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Bharatpur: 'काश जन्म लेते ही मर जाता', जगन हत्याकांड के आरोपी के पिता बोले- अब न जेल जाऊंगा, न वकील करूंगा
Wed, 01 Jul 2026 08:20 PM IST
भरतपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
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Published by: भरतपुर ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jul 2026 08:20 PM IST
सार
बेटे के अपराधों से टूट चुके विष्णु अजान के पिता ने भावुक होकर कहा कि काश वह जन्म लेते ही मर जाता तो इतना दुख नहीं होता। जगन गुर्जर हत्याकांड में नाम आने के बाद उन्होंने कहा कि अब उनका उससे कोई रिश्ता नहीं है।
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आरोपी विष्णु के पिता का दर्द छलका
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के आरोपी और कुलदीप जघीना हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में शामिल विष्णु अजान के पिता रामबाबू सिंह का दर्द आखिरकार छलक पड़ा। बेटे के लगातार आपराधिक मामलों में नाम आने से आहत पिता ने कहा, "जैसा करेगा, वैसा भरेगा। काश जन्म लेते ही मर जाता तो सिर्फ मलाल होता, लेकिन आज उसने पूरे परिवार को समाज के सामने शर्मिंदा कर दिया। अब न उससे मिलने जेल जाऊंगा और न ही उसके लिए कोई वकील करूंगा। हमारा उससे अब कोई संबंध नहीं है।"
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रामबाबू सिंह ने बताया कि उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि जिस बेटे के जन्म पर परिवार ने खुशियां मनाई थीं, वही बड़ा होकर अपराध की दुनिया में चला जाएगा। उन्होंने कहा कि बचपन से ही विष्णु गलत संगत में पड़ गया था। परिवार के सभी लोगों ने उसे समझाने की कोशिश की, यहां तक कि गांव के सरपंच ने भी कई बार समझाया, लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी।
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उन्होंने बताया कि विष्णु गांव से मजदूरी करने की बात कहकर भरतपुर जाता था लेकिन वहां अपराधियों की संगत में पड़ गया। वर्ष 2023 में वे एक बार उससे जेल में मिलने भी गए थे। उस समय विष्णु ने अपराध का रास्ता छोड़ने का वादा किया था लेकिन जेल से बाहर आने के बाद वह फिर गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया।
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आर्थिक तंगी में गुजर रहा परिवार
रामबाबू सिंह ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। वे और उनके बड़े भाई दयाराम राजमिस्त्री का काम करते हैं, जबकि विष्णु के दोनों भाई मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार के पास केवल एक बीघा कृषि भूमि है और रोजमर्रा का खर्च मजदूरी से चलता है। ग्रामीणों के अनुसार कई बार परिवार को रोज का आटा भी खरीदकर लाना पड़ता है।
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भैंस चोरी से शुरू हुआ अपराध का सफर
ग्रामीणों के अनुसार विष्णु ने शुरुआत गांव से भैंस चोरी की घटनाओं से की। आरोप है कि वह चोरी की भैंसें बेचकर नशे की लत पूरी करता था। कई बार समझाने और कार्रवाई के बावजूद उसकी गतिविधियां नहीं बदलीं। बाद में उसने शहर में बाइक चोरी की घटनाओं को अंजाम देना शुरू किया और कई मामलों में गिरफ्तार होकर सेवर जेल पहुंचा। पुलिस जांच के अनुसार सेवर जेल में विष्णु की मुलाकात कृपाल जघीना गैंग के सदस्यों से हुई। आरोप है कि गैंग ने उसकी जमानत कराई और बाद में उसे अपने साथ शामिल कर लिया।
पिता ने कहा- अब उससे कोई संबंध नहीं
पुलिस के मुताबिक 11 जुलाई 2023 को कुलदीप जघीना की कोर्ट पेशी के दौरान विष्णु को रैकी की जिम्मेदारी दी गई थी। अगले दिन 12 जुलाई 2023 को जयपुर से भरतपुर लाई जा रही रोडवेज बस में वह भी सवार था। जांच के अनुसार उसने गैंग को लगातार लोकेशन की जानकारी दी और आमोली टोल प्लाजा के पास हुए हमले में कुलदीप जघीना पर पहली गोली चलाई थी। अब अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में भी विष्णु अजान का नाम सामने आने के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका है। पिता रामबाबू सिंह का कहना है कि अब उनका बेटे से कोई संबंध नहीं है और कानून अपना काम करेगा।
उल्लेखनीय है कि कुलदीप जघीना की हत्या 4 सितंबर 2022 को कृपाल सिंह जघीना की हत्या का बदला लेने की साजिश के तहत की गई थी। पुलिस जांच में अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल से मोबाइल फोन के जरिए साजिश रचे जाने की बात भी सामने आई थी, जिसके आधार पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर कार्रवाई की गई।