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Chittorgarh: 'वन क्षेत्र में अवैध खनन सिर्फ एक मिथक'- वन मंत्री संजय का बड़ा दावा; खेजड़ी कटान पर क्या बोले?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
Published by: चित्तौड़गढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 04 Aug 2025 05:12 PM IST
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सार
Chittorgarh News: मारवाड़ क्षेत्र में खेजड़ी के कटान और सोलर प्लांट से पर्यावरण को हो रहे नुकसान के सवाल पर मंत्री ने बताया कि सोलर प्लांट किसानों से ली गई निजी भूमि पर लगाए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि न्यूनतम पर्यावरणीय क्षति हो और पौधों का नुकसान न हो।
सर्किट हाउस में मीडियाकर्मियों से बात करते प्रदेश सरकार के वन एवं पर्यावण मंत्री संजय शर्मा
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विस्तार
राजस्थान के वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने चित्तौड़गढ़ दौरे के दौरान सोमवार को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वन क्षेत्रों में अवैध खनन की जो बातें कही जाती हैं, वह केवल एक मिथक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि खनन की जो गतिविधियां चल रही हैं, वे अधिकतर राजस्व भूमि पर संचालित हो रही हैं, न कि वन क्षेत्र में। मंत्री सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे, जहां उन्होंने पौधारोपण, खेजड़ी कटान, लवकुश वाटिकाओं और पर्यावरणीय मुद्दों को लेकर सरकार की नीतियों और प्रयासों की जानकारी दी।
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मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने व्यापक कार्य योजना बनाई है। इसी कड़ी में प्रदेश में इस वर्ष 10 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक सात करोड़ 91 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। यह कार्य बिना किसी कागजी खानापूर्ति के हो, इसके लिए पहली बार त्रिस्तरीय मूल्यांकन पद्धति लागू की गई है। तीन अलग-अलग जांच एजेंसियां विभिन्न क्षेत्रों में जाकर पौधों के जीवित रहने की दर का भौतिक सत्यापन कर रही हैं।
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सोलर प्लांट और खेजड़ी कटान पर दी सफाई
मारवाड़ क्षेत्र में खेजड़ी के कटान और सोलर प्लांट से पर्यावरण को हो रहे नुकसान के सवाल पर मंत्री ने बताया कि सोलर प्लांट किसानों से ली गई निजी भूमि पर लगाए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि न्यूनतम पर्यावरणीय क्षति हो और पौधों का नुकसान न हो। साथ ही लवकुश वाटिकाओं और पर्यटक रिसॉर्ट्स की जमीनों की सुरक्षा और बेहतर संचालन के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। दुर्ग की तलहटी में हो रहे अवैध कब्जों को लेकर मंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी और वन क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
वनाधिकार पट्टों और नरेगा कार्यों पर की चर्चा
चित्तौड़गढ़ कलक्ट्रेट के ग्रामीण विकास सभागार में वन मंत्री ने वन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण मंडल और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में विधायक श्रीचन्द्र कृपलानी, चन्द्रभान सिंह आक्या, सुरेश धाकड़ सहित कई जनप्रतिनिधि और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
डीएफओ राहुल झांझरिया ने जिले में चल रहे कार्यों का प्रेजेंटेशन दिया, जिसमें वन क्षेत्र में नरेगा कार्यों और कम्यूनिटी फॉरेस्ट प्रोजेक्ट्स की जानकारी शामिल थी। मंत्री ने इन कार्यों पर संतोष जताया। विधायक सुरेश धाकड़ ने बैठक में वनाधिकार पट्टों का मुद्दा उठाया और कहा कि पीढ़ियों से वन क्षेत्र में रह रहे लोगों को आज भी पट्टे नहीं मिले हैं। इस पर मंत्री ने नीतिगत शिथिलता का आश्वासन दिया।
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प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों की लापरवाही पर फटकार
बैठक के दौरान मंत्री संजय शर्मा ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों से जिले के प्रदूषण स्तर की जानकारी मांगी। लेकिन अधिकारी चित्तौड़गढ़ शहर के प्रदूषण मानक स्तर का स्पष्ट उत्तर नहीं दे पाए, जिससे मंत्री ने असंतोष जताया। उन्होंने अधिकारियों से जिले में रेड और ऑरेंज जोन में आने वाले कारखानों की संख्या पूछी, जिसमें बताया गया कि 15 कारखाने रेड जोन और 416 कारखाने ऑरेंज जोन में हैं।
पॉलीथीन पर कार्रवाई को लेकर भी मंत्री ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में पॉलीथीन का उत्पादन बंद है, तो जिले में यह कैसे आ रही है और थोक व्यापारी इसे बेच कैसे रहे हैं। इस पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। विधायक सुरेश धाकड़ ने भी प्रदूषण नियंत्रण मंडल को आड़े हाथों लिया और ठोस कार्रवाई की मांग की।