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Baran News: भाजपा विधायक का गनमैन निकला डोडा चूरा तस्कर, 7 महीने से फरार, जिला पुलिस ने नौकरी से बर्खास्त किया
Sat, 30 May 2026 01:59 PM IST
बारां ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारां
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारां
Published by: बारां ब्यूरो
Updated Sat, 30 May 2026 01:59 PM IST
सार
बारां पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के मामले में पूर्व विधायक के गनमैन रहे एक हैड कांस्टेबल को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। आरोपी पर 97 किलो से अधिक डोडा चूरा तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है।
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पूर्व भाजपा विधायक का गनमैन डोडाचूरा तस्कर निकला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बारां पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के मामले में पूर्व विधायक के गनमैन रहे एक हैड कांस्टेबल को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। आरोपी पर 97 किलो से अधिक डोडा चूरा तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है।
अवैध मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क में संलिप्तता पाए जाने के बाद बारां जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस हैड कांस्टेबल शंकरराम को तत्काल प्रभाव से राज्य सेवा से बर्खास्त कर दिया है। आरोपी पर पद का दुरुपयोग कर अंतरराज्यीय तस्करों के साथ मिलीभगत करने और 97 किलो से अधिक डोडा चूरा की तस्करी में मदद करने का आरोप है। आरोपी पिछले सात महीनों से फरार चल रहा है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि सदर थाना पुलिस ने 29 अक्टूबर 2025 को एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए एक कार से 97 किलो 110 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा जब्त किया था। मामले की जांच के दौरान सामने आया कि हैड कांस्टेबल शंकरराम कथित रूप से अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करों के संपर्क में था और अपने परिचितों के माध्यम से अवैध खेप को नागौर तक पहुंचाने में सहयोग कर रहा था।
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तस्करी प्रकरण में नाम सामने आने के बाद से ही शंकरराम ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहा था। विभाग की ओर से उसे कई बार नोटिस जारी कर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। पुलिस टीमों ने उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर न्यायालय से पुलिस एक्ट की धारा 37 के तहत गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया गया।
एसपी ने बताया कि आरोपी ने कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले विभाग में रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया और पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाया। ऐसे कर्मचारी को सेवा में बनाए रखना विभागीय हित में नहीं होने के कारण उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार शंकरराम मूल रूप से नागौर जिले के बुटाटी गांव का निवासी है और करीब 27 वर्ष पहले पुलिस सेवा में भर्ती हुआ था। वह लंबे समय तक बारां जिले में पदस्थ रहा। बताया जाता है कि वर्ष 2003 के बाद विभिन्न कार्यकालों में छबड़ा से विधायक रहे प्रताप सिंह सिंघवी के साथ वह लंबे समय तक गनमैन के रूप में भी तैनात रहा था। 29 अक्टूबर 2025 को एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में नाम सामने आने के बाद से ही वह फरार चल रहा है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है और मामले की जांच जारी है।
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अवैध मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क में संलिप्तता पाए जाने के बाद बारां जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस हैड कांस्टेबल शंकरराम को तत्काल प्रभाव से राज्य सेवा से बर्खास्त कर दिया है। आरोपी पर पद का दुरुपयोग कर अंतरराज्यीय तस्करों के साथ मिलीभगत करने और 97 किलो से अधिक डोडा चूरा की तस्करी में मदद करने का आरोप है। आरोपी पिछले सात महीनों से फरार चल रहा है।
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पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि सदर थाना पुलिस ने 29 अक्टूबर 2025 को एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए एक कार से 97 किलो 110 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा जब्त किया था। मामले की जांच के दौरान सामने आया कि हैड कांस्टेबल शंकरराम कथित रूप से अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करों के संपर्क में था और अपने परिचितों के माध्यम से अवैध खेप को नागौर तक पहुंचाने में सहयोग कर रहा था।
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तस्करी प्रकरण में नाम सामने आने के बाद से ही शंकरराम ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहा था। विभाग की ओर से उसे कई बार नोटिस जारी कर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। पुलिस टीमों ने उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर न्यायालय से पुलिस एक्ट की धारा 37 के तहत गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया गया।
एसपी ने बताया कि आरोपी ने कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले विभाग में रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया और पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाया। ऐसे कर्मचारी को सेवा में बनाए रखना विभागीय हित में नहीं होने के कारण उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार शंकरराम मूल रूप से नागौर जिले के बुटाटी गांव का निवासी है और करीब 27 वर्ष पहले पुलिस सेवा में भर्ती हुआ था। वह लंबे समय तक बारां जिले में पदस्थ रहा। बताया जाता है कि वर्ष 2003 के बाद विभिन्न कार्यकालों में छबड़ा से विधायक रहे प्रताप सिंह सिंघवी के साथ वह लंबे समय तक गनमैन के रूप में भी तैनात रहा था। 29 अक्टूबर 2025 को एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में नाम सामने आने के बाद से ही वह फरार चल रहा है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है और मामले की जांच जारी है।