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Chittorgarh News: कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा का मेवाड़ यूनिवर्सिटी पर औचक निरीक्षण, फर्जीवाड़े की थी शिकायत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,चित्तौड़गढ़
Published by: चित्तौड़गढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 29 Jul 2025 04:01 PM IST
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सार
राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने चित्तौड़गढ़ की मेवाड़ यूनिवर्सिटी में कृषि डिग्री और डिप्लोमा कोर्सों में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। बिना पढ़ाई और पारदर्शिता के पैसे लेकर डिग्री देने के आरोपों पर मंत्री ने जांच करवाई और एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है।
चित्तौड़गढ़ की मेवाड़ यूनिवर्सिटी में जांच के लिए पहुंचे कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा।
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विस्तार
राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा मंगलवार को अचानक चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार स्थित मेवाड़ यूनिवर्सिटी पहुंचे। पहले से मिली शिकायतों के आधार पर कृषि मंत्री ने जब मौके पर हकीकत देखी, तो नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा कि यह संस्थान "भविष्य बर्बादी की फैक्ट्री" बन चुका है। मंत्री ने कहा कि यहां छात्रों को बिना पढ़ाई और बिना पारदर्शी परीक्षा के पैसे लेकर डिग्रियां दी जा रही हैं, जिससे युवा किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में अयोग्य हो जाते हैं।
डिग्री के नाम पर चल रहा गोरखधंधा
मंत्री के साथ मौजूद एक छात्र ने बताया कि एक साल के डिप्लोमा कोर्स में केवल दो घंटे की पढ़ाई हुई, बाकी सब सिर्फ पैसे लेकर डिग्री बांटी गई। मौके पर कृषि मंत्री ने बीएससी एग्रीकल्चर के छात्रों से बातचीत की और दस्तावेजों की जांच करवाई। विभागीय अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी से संबंधित कागजात अपने कब्जे में ले लिए।
ये भी पढ़ें: Udaipur News: सरकारी स्कूल में फिर भरभराकर गिरे दो कमरे, रात में हादसा होने से बच गई मासूमों की जानें
मंत्री का सख्त रुख, दर्ज होगा आपराधिक मामला
मंत्री मीणा ने घोषणा की कि इस पूरे मामले में कृषि विभाग के माध्यम से एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी और एसओजी (विशेष अभियान समूह) से भी जवाब तलब किया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले एसओजी ने यहां जांच की थी, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
आईसीएआर से मान्यता अब तक नहीं ली
डॉ. मीणा ने खुलासा किया कि यूनिवर्सिटी ने एक साल पहले सरकार को शपथ पत्र दिया था कि वह ICAR (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) से मान्यता लेगी, लेकिन अब तक ऐसा नहीं किया गया। बीएससी एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर और डिप्लोमा कोर्सों में भी फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आई हैं।
दलालों के ज़रिए 50 हजार लेकर दी गई डिग्री
बीकानेर के छात्र स्वतंत्र बिश्नोई ने मंत्री को बताया कि वह कॉमर्स स्ट्रीम से हैं, फिर भी एक दलाल ने 50 हजार रुपये लेकर उन्हें यूनिवर्सिटी भेजा। न कोई क्लास ली गई, न पढ़ाई करवाई गई – सीधा परीक्षा देने बुलाया गया और बिना कुछ लिखे फर्स्ट डिवीजन में पास कर डिग्री दे दी गई।
मंत्री बोले – दोषियों को नहीं बख्शेंगे
मीडिया से बातचीत में कृषि मंत्री ने कहा कि ऐसी यूनिवर्सिटियां युवाओं और किसानों के भविष्य के साथ धोखा कर रही हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, "सरकार पूरी सख्ती बरतेगी और दोषियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा।"
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डिग्री के नाम पर चल रहा गोरखधंधा
मंत्री के साथ मौजूद एक छात्र ने बताया कि एक साल के डिप्लोमा कोर्स में केवल दो घंटे की पढ़ाई हुई, बाकी सब सिर्फ पैसे लेकर डिग्री बांटी गई। मौके पर कृषि मंत्री ने बीएससी एग्रीकल्चर के छात्रों से बातचीत की और दस्तावेजों की जांच करवाई। विभागीय अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी से संबंधित कागजात अपने कब्जे में ले लिए।
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मंत्री का सख्त रुख, दर्ज होगा आपराधिक मामला
मंत्री मीणा ने घोषणा की कि इस पूरे मामले में कृषि विभाग के माध्यम से एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी और एसओजी (विशेष अभियान समूह) से भी जवाब तलब किया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले एसओजी ने यहां जांच की थी, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
आईसीएआर से मान्यता अब तक नहीं ली
डॉ. मीणा ने खुलासा किया कि यूनिवर्सिटी ने एक साल पहले सरकार को शपथ पत्र दिया था कि वह ICAR (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) से मान्यता लेगी, लेकिन अब तक ऐसा नहीं किया गया। बीएससी एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर और डिप्लोमा कोर्सों में भी फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आई हैं।
दलालों के ज़रिए 50 हजार लेकर दी गई डिग्री
बीकानेर के छात्र स्वतंत्र बिश्नोई ने मंत्री को बताया कि वह कॉमर्स स्ट्रीम से हैं, फिर भी एक दलाल ने 50 हजार रुपये लेकर उन्हें यूनिवर्सिटी भेजा। न कोई क्लास ली गई, न पढ़ाई करवाई गई – सीधा परीक्षा देने बुलाया गया और बिना कुछ लिखे फर्स्ट डिवीजन में पास कर डिग्री दे दी गई।
मंत्री बोले – दोषियों को नहीं बख्शेंगे
मीडिया से बातचीत में कृषि मंत्री ने कहा कि ऐसी यूनिवर्सिटियां युवाओं और किसानों के भविष्य के साथ धोखा कर रही हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, "सरकार पूरी सख्ती बरतेगी और दोषियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा।"