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Chittorgarh News: रिश्वत केस में CBI की कार्रवाई में नारकोटिक्स अधिकारी और दलाल गिरफ्तार, मांगे थे एक करोड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
Published by: चित्तौड़गढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jul 2025 08:38 AM IST
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सार
किसान मांगीलाल गुर्जर को झूठे मादक पदार्थ तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी देकर 44 लाख रुपये पहले ही वसूले जा चुके थे। परेशान होकर किसान ने सीबीआई से शिकायत की, जिसके बाद योजना बनाकर गुरुवार रात को आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
चित्तौड़गढ़ जिले में सीबीआई ने नारकोटिक्स अधिकारी व दलाल को गिरफ्तार एक कोर्ट में पेश किया।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सीबीआई की टीम ने चित्तौड़गढ़ जिले के एक अफीम किसान से रिश्वत के मामले में नारकोटिक्स के एक अधिकारी सहित दलाल को गिरफ्तार किया है। सीबीआई जयपुर टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। एक किसान को झूठे तथ्यों के आधार पर डोडा चूरा तस्करी में फंसाने के नाम पर एक करोड़ रुपये रिश्वत की मांग की थी। किसान की शिकायत पर नारकोटिक्स के अधिकारी और दलाल को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया क्षेत्र में अंजाम दी गई है।
सीबीआई की दर्ज एफआईआर के अनुसार गत 15 जुलाई को डूंगला तहसील के आलाखेड़ी गांव के किसान मांगीलाल पुत्र ऊंकार लाल गुर्जर निवासी सांगरिया ने शिकायत दी थी। इसमें बताया कि डूंगला तहसील के आलाखेड़ी निवासी जगदीश मेनारिया ने नारकोटिक्स के अधिकारी महेन्द्र सिंह से संपर्क करने के लिए सूचित किया था। जगदीश मेनारिया से जब किसान ने संपर्क किया तो उसने बताया कि नारकोटिक्स अधिकारी महेन्द्रसिंह ने उसकी कृषि भूमि से 400 किलो डाेडा चूरा जब्त किया है। जगदीश मेनारिया के माध्यम से ही महेन्द्र सिंह ने बताया कि उसके परिवार के सदस्यों को मादक पदार्थ के मामले में नहीं फंसाने के लिए एक करोड़ रुपए देने होंगे। रिश्वत नहीं दिए जाने पर आपराधिक मामलों में फंसा कर उसे जेल भेज दिया जाएगा। नारकोटिक्स अधिकारी ने नशीले पदार्थों के मामले में प्रार्थी व उसके परिवार को न फंसाने के एवज में 9 लाख रुपए भी प्राप्त कर लिए। इसी मामले में गुरुवार रात को आलाखेड़ी निवासी दलाल जगदीश मेनारिया काे एसीबी ने गिरफ्तार किया। इसके बाद नारकोटिक्स के अधिकारी महेन्द्रसिंह को भी गिरफ्तार कर मंडफिया लेकर आए। यहां शुक्रवार को स्वास्थ्य केंद्र पर उसका मेडिकल कराया गया। इस मामले में सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 7A के साथ धारा 61 (2) के तहत एफआईआर दर्ज की है।
44 लाख दिए फिर भी नहीं पसीजा दिल
