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'युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा': टीकाराम जूली ने रोजगार के मुद्दे पर BJP सरकार को घेरा; उठाए गंभीर सवाल
Sat, 27 Jun 2026 12:11 PM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
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Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jun 2026 12:11 PM IST
सार
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर युवाओं के भविष्य की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, राइजिंग राजस्थान अभियान और पचपदरा रिफाइनरी परियोजना को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए रोजगार सृजन पर ध्यान देने की मांग की।
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नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार में रोजगार और स्वरोजगार उपलब्ध कराने की इच्छाशक्ति खत्म हो चुकी है, जिसके कारण प्रदेश का युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत युवाओं को उद्यमी बनाने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन बैंकों की धीमी कार्यप्रणाली के कारण हजारों आवेदन अब भी लंबित हैं। उनका आरोप है कि कई जिलों में 30 प्रतिशत आवेदन भी बैंकों तक नहीं पहुंच पाए हैं। उन्होंने कहा कि जब आवेदन ही आगे नहीं बढ़ेंगे तो युवाओं को ऋण कैसे मिलेगा और वे अपना व्यवसाय कैसे शुरू करेंगे। उन्होंने लंबित मामलों की उच्चस्तरीय समीक्षा कर लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
'राइजिंग राजस्थान' अभियान पर भी उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने 'राइजिंग राजस्थान' अभियान को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि निवेश समझौतों का व्यापक प्रचार किया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग है। उनके अनुसार, घोषित परियोजनाओं में से केवल 3,895 पर ही काम शुरू हो पाया है, जबकि 83 प्रतिशत से अधिक परियोजनाएं अब भी कागजों तक सीमित हैं। जूली ने कहा कि केवल एमओयू और निवेश के आंकड़े गिनाने से युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा। सरकार को इवेंट आधारित प्रचार छोड़कर वास्तविक निवेश, उद्योग स्थापना और रोजगार सृजन पर ध्यान देना चाहिए।
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ये भी पढ़ें- Jodhpur Airport: 35 साल का इंतजार होगा खत्म, चार जुलाई को नए एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी
पचपदरा रिफाइनरी परियोजना का भी किया जिक्र
टीकाराम जूली ने पचपदरा रिफाइनरी परियोजना का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने राजनीतिक कारणों से इस महत्वपूर्ण परियोजना में अनावश्यक देरी की। उनका कहना था कि यदि यह परियोजना समय पर पूरी हो जाती, तो प्रदेश के लाखों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिल सकते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार युवाओं के हितों की अनदेखी कर रही है। रोजगार, स्वरोजगार और औद्योगिक विकास से जुड़े मामलों में सरकार अपेक्षित परिणाम देने में विफल रही है।
जूली ने कहा कि अब राजस्थान का युवा केवल घोषणाओं और बड़े-बड़े वादों से संतुष्ट नहीं होगा, बल्कि वह धरातल पर रोजगार के अवसर और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन चाहता है।
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जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत युवाओं को उद्यमी बनाने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन बैंकों की धीमी कार्यप्रणाली के कारण हजारों आवेदन अब भी लंबित हैं। उनका आरोप है कि कई जिलों में 30 प्रतिशत आवेदन भी बैंकों तक नहीं पहुंच पाए हैं। उन्होंने कहा कि जब आवेदन ही आगे नहीं बढ़ेंगे तो युवाओं को ऋण कैसे मिलेगा और वे अपना व्यवसाय कैसे शुरू करेंगे। उन्होंने लंबित मामलों की उच्चस्तरीय समीक्षा कर लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
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'राइजिंग राजस्थान' अभियान पर भी उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने 'राइजिंग राजस्थान' अभियान को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि निवेश समझौतों का व्यापक प्रचार किया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग है। उनके अनुसार, घोषित परियोजनाओं में से केवल 3,895 पर ही काम शुरू हो पाया है, जबकि 83 प्रतिशत से अधिक परियोजनाएं अब भी कागजों तक सीमित हैं। जूली ने कहा कि केवल एमओयू और निवेश के आंकड़े गिनाने से युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा। सरकार को इवेंट आधारित प्रचार छोड़कर वास्तविक निवेश, उद्योग स्थापना और रोजगार सृजन पर ध्यान देना चाहिए।
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पचपदरा रिफाइनरी परियोजना का भी किया जिक्र
टीकाराम जूली ने पचपदरा रिफाइनरी परियोजना का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने राजनीतिक कारणों से इस महत्वपूर्ण परियोजना में अनावश्यक देरी की। उनका कहना था कि यदि यह परियोजना समय पर पूरी हो जाती, तो प्रदेश के लाखों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिल सकते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार युवाओं के हितों की अनदेखी कर रही है। रोजगार, स्वरोजगार और औद्योगिक विकास से जुड़े मामलों में सरकार अपेक्षित परिणाम देने में विफल रही है।
जूली ने कहा कि अब राजस्थान का युवा केवल घोषणाओं और बड़े-बड़े वादों से संतुष्ट नहीं होगा, बल्कि वह धरातल पर रोजगार के अवसर और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन चाहता है।