गुर्जर आरक्षण आंदोलन के 73 शहीदों को श्रद्धांजलि: सिकंदरा में समाजजनों ने किया नमन, एकता का संकल्प लिया
जिले के सिकंदरा में शहीद स्मारक स्थल पर रविवार को गुर्जर आरक्षण आंदोलन की बरसी पर 73 शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर उनकी वीरता, त्याग और बलिदान को याद किया गया।
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दौसा जिले के सिकंदरा स्थित शहीद स्मारक स्थल पर रविवार को गुर्जर आरक्षण आंदोलन की बरसी पर 73 शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान शहीदों के वीरता, त्याग और बलिदान को याद करते हुए समाज के लोगों ने उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि समाज हित में दिया गया बलिदान सदैव अविस्मरणीय रहना चाहिए। शहीदों से प्रेरणा लेकर समाज को संगठित रहकर शिक्षा और विकास को बढ़ावा देना होगा।
गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला ने कहा कि समाज के लंबित मुद्दों पर सरकार काम कर रही है और उम्मीद है कि उनका जल्द समाधान होगा। उन्होंने बताया कि 372 अभ्यर्थियों का मामला फिलहाल कैबिनेट सब कमेटी के पास विचाराधीन है। सरकार सभी प्रावधानों का परीक्षण करने के बाद निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी सरकार से बातचीत करेंगे ताकि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण हो सके।
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बैंसला ने कहा कि यदि सरकार युवाओं को नौकरी देना चाहती है तो जल्द निर्णय ले, और यदि नहीं देना चाहती तो स्थिति स्पष्ट करे। उन्होंने बताया कि कैबिनेट सब कमेटी लंबित मामलों की कार्यवाही तैयार कर संबंधित विभागों को भेज चुकी है। विभागों के अवलोकन के बाद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उन्होंने हाईकोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि राज्य सरकार की भर्तियों में एमबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों की मेरिट पहले सामान्य वर्ग, फिर ओबीसी और उसके बाद एमबीसी श्रेणी में देखी जानी चाहिए। लेकिन वर्ष 2019 से अब तक इसका पालन नहीं होने से युवाओं को नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के क्रियान्वयन में देरी कई सवाल खड़े करती है।
इस अवसर पर गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनफूल तूंगड़, जिलाध्यक्ष माधोसिंह कसाना, मानसिंह बुर्जा, सियाराम वकील कैमरी, राष्ट्रीय सचिव पवन बासड़ा, सुरेंद्र घुरैया, चंचल कसाना, तहसील अध्यक्ष सुमेर सिंह उमरवाल, एसीबीईओ महेंद्र कसाना, भूपेश पांचोली, सुमेर सिंह रलावता, देशराज डोई, करतार माल सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।