बाड़मेर में लापता नाबालिग का मामला गरमाया: चार महीने बाद भी सुराग नहीं, विधायक भाटी ने शिव थाने का किया घेराव
Barmer News: बाड़मेर के शिव क्षेत्र में 14 वर्षीय नाबालिग चार महीने से लापता है। कार्रवाई न होने पर विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने परिवार और ग्रामीणों के साथ थाने का घेराव किया। प्रशासन से त्वरित कार्रवाई और सुरक्षित बरामदगी की मांग की गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बाड़मेर जिले के शिव थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय नाबालिग के पिछले चार महीने से लापता होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार के साथ समाज के लोगों में लगातार आक्रोश बढ़ रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को पीड़ित परिवार ने समाज के लोगों के साथ शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई, जिसके बाद मामला और गरमा गया।
विधायक के नेतृत्व में थाने का घेराव
मुलाकात के बाद विधायक रविंद्र सिंह भाटी पीड़ित परिवार और समाज के लोगों के साथ शिव थाने पहुंचे और घेराव किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे। हालात को देखते हुए थाने के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और पुलिस के जवान तैनात किए गए।
घटना को बताया गंभीर और संवेदनशील
विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने इस मामले को अत्यंत चिंताजनक और संवेदनशील बताते हुए कहा कि 14 वर्षीय नाबालिग बालिका चार महीने से लापता है, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने इसे अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
भाटी ने आरोप लगाया कि यदि किसी बड़े अधिकारी का पशु भी गायब हो जाए तो पूरा प्रशासन सक्रिय हो जाता है, लेकिन एक गरीब परिवार की बेटी चार महीने से लापता है और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई। उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता बताते हुए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति करार दिया।
पढ़ें- भारत-पाकिस्तान सीमा पर क्यों हुई सख्ती?: छह शहरों के 3 किमी क्षेत्र पर पाबंदी, बिना अनुमति किसी को प्रवेश नहीं
तत्काल कार्रवाई और बरामदगी की मांग
घेराव के दौरान विधायक ने प्रशासन से मांग की कि मामले में तुरंत गंभीरता दिखाते हुए शीघ्र कार्रवाई की जाए और बालिका की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में देरी पीड़ित परिवार की चिंता को और बढ़ाती है।
परिजनों की लगातार गुहार, अब तक खाली हाथ
बालिका के परिजन पिछले तीन-चार महीनों से लगातार पुलिस और प्रशासन के पास गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इससे परिवार की चिंता और बेचैनी बढ़ती जा रही है। इसी कारण समाज के लोगों के साथ मिलकर उन्होंने यह कदम उठाया।