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बॉर्डर से 15 किमी के दायरे में 12 मस्जिदें ध्वस्त: राजस्थान में गहराया विवाद, सात जुलाई को कोर्ट करेगा सुनवाई
Mon, 06 Jul 2026 07:20 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Mon, 06 Jul 2026 07:20 AM IST
सार
राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में कथित अवैध मस्जिदों को हटाने की कार्रवाई का विरोध तेज हो गया है। बाड़मेर और बीकानेर में हिंदू-मुस्लिम समुदाय ने संयुक्त रूप से शांति मार्च निकाला। मामला राजस्थान हाईकोर्ट पहुंच गया है, जहां 7 जुलाई को सुनवाई होगी।
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बॉर्डर से हटाए जा रहे अतिक्रमण
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
राजस्थान के भारत-पाकिस्तान सीमावर्ती क्षेत्रों में कथित अवैध मस्जिदों को हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर विवाद गहरा गया है। बाड़मेर, बीकानेर समेत कई सीमावर्ती जिलों में स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किए। इस दौरान सामाजिक सौहार्द का संदेश देते हुए हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग भी एक मंच पर आए और 'सर्व धर्म शांति सभा' के बैनर तले शांति मार्च निकाला।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि मस्जिदों को हटाने से पहले प्रभावित पक्षों को पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया और प्रक्रिया का समुचित पालन नहीं किया गया। उन्होंने कार्रवाई पर पुनर्विचार की मांग भी उठाई।
15 किलोमीटर के दायरे में 12 मस्जिदों को ध्वस्त किया
इस मामले को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में दायर याचिका में दावा किया गया है कि 18 से 20 जून के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित विभिन्न गांवों में करीब 12 मस्जिदों को ध्वस्त किया गया। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है और प्रभावित लोगों को अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया।
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सरकार बोली- राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है मामला
वहीं, राज्य सरकार की ओर से अदालत में कहा गया है कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। सरकार का पक्ष है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के स्थायी निर्माण के लिए निर्धारित नियमों के तहत पूर्व अनुमति आवश्यक होती है। इसी आधार पर संबंधित कार्रवाई की गई है।
ये भी पढ़ें- Rajasthan News: फर्जी लोन, म्यूल अकाउंट और क्रिप्टो... ऐसे चलता था 500 करोड़ की साइबर ठगी का नेटवर्क
अब इस पूरे मामले पर सभी की नजरें राजस्थान हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत सात जुलाई को याचिका पर सुनवाई करेगी, जिसके बाद मामले में आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि मस्जिदों को हटाने से पहले प्रभावित पक्षों को पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया और प्रक्रिया का समुचित पालन नहीं किया गया। उन्होंने कार्रवाई पर पुनर्विचार की मांग भी उठाई।
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15 किलोमीटर के दायरे में 12 मस्जिदों को ध्वस्त किया
इस मामले को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में दायर याचिका में दावा किया गया है कि 18 से 20 जून के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित विभिन्न गांवों में करीब 12 मस्जिदों को ध्वस्त किया गया। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है और प्रभावित लोगों को अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया।
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सरकार बोली- राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है मामला
वहीं, राज्य सरकार की ओर से अदालत में कहा गया है कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। सरकार का पक्ष है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के स्थायी निर्माण के लिए निर्धारित नियमों के तहत पूर्व अनुमति आवश्यक होती है। इसी आधार पर संबंधित कार्रवाई की गई है।
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अब इस पूरे मामले पर सभी की नजरें राजस्थान हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत सात जुलाई को याचिका पर सुनवाई करेगी, जिसके बाद मामले में आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।