प्रार्थी मांगीलाल गुर्जर ने शिकायत में बताया कि सीकर निवासी व नीमच में कार्यरत नारकोटिक्स अधिकारी महेन्द्र सिंह उसके सांगरिया स्थित निवास पर पहुंचा। 27 मार्च को जगदीश मेनारिया से सम्पर्क करने की बात कही थी। जगदीश मेनारिया ने अपने नम्बर भी दिए। इसी दिन जगदीश मेनारिया ने वाट्सएप कॉलिंग कर बताया कि महेन्द्र सिंह ने उसके खेत से 400 किलो डोडा चूरा जब्त किया है। प्रार्थी ने बताया कि उसके खेत पर कोई डोडा चूरा नहीं था। लेकिन जगदीश मेनारिया ने कहा कि एक करोड़ रुपए देने होंगे, नहीं तो जेल जाना पड़ेगा। प्रार्थी ने शिकायत में बताया कि जगदीश मेनारिया के मार्फत 44 लाख रुपए की राशि 2-3 माह में 3 किश्ताें में दी। बाद में उसे सीबीआई के शिकायत नम्बर मिले। इधर, 13 जुलाई को जगदीश मेनारिया ने गांव में आकर उससे 9 लाख रुपए की और मांग की। परेशान होकर उसने सीबीआई को पत्र लिखा और उसके बाद सीबीआई ने जाल बिछा बीती रात उसे गिरफ्तार किया है।
ये भी पढ़ें- देबारी में पैंथर की चहल-कदमी से दहशत, ग्रामीणों ने पिंजरा लगाने की मांग की
अवैध सम्पत्तियों की होगी जांच
प्रार्थी मांगीलाल गुर्जर ने शिकायत में बताया कि महेन्द्र सिंह नारकोटिक्स का भ्रष्ट अधिकारी है। इसने जयपुर, सीकर और नीमच में बहुत सम्पत्तियां बनाई है और प्रदेश में कई स्थानों पर एजेन्ट बना रखे है। इसके माध्यम से वह रिश्वत की राशि लेता है। 15 जुलाई को हुई शिकायत के बाद सीबीआई के पुलिस अधीक्षक ने अधिकारी को नियुक्त किया और उसके बाद टीम बना कार्यवाही की गई है।
पुलिस उपाधीक्षक को सौंपी जांच
सीबीआई ने अपनी एफआईआर में नारकोटिक्स अधिकारी महेन्द्र सिंह व दलाल जगदीश मेनारिया को गिरफ्तार करने का हवाला देते हुए मामले की जांच जयपुर सीबीआई के भ्रष्टाचार अनुभाग के पुलिस उपाधीक्षक कमलेश चन्द्र तिवारी को सौंपी है। गौरतलब है कि नारकोटिक्स विभाग में पूर्व में भी भ्रष्टाचार के मामलाें में सीबीआई कार्यवाही कर चुकी है और कई अधिकारियों को धर लिया गया है।
पहले भी लगे लूट के आरोप
नारकोटिक्स विभाग में फैले भ्रष्टाचार और नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों के विरूद्ध झूठी कार्यवाही करने के मामले में पहले भी कई आरोप लगे है। पिछले दिनों रूद गांव में एक किसान के खेत से एक केटली से अफीम निकाल कर मुकदमा बनाने के मामले में किसानों ने प्रदर्शन किया था और पूरा मामला झूठा बताया था। अब सीबीआई ने कार्यवाही किए जाने के बाद नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों की पोल खुल कर सामने आ गई है।
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सीबीआई की दर्ज एफआईआर के अनुसार गत 15 जुलाई को डूंगला तहसील के आलाखेड़ी गांव के किसान मांगीलाल पुत्र ऊंकार लाल गुर्जर निवासी सांगरिया ने शिकायत दी थी। इसमें बताया कि डूंगला तहसील के आलाखेड़ी निवासी जगदीश मेनारिया ने नारकोटिक्स के अधिकारी महेन्द्र सिंह से संपर्क करने के लिए सूचित किया था। जगदीश मेनारिया से जब किसान ने संपर्क किया तो उसने बताया कि नारकोटिक्स अधिकारी महेन्द्रसिंह ने उसकी कृषि भूमि से 400 किलो डाेडा चूरा जब्त किया है। जगदीश मेनारिया के माध्यम से ही महेन्द्र सिंह ने बताया कि उसके परिवार के सदस्यों को मादक पदार्थ के मामले में नहीं फंसाने के लिए एक करोड़ रुपए देने होंगे। रिश्वत नहीं दिए जाने पर आपराधिक मामलों में फंसा कर उसे जेल भेज दिया जाएगा। नारकोटिक्स अधिकारी ने नशीले