Rajasthan Government Transfers: तबादला सूची तैयार, CMO की सख्ती से लंबी लिस्ट पर ब्रेक, टुकड़ों में होंगी जारी
इस बार की सबसे बड़ी खासियत यही मानी जा रही है कि तबादलों की संख्या सीमित रहेगी और अधिकांश विभाग एक साथ बड़ी सूची जारी करने के बजाय 3-4 चरणों में छोटी-छोटी सूचियां जारी करें
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राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर से प्रतिबंध हटे 17 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक अधिकांश विभागों की तबादला सूचियां जारी नहीं हो सकी हैं। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पचपदरा रिफाइनरी लोकार्पण कार्यक्रम के चलते सरकार ने अब तक सूचियां जारी नहीं की थीं। अब कार्यक्रम संपन्न होने के बाद सोमवार से विभिन्न विभागों की तबादला सूचियां जारी होने की संभावना है। हालांकि इस बार पिछले वर्षों की तुलना में बड़े पैमाने पर तबादलों की संभावना कम मानी जा रही है।
सीएमओ की सख्ती, केवल जरूरत वाले तबादलों को मिलेगी मंजूरी
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि केवल उन्हीं अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले प्रस्तावित किए जाएं, जिन्होंने स्वयं डिजायर (इच्छा) दी है और जिनके स्थानांतरण की वास्तविक प्रशासनिक आवश्यकता है। अनावश्यक और व्यापक स्तर पर तबादले करने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। यही वजह है कि इस बार तबादलों की संख्या सीमित रहने की संभावना जताई जा रही है।
सीएमओ भेजी जा रही हर सूची, इसलिए टुकड़ों में होंगे तबादले
इस बार तबादला प्रक्रिया पूरी तरह मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में चल रही है। विभागों से तैयार सूचियां अंतिम मंजूरी के लिए सीएमओ भेजी गई हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि एक साथ बड़ी सूची भेजी गई तो उसमें संशोधन या आपत्तियों के कारण पूरी सूची अटक सकती है। इसी आशंका को देखते हुए अधिकांश विभागों ने छोटी-छोटी सूचियां तैयार कर अलग-अलग चरणों में सीएमओ भेजी हैं। ऐसे में संभावना है कि लगभग हर विभाग एक बड़ी सूची जारी करने के बजाय तीन से चार चरणों में अलग-अलग तबादला सूची जारी करेगा।
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डेढ़ साल बाद खुले तबादले
राज्य सरकार ने करीब डेढ़ वर्ष बाद सरकारी कर्मचारियों के तबादलों से प्रतिबंध हटाया है। पहले 19 जून से 5 जुलाई तक तबादलों की अनुमति दी गई थी, लेकिन कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों की मांग पर अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 जुलाई 2026 कर दी गई। इस बार कुल 22 दिनों तक तबादलों की प्रक्रिया चलेगी, जो अब तक की सबसे लंबी अवधि है।
सिफारिशों का दौर चरम पर
पिछले पखवाड़े भर से मंत्रियों और विधायकों के आवासों पर कर्मचारियों की भीड़ लगी हुई है। विभिन्न विभागों, निगमों, बोर्डों और स्वायत्तशासी संस्थानों के कर्मचारी अपनी पसंदीदा पोस्टिंग के लिए जनप्रतिनिधियों से सिफारिशें करा रहे हैं। इसका असर सरकारी कार्यालयों के नियमित कामकाज पर भी देखने को मिल रहा है।
जयपुर पोस्टिंग के लिए सबसे ज्यादा दबाव
सबसे अधिक मांग राजधानी जयपुर की पोस्टिंग को लेकर है। एक ओर बड़ी संख्या में कर्मचारी जयपुर आने के लिए प्रयासरत हैं, वहीं लंबे समय से जयपुर में पदस्थ कर्मचारी अपनी मौजूदा पोस्टिंग बचाने की कोशिश कर रहे हैं। बढ़ते दबाव के चलते कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारियों को जयपुर के अलावा अन्य जिलों के विकल्प देने की सलाह दे रहे हैं।