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Mid Day Meal: राजस्थान में मिड डे मिल में 2000 करोड़ का घोटाला, कॉनफैड व निजी फर्मों के 21 कर्मियों पर एफआईआर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: सौरभ भट्ट
Updated Thu, 08 Jan 2026 04:29 PM IST
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सार
राजस्थान में मिड-डे मील योजना में 2000 करोड़ का घोटाला सामने आया है। एसीबी ने मामले में कॉनफैड और निजी फर्मों के 21 आरोपियों पर मामला दर्ज कर लिया है। चलिए जानते हैं आखिर क्या है इस बड़े घोटाले की कहानी?
राजस्थान में 2000 करोड़ का मिड-डे-मील घोटाला।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान में कोविड-19 महामारी के दौरान विद्यालय बंद रहने की अवधि में राज्य सरकार द्वारा संचालित मिड-डे-मील योजना में भारी भ्रष्टाचार सामने आया है। योजना के तहत स्कूली बच्चों को कॉम्बो पैक (दाल, तेल, मसाले आदि) की आपूर्ति कॉनफैड (CONFED) के माध्यम से की जा रही थी, जिसे एफएसएसएआई एवं एगमार्क मानकों के अनुरूप बताया गया था।
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जानें कैसे खुली भ्रष्टाचार की परतें?
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की प्राथमिक और विस्तृत जांच में पता चला कि योजना से जुड़े अधिकारियों और कॉनफैड के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने नियमों में बदलाव कर अपनी पसंद की फर्मों को टेंडर आवंटित किए। कई मामलों में माल की वास्तविक खरीद या आपूर्ति किए बिना फर्जी बिल बनाकर भुगतान कर लिया गया। इस धोखाधड़ी के कारण राज्य को लगभग 2000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। प्रकरण में कॉनफैड और निजी फर्मों के 21 नामजद आरोपी शामिल हैं, जिनमें सहायक लेखाधिकारी, प्रबंधक, सुपरवाइजर और रीजनल मैनेजर शामिल हैं। आरोपियों के अलावा तिरुपति सप्लायर्स, जागृत एंटरप्राइजेज, एमटी एंटरप्राइजेज और साई ट्रेडिंग जैसी संस्थाओं को भी नामजद किया गया है।
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एसीबी की जांच में यह सामने आया कि मिड डे मिल योजना से जुड़े अधिकारियों एवं कॉनफैड के अधिकारियों ने आपसी मिलीभगत कर षड्यंत्रपूर्वक नियमों में बदलाव किए। इसके परिणामस्वरूप पात्र एवं योग्य फर्मों को टेंडर प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया तथा अपनी चहेती फर्मों को अनुचित लाभ पहुंचाते हुए टेंडर आवंटित किए गए। इन फर्मों द्वारा आगे अन्य संस्थाओं को अवैध रूप से सबलेट कर दिया गया, जिनके माध्यम से फर्जी आपूर्तिकर्ताओं एवं ट्रांसपोर्टरों का एक संगठित नेटवर्क खड़ा किया गया।
इस प्रकरण में संलिप्तता पाए जाने पर योजना की अवधि के दौरान पदस्थापित निम्नलिखित व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, राजस्थान में प्रकरण दर्ज किया गया हैं। यहां नीचे जिन पर एफआईआर दर्ज की गई है उनके नाम दिए गए हैं।
सांवतराम, सहायक लेखाधिकारी, कॉनफैड
राजेन्द्र, प्रबंधक (नागरिक आपूर्ति), कॉनफैड
लोकेश कुमार बापना, प्रबंधक नागरिक आपूर्ति, कॉनफैड
प्रतिभा सैनी, सहायक प्रबंधक, कॉनफैड
योगेन्द्र शर्मा, प्रबंधक (आयोजना), कॉनफैड
राजेन्द्र सिंह शेखावत, प्रबंधक, कॉनफैड
रामधन बैरवा, गोदाम कीपर, मार्केटिंग अनुभाग, कॉनफैड
दिनेश कुमार शर्मा, सुपरवाइजर, मार्केटिंग अनुभाग, कॉनफैड
कंवलजीत सिंह राणावत
मधुर यादव
त्रिभुवन यादव
सतीश मुलचंद व्यास
दीपक व्यास
रितेश यादव
शैलेश सक्सैना, रीजनल मैनेजर, केन्द्रीय भण्डार
बी.सी. जोशी, डिप्टी मैनेजर, केन्द्रीय भण्डार
दन सिंह, सहायक मैनेजर, केन्द्रीय भण्डार
मैसर्स तिरूपति सप्लायर्स
मैसर्स जागृत एंटरप्राइजेज
मैसर्स एमटी एंटरप्राइजेज
मैसर्स साई ट्रेडिंग के प्रोपराइटर
एवं अन्य संबंधित व्यक्ति।