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Chittorgarh News: चित्तौड़ दुर्ग की तलहटी में बरसों बाद दिखा भालू, वन विभाग ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
Published by: चित्तौड़गढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 23 May 2025 12:55 PM IST
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सार
चित्तौड़गढ़ किले की तलहटी में भालू दिखाई देने के बाद वन विभाग की टीम उसके रेस्क्यू में जुट गई है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हो सकता ये भालू बस्सी वन क्षेत्र से यहां पहुंचा हो।
चितौड़गढ़ दुर्ग की तलहटी में दिखाई दिया भालू।
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विस्तार
विश्व विख्यात चित्तौड़ दुर्ग की तलहटी में कल एक भालू देखा गया। एक बार तो लोगों को विश्वास ही नहीं हुआ कि यहां भालू भी आ सकता है। यहां ड्यूटी पर सिक्यूरिटी गार्ड ने इसके फोटो एवं वीडियो बनाए। जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सर्च अभियान चलाया जा रहा है। भालू के बस्सी सेंचुरी क्षेत्र से आने की संभावना जताई जा रही है। वहीं वर्षों बाद चित्तौड़ दुर्ग की तलहटी में भालू दिखाई देना लोगों के लिए आश्चर्य की बात बनकर सामने आई।
जानकारी में सामने आया कि शुक्रवार को दुर्ग की तलहटी में सूरजपोल के यहां लोग मॉर्निंग वॉक कर रहे थे, तभी उन्हें भालू दिखाई दिया तो वे चिल्लाए। साथ ही सिक्यूरिटी गार्ड को भी सूचना दी। इस पर दो सिक्यूरिटी गार्ड मौके पर पहुंचे और भालू के वीडियो बनाकर भेजे। शोर-शराबे के बीच भालू पास ही झाड़ियां में ओझल हो गया। अब वन विभाग की टीम दुर्ग की तलहटी में भालू की तलाश में जुटी हुई है। यहां से भालू रेस्क्यू हो जाता है तो उसे उसके प्राकृतिक आवास पर छोड़ा जाएगा।
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गार्ड द्वारा बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। चित्तौड़ दुर्ग के तलहटी में अमूमन पैंथर सहित अन्य वन्य जीवों का मूवमेंट होता रहा है लेकिन भालू कई वर्षों बाद दिखाई दिया है। इस संबंध में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मुकेश सैनी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि 40 साल पहले तक भालू के चित्तौड़गढ़ शहर के आसपास या तलहटी में दिखाई दिया हो इसकी जानकारी नहीं है। कहीं से यह रास्ता भटककर जंगल में होते हुए यहां तक पहुंचा हो सकता है।
भालू के मूवमेंट को लेकर वन विभाग के अधिकारियों से बात करने पर जानकारी सामने आई कि किसी समय बस्सी सेंचुरी के आमझरिया में भालू देखे गए थे, जो चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय से करीब 40-50 किलोमीटर दूर है। वहीं भैंसरोडगढ़ और रावतभाटा के घने जंगलों में भी भालू हैं। ऐसे में इस क्षेत्र से भालू घूमते हुए चित्तौड़ दुर्ग की तलहटी में आने की संभावना है।
भालू को लेकर दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इसमें एक वीडियो में वह दुर्ग की प्राचीन से नीचे उतरा तथा सूरजपोल से दुर्ग की ओर चढ़ाई करते हुए दिख रहा है। वहीं दूसरे वीडियो में वह झाड़ियों की तरफ भागते हुए दिखाई दिया। यह वीडियो सूरजपोल वाले रास्ते पर तीसरे गेट के पास का बताया जा रहा है। इसके बाद करीब 4 घंटे में अब तक भालू पुनः नहीं दिखा है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर वन विभाग की टीम तलाश में जुटी हुई है।
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जानकारी में सामने आया कि शुक्रवार को दुर्ग की तलहटी में सूरजपोल के यहां लोग मॉर्निंग वॉक कर रहे थे, तभी उन्हें भालू दिखाई दिया तो वे चिल्लाए। साथ ही सिक्यूरिटी गार्ड को भी सूचना दी। इस पर दो सिक्यूरिटी गार्ड मौके पर पहुंचे और भालू के वीडियो बनाकर भेजे। शोर-शराबे के बीच भालू पास ही झाड़ियां में ओझल हो गया। अब वन विभाग की टीम दुर्ग की तलहटी में भालू की तलाश में जुटी हुई है। यहां से भालू रेस्क्यू हो जाता है तो उसे उसके प्राकृतिक आवास पर छोड़ा जाएगा।
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गार्ड द्वारा बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। चित्तौड़ दुर्ग के तलहटी में अमूमन पैंथर सहित अन्य वन्य जीवों का मूवमेंट होता रहा है लेकिन भालू कई वर्षों बाद दिखाई दिया है। इस संबंध में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मुकेश सैनी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि 40 साल पहले तक भालू के चित्तौड़गढ़ शहर के आसपास या तलहटी में दिखाई दिया हो इसकी जानकारी नहीं है। कहीं से यह रास्ता भटककर जंगल में होते हुए यहां तक पहुंचा हो सकता है।
भालू के मूवमेंट को लेकर वन विभाग के अधिकारियों से बात करने पर जानकारी सामने आई कि किसी समय बस्सी सेंचुरी के आमझरिया में भालू देखे गए थे, जो चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय से करीब 40-50 किलोमीटर दूर है। वहीं भैंसरोडगढ़ और रावतभाटा के घने जंगलों में भी भालू हैं। ऐसे में इस क्षेत्र से भालू घूमते हुए चित्तौड़ दुर्ग की तलहटी में आने की संभावना है।
भालू को लेकर दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इसमें एक वीडियो में वह दुर्ग की प्राचीन से नीचे उतरा तथा सूरजपोल से दुर्ग की ओर चढ़ाई करते हुए दिख रहा है। वहीं दूसरे वीडियो में वह झाड़ियों की तरफ भागते हुए दिखाई दिया। यह वीडियो सूरजपोल वाले रास्ते पर तीसरे गेट के पास का बताया जा रहा है। इसके बाद करीब 4 घंटे में अब तक भालू पुनः नहीं दिखा है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर वन विभाग की टीम तलाश में जुटी हुई है।