Budget 2026: 'राजस्थान के लिए बजट रहा ऊंची दुकान–फीका पकवान', पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कसा तंज
Budget 2026: पूर्व सीएम अशोक गहलोत और राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने आम बजट 2026 पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। किसने क्या-क्या कहा, जानें।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश कर दिया है। वे 85 मिनट बोलीं। इस बार टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही गई हैं।
वित्त मंत्री के भाषण में कोई सीधा चुनावी एलान भी नहीं था। वे लोकसभा में तमिलनाडु की प्रसिद्ध कांजीवरम साड़ी पहनकर पहुंचीं जरूर, लेकिन इसी साल होने वाले पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी चुनाव पर सीधा असर डालने वाली घोषणाएं नहीं कीं।
इसी कड़ी में राजस्थान के पूर्व सीए अशोक गहलोत ने वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए बजट में अपनी प्रतिक्रिया दी है। गहलोत ने कहा कि देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान का केंद्रीय बजट भाषण में नाम तक न लिया जाना प्रदेश के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार को साफ तौर पर उजागर करता है। वर्षों से लंबित ईआरसीपी जैसे अहम प्रोजेक्ट पर बजट में कोई उल्लेख नहीं किया गया। इसी तरह राजस्थान के लिए न तो किसी नई रेलवे परियोजना की घोषणा हुई और न ही मेट्रो विस्तार को लेकर कोई ठोस एलान सामने आया।
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राज्य में गरीबों, श्रमिकों और असंगठित क्षेत्र की बड़ी आबादी को देखते हुए भी बजट में कोई बड़ी राहत देने वाला कदम नहीं दिखा। कुल मिलाकर ‘डबल इंजन सरकार’ के दावों के बावजूद यह बजट राजस्थान के लिए यानी ऊंची दुकान–फीका पकवान साबित हुआ है।
डोटासरा ने भी कसा तंज
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 को लेकर राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बजट को सिर्फ घोषणाओं का पिटारा और बेहद निराशाजनक बताते हुए कहा कि इससे राजस्थान के युवाओं, किसानों और मध्यम वर्ग की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बीते दो वर्षों में 60 से अधिक बार दिल्ली गए, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं ला सके। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बजट में राजस्थान को कोई अतिरिक्त लाभ नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने केवल चुनावी राज्यों पर फोकस किया है और राजस्थान को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। डोटासरा ने आरोप लगाया कि ईआरसीपी को अब तक राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं मिला, वहीं मानगढ़ धाम के लिए भी किसी विशेष फंड की घोषणा नहीं की गई।
बजट के बाद शेयर बाजार में आई गिरावट को उन्होंने जनता के भरोसे में कमी का संकेत बताया। साथ ही बांसवाड़ा रेल परियोजना को लेकर कोई घोषणा न होने पर भी नाराजगी जाहिर की। भाजपा के ‘विकसित भारत 2047’ नारे पर तंज कसते हुए डोटासरा ने कहा कि आज देश के लोगों को रोजगार और महंगाई से राहत चाहिए, लेकिन बजट में इन ज्वलंत मुद्दों पर कोई ठोस समाधान नजर नहीं आता।
बजट पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि कांग्रेस सरकार की महत्वाकांक्षी 'उड़ान योजना' को ठप कर भाजपा सरकार ने प्रदेश की लाखों बेटियों और बहनों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल दिया है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस विभाग की कमान स्वयं एक महिला उपमुख्यमंत्री के पास हो, उसी विभाग में आज बेटियां सैनिटरी नैपकिन के अभाव में कपड़े और मोजे इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। मासिक धर्म स्वास्थ्य एक 'मौलिक अधिकार' है। भाजपा इस योजना को बंद कर कांग्रेस का नहीं, बल्कि प्रदेश की आधी आबादी का नुकसान कर रही है। माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बाद तो इस संवेदनहीन सरकार को उड़ान योजना को पहले की भांति सुचारू रूप से लागू करने हेतु निर्देशित करें।