पदार्थों के मामले में प्रार्थी व उसके परिवार को न फंसाने के एवज में 9 लाख रुपए भी प्राप्त कर लिए। इसी मामले में गुरुवार रात को आलाखेड़ी निवासी दलाल जगदीश मेनारिया काे एसीबी ने गिरफ्तार किया। इसके बाद नारकोटिक्स के अधिकारी महेन्द्रसिंह को भी गिरफ्तार कर मंडफिया लेकर आए। यहां शुक्रवार को स्वास्थ्य केंद्र पर उसका मेडिकल कराया गया। इस मामले में सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 7A के साथ धारा 61 (2) के तहत एफआईआर दर्ज की है।
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44 लाख दिए फिर भी नहीं पसीजा दिल
प्रार्थी मांगीलाल गुर्जर ने शिकायत में बताया कि सीकर निवासी व नीमच में कार्यरत नारकोटिक्स अधिकारी महेन्द्र सिंह उसके सांगरिया स्थित निवास पर पहुंचा। 27 मार्च को जगदीश मेनारिया से सम्पर्क करने की बात कही थी। जगदीश मेनारिया ने अपने नम्बर भी दिए। इसी दिन जगदीश मेनारिया ने वाट्सएप कॉलिंग कर बताया कि महेन्द्र सिंह ने उसके खेत से 400 किलो डोडा चूरा जब्त किया है। प्रार्थी ने बताया कि उसके खेत पर कोई डोडा चूरा नहीं था। लेकिन जगदीश मेनारिया ने कहा कि एक करोड़ रुपए देने होंगे, नहीं तो जेल जाना पड़ेगा। प्रार्थी ने शिकायत में बताया कि जगदीश मेनारिया के मार्फत 44 लाख रुपए की राशि 2-3 माह में 3 किश्ताें में दी। बाद में उसे सीबीआई के शिकायत नम्बर मिले। इधर, 13 जुलाई को जगदीश मेनारिया ने गांव में आकर उससे 9 लाख रुपए की और मांग की। परेशान होकर उसने सीबीआई को पत्र लिखा और उसके बाद सीबीआई ने जाल बिछा बीती रात उसे गिरफ्तार किया है।
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अवैध सम्पत्तियों की होगी जांच
प्रार्थी मांगीलाल गुर्जर ने शिकायत में बताया कि महेन्द्र सिंह नारकोटिक्स का भ्रष्ट अधिकारी है। इसने जयपुर, सीकर और नीमच में बहुत सम्पत्तियां बनाई है और प्रदेश में कई स्थानों पर एजेन्ट बना रखे है। इसके माध्यम से वह रिश्वत की राशि लेता है। 15 जुलाई को हुई शिकायत के बाद सीबीआई के पुलिस अधीक्षक ने अधिकारी को नियुक्त किया और उसके बाद टीम बना कार्यवाही की गई है।
पुलिस उपाधीक्षक को सौंपी जांच
सीबीआई ने अपनी एफआईआर में नारकोटिक्स अधिकारी महेन्द्र सिंह व दलाल जगदीश मेनारिया को गिरफ्तार करने का हवाला देते हुए मामले की जांच जयपुर सीबीआई के भ्रष्टाचार अनुभाग के पुलिस उपाधीक्षक कमलेश चन्द्र तिवारी को सौंपी है। गौरतलब है कि नारकोटिक्स विभाग में पूर्व में भी भ्रष्टाचार के मामलाें में सीबीआई कार्यवाही कर चुकी है और कई अधिकारियों को धर लिया गया है।
पहले भी लगे लूट के आरोप
नारकोटिक्स विभाग में फैले भ्रष्टाचार और नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों के विरूद्ध झूठी कार्यवाही करने के मामले में पहले भी कई आरोप लगे है। पिछले दिनों रूद गांव में एक किसान के खेत से एक केटली से अफीम निकाल कर मुकदमा बनाने के मामले में किसानों ने प्रदर्शन किया था और पूरा मामला झूठा बताया था। अब सीबीआई ने कार्यवाही किए जाने के बाद नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों की पोल खुल कर सामने आ गई है।