पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Bikaner News ›   Bikaner Cyber Fraud Unmasked How This Inter-State Gang Used Gold Loans to Launder 25 Lakhs

साइबर फ्रॉड का खेल बेनकाब: बीकानेर पुलिस ने पकड़ा शातिर ठग; कैसे सोने की आड़ में सफेद हो रही थी ठगी की रकम?

Fri, 03 Jul 2026 11:39 AM IST
बीकानेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर Published by: बीकानेर ब्यूरो Updated Fri, 03 Jul 2026 11:39 AM IST
सार

बीकानेर साइबर थाना पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है, जो साइबर ठगी की रकम को गोल्ड लोन खातों के जरिए वैध बैंकिंग लेनदेन जैसा दिखाता था। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर 25 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन और नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।

विज्ञापन
Bikaner Cyber Fraud Unmasked How This Inter-State Gang Used Gold Loans to Launder 25 Lakhs
साइबर ठगी का नया खेल बेनकाब - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

राजस्थान के बीकानेर में साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह साइबर अपराध से प्राप्त रकम को गोल्ड लोन खातों के माध्यम से वैध बैंकिंग लेनदेन का रूप देने का प्रयास कर रहा था। मामले में बज्जू क्षेत्र के मिठड़िया गांव निवासी 35 वर्षीय सुनील ज्याणी को गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से एक स्विफ्ट कार और तीन महंगे मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
विज्ञापन


गोल्ड लोन खातों का ऐसे किया जाता था इस्तेमाल
जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि जांच में सामने आया कि गिरोह सबसे पहले परिचितों या अन्य लोगों के नाम पर सोना गिरवी रखकर गोल्ड लोन लेता था। लोन की राशि संबंधित बैंक खातों में जमा होती थी। इसके बाद देशभर में सक्रिय साइबर अपराधी विभिन्न तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बनाते और ठगी से मिली रकम सीधे सामान्य खातों में भेजने के बजाय इन गोल्ड लोन खातों में जमा कराते थे।
विज्ञापन


लोन चुकाकर वापस ले लेते थे सोना
पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी से जमा की गई राशि से गोल्ड लोन का भुगतान कर दिया जाता था। लोन बंद होने के बाद गिरवी रखा सोना वापस ले लिया जाता या उसी सोने के आधार पर दोबारा नया लोन ले लिया जाता था। इस पूरी प्रक्रिया से ठगी की रकम सामान्य बैंकिंग लेनदेन जैसी दिखाई देने लगती थी। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने करीब 56 ग्राम सोना गिरवी रखकर कई बार गोल्ड लोन लिया। इन खातों में साइबर अपराध से जुड़ी लगभग 25 लाख रुपये की राशि जमा हुई, जिसे बाद में बैंक खातों के जरिए निकाला गया। इसके बदले आरोपी और उसके सहयोगियों को कमीशन भी मिलता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


तकनीकी खामी का उठाया फायदा
एसपी ने बताया कि सामान्य बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन मिलने पर उन्हें फ्रीज या लियन किया जा सकता है, लेकिन गोल्ड लोन कंपनियों के कुछ विशेष खातों में तत्काल ऐसी कार्रवाई संभव नहीं होती। गिरोह इसी तकनीकी व्यवस्था का फायदा उठाकर साइबर ठगी की रकम को जांच एजेंसियों की निगरानी से बचाने की कोशिश करता था।


ये भी पढ़ें-  Rajasthan Crime News: राजस्थान में झूठी FIR कराने वालों को जेल की सजा; 1870 मामलों में कोर्ट ने लिया संज्ञान

पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस का कहना है कि यह अपनी तरह का एक अनोखा मामला है, जिसमें कथित तौर पर साइबर ठगी की रकम को गोल्ड लोन खातों के जरिए वैध दिखाने की सुनियोजित प्रक्रिया सामने आई है। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और सहयोगियों की तलाश कर रही है। मामले की जांच जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed