{"_id":"67e6e60b68c96ec7cb000ed4","slug":"maharaja-surajmal-brij-university-vc-prof-ramesh-chandra-suspended-bharatpur-news-c-29-1-agr1017-375014-2025-03-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bharatpur News: महाराजा सूरजमल बृज विवि के वीसी प्रो. रमेश चंद्रा निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bharatpur News: महाराजा सूरजमल बृज विवि के वीसी प्रो. रमेश चंद्रा निलंबित
विज्ञापन
प्रो. रमेश चन्द्रा
- फोटो : प्रो. रमेश चन्द्रा
-
- 1
-
Link Copied
विज्ञापन
भरतपुर। राजस्थान के राज्यपाल व महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय, भरतपुर के कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमेश चन्द्रा को उनके पद से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई अनियमितताओं और अवैधानिक कार्यों के आरोपों की पुष्टि होने की रिपोर्ट सामने आने के बाद की गई। राजस्थान पशुचिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, जोबनेर के कुलपति प्रो. त्रिभुवन शर्मा को बृज विवि के वीसी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
राजभवन से जारी आदेशों में बताया गया है कि प्रो. रमेश चन्द्रा को 8 मार्च 2023 को कुलपति नियुक्त किया गया था। हाल ही में संभागीय आयुक्त को उनकी कार्यशैली की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया कि प्रो. रमेश चन्द्रा के खिलाफ लगे आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से महाविद्यालय की संबद्धता निरस्तीकरण अधिसूचना को अवैधानिक तरीके से रद्द करवाने और श्री एसएन कॉलेज, हलैना के विरुद्ध कार्रवाई रोकने संबंधी मामले शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त प्रो. चन्द्रा के खिलाफ प्राप्त अन्य शिकायतों की विस्तृत जांच के लिए 7 मार्च 2025 को एक समिति गठित की गई थी, जिसकी अध्यक्षता संभागीय आयुक्त, भरतपुर कर रहे हैं। यह जांच प्रक्रियाधीन है।
राजस्थान विश्वविद्यालय अधिनियम, 2012 की धारा 11(3) के तहत नए कुलपति की नियमित नियुक्ति होने में समय लग सकता है, इसलिए विश्वविद्यालय के कार्यों को बाधित होने से बचाने के लिए प्रो. शर्मा को यह जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें राज्य सरकार की सलाह प्राप्त होने तक अंतरिम व्यवस्था के तहत कुलपति पद के कार्यों को संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
Trending Videos
राजभवन से जारी आदेशों में बताया गया है कि प्रो. रमेश चन्द्रा को 8 मार्च 2023 को कुलपति नियुक्त किया गया था। हाल ही में संभागीय आयुक्त को उनकी कार्यशैली की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया कि प्रो. रमेश चन्द्रा के खिलाफ लगे आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से महाविद्यालय की संबद्धता निरस्तीकरण अधिसूचना को अवैधानिक तरीके से रद्द करवाने और श्री एसएन कॉलेज, हलैना के विरुद्ध कार्रवाई रोकने संबंधी मामले शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके अतिरिक्त प्रो. चन्द्रा के खिलाफ प्राप्त अन्य शिकायतों की विस्तृत जांच के लिए 7 मार्च 2025 को एक समिति गठित की गई थी, जिसकी अध्यक्षता संभागीय आयुक्त, भरतपुर कर रहे हैं। यह जांच प्रक्रियाधीन है।
राजस्थान विश्वविद्यालय अधिनियम, 2012 की धारा 11(3) के तहत नए कुलपति की नियमित नियुक्ति होने में समय लग सकता है, इसलिए विश्वविद्यालय के कार्यों को बाधित होने से बचाने के लिए प्रो. शर्मा को यह जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें राज्य सरकार की सलाह प्राप्त होने तक अंतरिम व्यवस्था के तहत कुलपति पद के कार्यों को संभालने के निर्देश दिए गए हैं।