक्टर सहित दलाल पर FIR दर्ज
सरकारी पदों को लेकर अटकलें
लोकसभा चुनाव में हार के बाद भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि मालवीया को राजस्थान सरकार किसी बोर्ड, निगम या आयोग में सम्मानजनक पद दे सकती है। लेकिन सरकार के दो साल बीतने के बाद भी उन्हें कोई पद नहीं मिला।
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जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब में हुई मुलाकात
सूत्रों के अनुसार, महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी मौजूद थे। मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि मालवीया एक बार फिर कांग्रेस ज्वाइन कर सकते हैं। उनके साथ उनके समर्थक भी घर वापसी कर सकते हैं।
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अशोक गहलोत की मौजूदगी में हो सकती है घर वापसी
सूत्रों का कहना है कि मकर संक्रांति के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बांसवाड़ा आ सकते हैं और इसी दौरान महेंद्रजीत सिंह मालवीया कांग्रेस में लौट सकते हैं। सोशल मीडिया पर मालवीया ने अपनी प्रोफाइल फोटो भी बदल दी है।
1 बार सासंद और 4 बार विधायक रह चुके हैं मालवीया
महेंद्रजीत सिंह मालवीया एक बार सांसद, चार बार विधायक और राजस्थान में कांग्रेस शासन के दौरान कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। भाजपा में शामिल होने से पहले वे उदयपुर संभाग में कांग्रेस के आदिवासी नेतृत्व का बड़ा चेहरा माने जाते थे। 2008 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्हें सीधे कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। इसके बाद वे 2023 तक हुए विधानसभा चुनावों में बांसवाड़ा जिले की बागीदौरा विधानसभा सीट से विधायक रहे। हालांकि 2018 में राजस्थान में कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार में उन्हें ढाई साल बाद मंत्री बनाया गया था। इस लंबे इंतजार के कारण उनके पार्टी के साथ संबंधों में खटास आ गई थी।
भाजपा में शामिल होने और चुनाव में हार
लोकसभा चुनाव से पहले महेंद्रजीत सिंह मालवीया अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा में शामिल होने के 13 दिन बाद ही उन्हें बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार घोषित किया गया। हालांकि चुनाव में भारत आदिवासी पार्टी के राजकुमार रोट ने उन्हें ढाई लाख से अधिक वोटों के अंतर से हराया।
विधायक पद और बागीदौरा उपचुनाव
भाजपा में शामिल होने के कारण उन्हें विधायक पद से इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद बागीदौरा सीट पर उपचुनाव हुआ, जिसमें उन्होंने अपने पसंदीदा कार्यकर्ता को प्रत्याशी बनाया, लेकिन सीट नहीं बचा पाए। उपचुनाव में भारत आदिवासी पार्टी के जयकृष्ण पटेल ने जीत हासिल की।
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सरकारी पदों को लेकर अटकलें
लोकसभा चुनाव में हार के बाद भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि मालवीया को राजस्थान सरकार किसी बोर्ड, निगम या आयोग में सम्मानजनक पद दे सकती है। लेकिन सरकार के दो साल बीतने के बाद भी उन्हें कोई पद नहीं मिला।