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Rajasthan: बारिश में भीगती रही चिता, तिरपाल तानकर हुआ अंतिम संस्कार; डीग की तस्वीर ने सरकारी दावों की खोली पोल
Tue, 04 Aug 2026 09:17 PM IST
भरतपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
Published by: भरतपुर ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2026 09:17 PM IST
सार
Rajasthan: राजस्थान के डीग जिले के पीपलखेड़ा गांव में 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान घाट पर टीनशेड नहीं होने से परिजनों और ग्रामीणों को भारी बारिश में तिरपाल के सहारे अंतिम संस्कार करना पड़ा। घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
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भारी बारिश में महिला का अंतिम संस्कार करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डीग जिले के कामां-पहाड़ी क्षेत्र के पीपलखेड़ा गांव से मानवता को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान घाट पर बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने सरकारी दावों की पोल खोल दी। टीनशेड नहीं होने के कारण मूसलाधार बारिश के बीच परिजनों और ग्रामीणों को तिरपाल के सहारे अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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बारिश और आंधी ने बढ़ाई मुश्किलें
ग्रामीणों के अनुसार, 90 वर्षीय सोभली का निधन होने के बाद परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए शव को श्मशान घाट लेकर पहुंचे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश और आंधी-तूफान शुरू हो गया। श्मशान घाट पर पक्का टीनशेड नहीं होने के कारण अंतिम संस्कार की प्रक्रिया बेहद कठिन हो गई और सभी लोग बारिश से बचने के लिए जूझते रहे।
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तिरपाल से चिता बचाने की कोशिश भी नाकाम
बारिश से चिता और शव को बचाने के लिए ग्रामीणों ने तिरपाल का इंतजाम कर जलती चिता के ऊपर तानने का प्रयास किया, लेकिन तेज हवा और मूसलाधार बारिश के कारण यह कोशिश सफल नहीं हो सकी। बारिश के कारण चिता और शव भीग गए, जिससे परिजनों और वहां मौजूद लोगों की पीड़ा और बढ़ गई।
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बारिश थमने का करना पड़ा इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि जब तिरपाल के सहारे भी अंतिम संस्कार संभव नहीं हो पाया तो मजबूरन उन्हें बारिश रुकने का लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान अंतिम यात्रा में शामिल सभी लोग खुले आसमान के नीचे भीगते रहे और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया बाधित रही।
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ग्रामीणों ने उठाई टीनशेड बनाने की मांग
घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के दशकों बाद भी श्मशान घाट पर टीनशेड जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पीपलखेड़ा श्मशान घाट पर जल्द से जल्द पक्का टीनशेड और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को ऐसी पीड़ादायक स्थिति का सामना न करना पड़े।