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Rajasthan: लाखों की साइबर ठगी का खुलासा, फर्जी क्रिप्टो निवेश के नाम पर चल रहा था अंतरराज्यीय गैंग
Tue, 04 Aug 2026 04:14 PM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2026 04:14 PM IST
सार
दिल्ली पुलिस ने फर्जी क्रिप्टो निवेश और टास्क-आधारित ऑनलाइन ठगी करने वाले छह सदस्यीय अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह ने दिल्ली के एक व्यक्ति से 4.29 लाख रुपये की ठगी की थी। राजस्थान और मध्य प्रदेश से सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
दिल्ली पुलिस ने फर्जी क्रिप्टोकरेंसी निवेश और टास्क-आधारित ऑनलाइन ठगी करने वाले छह सदस्यीय अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने राजस्थान और मध्य प्रदेश से गिरोह के सभी छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इस गिरोह ने दिल्ली के एक व्यक्ति को ऊंचे मुनाफे का झांसा देकर 4.29 लाख रुपये की ठगी की।
फर्जी टास्क देकर जीता भरोसा
पुलिस के अनुसार, ठगों ने खुद को एक डिजिटल मार्केटिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताकर पीड़ित को पहले एक ऑनलाइन ग्रुप में जोड़ा। शुरुआत में छोटे-छोटे टास्क पूरे कराने के बदले कमीशन दिया गया, ताकि उसका भरोसा जीता जा सके। इसके बाद उसे दूसरे ग्रुप में शामिल कर बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया।
फर्जी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर दिखाया मुनाफा
आरोपियों ने पीड़ित को एक फर्जी क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश कराया और स्क्रीन पर काल्पनिक मुनाफा दिखाते रहे। इसके बाद अलग-अलग यूपीआई आईडी और बैंक खातों में कई बार पैसे ट्रांसफर करवाए गए। जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालनी चाही तो ठगों ने ट्रेडिंग अकाउंट फ्रीज होने का बहाना बनाकर अकाउंट सक्रिय करने और निकासी प्रक्रिया के नाम पर और पैसे मांगने शुरू कर दिए।
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शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर दक्षिण-पश्चिम दिल्ली जिले में ई-एफआईआर दर्ज की गई। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड, यूपीआई ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, एटीएम के सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया।
यह भी पढ़ें: जोधपुर जेल में बंद आसाराम को 13 साल बाद बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने 20 दिन की पैरोल को दी मंजूरी
राजस्थान और मध्य प्रदेश से छह आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस पहले जयपुर पहुंची, जहां कथित म्यूल अकाउंट धारक सुरेश कुमार यादव और अकाउंट फसिलिटेटर पूरण मल यादव को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद जांच इंदौर तक पहुंची, जहां से अर्शन मोहम्मद और गुफरान कुरैशी को गिरफ्तार किया गया। इन पर एटीएम से ठगी की रकम निकालने का आरोप है। बाद में अभिजीत पाटीदार और आर्यन राठौर को भी गिरफ्तार किया गया, जिन पर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनमें आपत्तिजनक चैट मिली हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।
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फर्जी टास्क देकर जीता भरोसा
पुलिस के अनुसार, ठगों ने खुद को एक डिजिटल मार्केटिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताकर पीड़ित को पहले एक ऑनलाइन ग्रुप में जोड़ा। शुरुआत में छोटे-छोटे टास्क पूरे कराने के बदले कमीशन दिया गया, ताकि उसका भरोसा जीता जा सके। इसके बाद उसे दूसरे ग्रुप में शामिल कर बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया।
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फर्जी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर दिखाया मुनाफा
आरोपियों ने पीड़ित को एक फर्जी क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश कराया और स्क्रीन पर काल्पनिक मुनाफा दिखाते रहे। इसके बाद अलग-अलग यूपीआई आईडी और बैंक खातों में कई बार पैसे ट्रांसफर करवाए गए। जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालनी चाही तो ठगों ने ट्रेडिंग अकाउंट फ्रीज होने का बहाना बनाकर अकाउंट सक्रिय करने और निकासी प्रक्रिया के नाम पर और पैसे मांगने शुरू कर दिए।
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शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर दक्षिण-पश्चिम दिल्ली जिले में ई-एफआईआर दर्ज की गई। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड, यूपीआई ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, एटीएम के सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया।
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राजस्थान और मध्य प्रदेश से छह आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस पहले जयपुर पहुंची, जहां कथित म्यूल अकाउंट धारक सुरेश कुमार यादव और अकाउंट फसिलिटेटर पूरण मल यादव को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद जांच इंदौर तक पहुंची, जहां से अर्शन मोहम्मद और गुफरान कुरैशी को गिरफ्तार किया गया। इन पर एटीएम से ठगी की रकम निकालने का आरोप है। बाद में अभिजीत पाटीदार और आर्यन राठौर को भी गिरफ्तार किया गया, जिन पर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनमें आपत्तिजनक चैट मिली हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।