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Rajasthan: दूल्हा स्वरूप में सजे भोलेनाथ, तड़के मंगला आरती के साथ खुले कपाट; 151 किलो दूध से हुआ महाअभिषेक
Mon, 03 Aug 2026 03:08 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Mon, 03 Aug 2026 03:08 PM IST
सार
सावन के पहले सोमवार पर राजस्थान के शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। जयपुर के तारकेश्वर महादेव मंदिर में महाकाल की तर्ज पर भस्म आरती हुई। गलता तीर्थ से कांवड़ यात्राएं निकलीं, जबकि प्रदेशभर में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
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जयपुर के तारकेश्वर महादेव मंदिर में महाकाल मंदिर की तर्ज पर तड़के 4 बजे भस्म आरती का आयोजन किया गया
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
सावन माह के पहले सोमवार पर राजस्थान शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। प्रदेशभर के शिवालयों में सुबह तड़के से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष के बीच भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और विशेष पूजा-अर्चना की। राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक तारकेश्वर महादेव मंदिर में उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर तड़के 4 बजे भस्म आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
राजस्थान के अधिकांश शिव मंदिरों के कपाट सुबह मंगला आरती के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसके बाद जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हुआ। कांवड़िए गंगाजल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करने के लिए मंदिरों तक पहुंचे।
गलता तीर्थ से निकली कांवड़ यात्राएं
जयपुर में रविवार देर रात से ही गलता तीर्थ पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। श्रद्धालुओं ने पवित्र कुंड में स्नान किया, कांवड़ में जल भरकर पूजा-अर्चना की और अपने-अपने क्षेत्रों के शिवालयों की ओर रवाना हुए। कांवड़ यात्राओं में युवा, महिलाएं और बच्चे भी उत्साह के साथ शामिल हुए। श्रद्धालु हाथों में भगवा और तिरंगा ध्वज लेकर 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष करते हुए आगे बढ़ते रहे। रविवार को गलता तीर्थ से बरकत नगर स्थित रामेश्वरम शिवालय तक भव्य कांवड़ एवं कलश यात्रा भी निकाली गई। यात्रा के संयोजक मनीष भार्गव के अनुसार इसमें 300 से अधिक महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
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तारकेश्वर महादेव मंदिर में तड़के हुई भस्म आरती
ऐतिहासिक तारकेश्वर महादेव मंदिर के कपाट सुबह 3:45 बजे खोले गए। इसके बाद भगवान शिव का अभिषेक कर भस्म आरती की गई। मंदिर के पुजारी शक्ति व्यास ने बताया कि सुबह 4:30 बजे भगवान शिव का 51 किलो देशी गाय के घी, 151 किलो दूध, दही, शहद और शक्कर से विशेष अभिषेक किया गया। मंगला आरती के दौरान भगवान शिव का दूल्हा स्वरूप में विशेष श्रृंगार भी किया गया।
प्रदेशभर के शिवालयों में उमड़ी भीड़
जयपुर के झारखंड महादेव मंदिर में भी जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर के बाहर करीब दो किलोमीटर तक भक्तों की लाइन देखी गई। वहीं जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, अलवर सहित प्रदेश के अन्य शहरों के प्रमुख शिव मंदिरों में भी दिनभर दर्शन, जलाभिषेक और विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
ये भी पढ़ें- देश से अलग है वागड़ की श्रावण परंपरा, एक महीने नहीं...यहां पूरे 45 दिन गूंजता है 'हर-हर महादेव'
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
सावन सोमवार पर मंदिरों और कांवड़ यात्राओं में उमड़ी भीड़ को देखते हुए जयपुर पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। प्रमुख मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग और पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत छह मोबाइल पुलिस टीमें भी तैनात की गई हैं। पुलिस के अनुसार सावन माह भर प्रमुख मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर विशेष निगरानी जारी रहेगी।
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राजस्थान के अधिकांश शिव मंदिरों के कपाट सुबह मंगला आरती के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसके बाद जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हुआ। कांवड़िए गंगाजल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करने के लिए मंदिरों तक पहुंचे।
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गलता तीर्थ से निकली कांवड़ यात्राएं
जयपुर में रविवार देर रात से ही गलता तीर्थ पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। श्रद्धालुओं ने पवित्र कुंड में स्नान किया, कांवड़ में जल भरकर पूजा-अर्चना की और अपने-अपने क्षेत्रों के शिवालयों की ओर रवाना हुए। कांवड़ यात्राओं में युवा, महिलाएं और बच्चे भी उत्साह के साथ शामिल हुए। श्रद्धालु हाथों में भगवा और तिरंगा ध्वज लेकर 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष करते हुए आगे बढ़ते रहे। रविवार को गलता तीर्थ से बरकत नगर स्थित रामेश्वरम शिवालय तक भव्य कांवड़ एवं कलश यात्रा भी निकाली गई। यात्रा के संयोजक मनीष भार्गव के अनुसार इसमें 300 से अधिक महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
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तारकेश्वर महादेव मंदिर में तड़के हुई भस्म आरती
ऐतिहासिक तारकेश्वर महादेव मंदिर के कपाट सुबह 3:45 बजे खोले गए। इसके बाद भगवान शिव का अभिषेक कर भस्म आरती की गई। मंदिर के पुजारी शक्ति व्यास ने बताया कि सुबह 4:30 बजे भगवान शिव का 51 किलो देशी गाय के घी, 151 किलो दूध, दही, शहद और शक्कर से विशेष अभिषेक किया गया। मंगला आरती के दौरान भगवान शिव का दूल्हा स्वरूप में विशेष श्रृंगार भी किया गया।
प्रदेशभर के शिवालयों में उमड़ी भीड़
जयपुर के झारखंड महादेव मंदिर में भी जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर के बाहर करीब दो किलोमीटर तक भक्तों की लाइन देखी गई। वहीं जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, अलवर सहित प्रदेश के अन्य शहरों के प्रमुख शिव मंदिरों में भी दिनभर दर्शन, जलाभिषेक और विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
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सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
सावन सोमवार पर मंदिरों और कांवड़ यात्राओं में उमड़ी भीड़ को देखते हुए जयपुर पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। प्रमुख मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग और पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत छह मोबाइल पुलिस टीमें भी तैनात की गई हैं। पुलिस के अनुसार सावन माह भर प्रमुख मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर विशेष निगरानी जारी रहेगी।