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Hanumangarh: संदिग्ध संक्रमण से सगे भाई-बहन की मौत, इलाके में दहशत, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हनुमानगढ़
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Thu, 13 Feb 2025 02:42 PM IST
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सार
हनुमानगढ़ जिले के निकटवर्ती गांव संपतनगर की एक ढाणी में सगे भाई-बहन की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में खलबली मचा दी है। एक ही परिवार के दो बच्चों की एक दिन के अंतराल में हुई मौत ने न केवल उनके परिवार को बल्कि क्षेत्र के लोगों को भी चिंता में डाल दिया है।
राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले के संपतनगर के पास ढाणी में दो बच्चों की मौत के बाद हड़कंप मच गया। 9 वर्षीय आरुषि और 11 वर्षीय विकास कुछ दिनों पहले बुखार, खांसी और जुकाम के लक्षणों के साथ गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हुए थे। बीमारी के इसी लक्षण से नई खुंजा की 12 वर्षीय बच्ची शिवानी की भी मौत हो गई थी।
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रविवार दोपहर आरुषि को बुखार और खांसी की गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बावजूद आरुषि की हालत बिगड़ती गई और उसने देर रात दम तोड़ दिया। इसके बाद उसी दिन 11 वर्षीय विकास की हालत भी बिगड़ी और उसे हनुमानगढ़ के दो निजी अस्पतालों और श्रीगंगानगर के अस्पताल से रैफर कर बीकानेर के पीबीएम अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
परिवार का कहना है कि पहले बच्चों को गांव के सामान्य इलाज के लिए एक स्थानीय डॉक्टर के पास ले जाया गया था, लेकिन उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। फिर बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा था, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
इस घटना के बाद परिवार में और भी चिंता का माहौल है क्योंकि ताराचंद नामक व्यक्ति के दोनों बेटों, आकाश और साहिल में भी संक्रमण के लक्षण दिखाई देने लगे हैं। इस वजह से परिवार बेहद चिंतित है और अनजानी बीमारी के बारे में सोचकर डर में है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया और तुरंत जांच शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया सर्वे
घटना की सूचना मिलने के बाद हनुमानगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने गांव में तत्काल सर्वे करना शुरू कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने मृतक बच्चों के परिवार से सैंपल लिए और आसपास की ढाणियों से भी सैंपल एकत्र किए। स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि बच्चों को प्रारंभिक तौर पर निमोनिया की शिकायत थी, लेकिन इस संक्रमण के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए मृतक बच्चों के सैंपल बीकानेर से जयपुर भेजे गए हैं, जहां उनकी जांच की जाएगी।
बताया जा रहा है कि इसी संक्रमण के चलते हुए जिला मुख्यालय स्थित नई खुंजा की 12 वर्षीय बच्ची शिवानी पुत्री गोवर्धन की भी मौत हो गई थी। वहीं टिब्बी क्षेत्र की बच्ची परी की भी पीबीएम अस्पताल, बीकानेर में गंभीर हालात बनी हुई है। चिकित्सा महकमे की टीम अब सभी जगह पर सैंपलिंग की कार्रवाई कर रही है।
सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सर्वे किया जा रहा है और सैंपल भी एकत्र किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को शुरुआत में निमोनिया होने का संदेह है, लेकिन एक जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं जिसमे इन्फ्लूएंजा बी की पुष्टि हुई है लेकिन फिर भी दुबारा सैंपल भेजे गए हैं क्योंकि इस वायरस से मृत्यु होना एक चिंता का विषय है। इसके साथ ही उन्होंने आमजन से अफवाहों से बचने की अपील की और ऐसे लक्षण दिखने पर बच्चों और बुजुर्गों को क्वारंटीन रहकर तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर किसी को बुखार, खांसी या अन्य लक्षण दिखें तो वह तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जरूरी जांच कराएं। साथ ही संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों का पालन करना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम अब भी गांवों में जांच कर रही है और सभी संभावित कारकों की जांच कर रही है।