Bundi: बूंदी में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, वाटर कैनन और हल्के बल प्रयोग के बाद अशोक चांदना हिरासत में
बूंदी में किसानों के मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने विधायक अशोक चांदना के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट घेराव किया। पुलिस से धक्का-मुक्की के बाद वाटर कैनन और हल्का बल प्रयोग हुआ। चांदना समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया, जबकि कई पुलिसकर्मी और कार्यकर्ता घायल हुए।
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जिले में किसानों के विभिन्न मुद्दों को लेकर सोमवार को कांग्रेस ने जिला मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन किया। पूर्व मंत्री और हिंडोली विधायक अशोक चांदना के नेतृत्व में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण आजाद पार्क से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। अहिंसा सर्किल पर पुलिस द्वारा लगाए गए तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे को पार करने के प्रयास में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच करीब 40 मिनट तक तीखी झड़प हुई।
कलेक्ट्रेट के बाहर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन चलता रहा। इस दौरान धक्का-मुक्की, तीखी नोकझोंक और नारेबाजी होती रही। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और वाटर कैनन से पानी की बौछार कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी और कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हो गए। इसके बाद विधायक अशोक चांदना सहित कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर कोतवाली थाने पहुंचाया गया।
प्रदर्शन को देखते हुए सुबह से ही शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। महावीर सर्किल, कलेक्ट्रेट और आसपास के क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। बड़ी संख्या में पुलिस जवान, पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात रहे। सुरक्षा के लिए तीन स्तरीय बैरिकेडिंग की गई थी। साथ ही वाटर कैनन और वज्र जैसे दंगा नियंत्रण वाहनों को भी तैयार रखा गया था।
प्रदर्शन से पहले आजाद पार्क में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए विधायक अशोक चांदना ने प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली है और कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि बूंदी जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों से हजारों लोग इस योजना के विरोध में एकजुट होकर सड़कों पर उतरे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में किसानों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा।
सभा के बाद विधायक अशोक चांदना, केशवरायपाटन विधायक सीएल प्रेमी, कांग्रेस नेता सत्येश शर्मा, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष निशांत नुवाल, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रवती कंवर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता रैली के रूप में कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। प्रदर्शनकारी सरकार विरोधी नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। महावीर सर्किल पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रैली को रोक दिया। पहले पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच बातचीत हुई, लेकिन सहमति नहीं बनने पर कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए।
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इस दौरान उपखंड अधिकारी लक्ष्मीकांत तथा विद्युत विभाग के कार्यवाहक अधीक्षण अभियंता राजेंद्र बैरवा भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और करीब 20 मिनट तक वार्ता की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद प्रदर्शनकारी फिर कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस के तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे को पार नहीं कर सके। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और हल्का बल प्रयोग करते हुए भीड़ को पीछे धकेला।
घटनाक्रम के दौरान पुलिस ने विधायक अशोक चांदना को हिरासत में लेकर जीप में बैठाया और कोतवाली थाने ले गई। चांदना को हिरासत में लिए जाने पर उनके समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की। अशोक चांदना ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रही जनता की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए कहा कि जनता के मुद्दों को विधानसभा में पूरी मजबूती से उठाया जाएगा।
करीब दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण कलेक्ट्रेट क्षेत्र और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से वाहनों की आवाजाही कराई। पूरे घटनाक्रम में कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हुए।
किसी भी हालत में प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट नहीं जाने देना था : एएसपी संजय सिंह चंपावत
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय सिंह चंपावत ने बताया कि कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था कर रखी थी। कलेक्ट्रेट की सुरक्षा के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग और पुलिस बल तैनात किया गया था। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट परिसर की ओर बढ़ने की अनुमति नहीं दी जानी थी।
उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों से वार्ता का प्रयास भी किया गया, लेकिन बातचीत सफल नहीं हो सकी। इसके बाद जब प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करते हुए कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।