Chittorgarh: नाले में मिला वृद्ध का शव, मगरमच्छ के हमले की आशंका, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया धरना-प्रदर्शन
सूचना पर गंगरार थानाधिकारी डीपी दाधीच टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सिविल डिफेंस की टीम को भी बुलाया गया। नाले में मगरमच्छ की मौजूदगी के चलते शुरुआत में शव निकालने में कठिनाई हुई। ग्रामीणों के अनुसार, यह नाला बेड़च नदी से जुड़ा हुआ है और इसमें लंबे समय से मगरमच्छों की मौजूदगी की बात कही जा रही है।
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चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार थाना क्षेत्र के आजोलिया का खेड़ा गांव निवासी एक वृद्ध का शव चार दिन बाद नाले में तैरता मिला। आशंका जताई जा रही है कि वृद्ध की मौत मगरमच्छ के हमले में हुई है। इसी नाले में एक भैंस के अवशेष भी मिले हैं, जिसे भी मगरमच्छ ने ही शिकार बनाया बताया जा रहा है। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने हिंदुस्तान जिंक प्रबंधन के खिलाफ धरना शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, आजोलिया का खेड़ा निवासी प्रभु पुत्र रामा तेली (70) चार दिन पहले गांव के पास भैंसे चराने गया था लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और अगले दिन गंगरार थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। वृद्ध के साथ भैंस भी गायब थी, जिसे लेकर परिजन काफी चिंतित थे।
तलाशी के दौरान मंगलवार को कुछ ग्रामीणों ने हिंदुस्तान जिंक के पास स्थित नाले में एक मृत भैंस के अवशेष देखे। वहीं किनारे पर वृद्ध के कपड़े भी पड़े मिले। इस पर गांव के कमलेश तेली ने ड्रोन की मदद से नाले की निगरानी की, जिसमें नाले के बीच वृद्ध का शव तैरता हुआ दिखाई दिया। घनी घास के कारण शव पहले नजर नहीं आ रहा था।
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सूचना पर गंगरार थानाधिकारी डीपी दाधीच टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सिविल डिफेंस की टीम को भी बुलाया गया। नाले में मगरमच्छ की मौजूदगी के चलते शुरुआत में शव निकालने में कठिनाई हुई। ग्रामीणों के अनुसार, यह नाला बेड़च नदी से जुड़ा हुआ है और इसमें लंबे समय से मगरमच्छों की मौजूदगी की बात कही जा रही है। कई लोग दावा कर रहे हैं कि यहां एक से अधिक मगरमच्छ हैं, जो अक्सर मवेशियों और छोटे जंगली जानवरों को शिकार बना लेते हैं।
पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकलवाकर जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया। गंगरार सीआई डीपी दाधीच ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भैंस को मगरमच्छ ने पानी में खींच लिया होगा, जिसे बचाने के प्रयास में वृद्ध भी नाले में उतरा होगा और मगरमच्छ का शिकार बन गया होगा। पशु चिकित्सक ने भी भैंस की मौत मगरमच्छ के हमले से होना बताया है। हालांकि वृद्ध की मौत के असल कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।
इस घटना के बाद ग्रामीणों में रोष फैल गया। लोगों ने जिंक प्रबंधन पर सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हिंदुस्तान जिंक गेट के बाहर धरना शुरू कर दिया है। मौके पर पुलिस बल तैनात है और फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है।