Jaipur Murder Case: पिता की हत्या का बदला लेने के लिए गंगासहाय की हत्या, 24 घंटे में तीन आरोपी गिरफ्तार
करणी विहार पुलिस ने सांगानेर खुली जेल के बंदी गंगासहाय कुमावत की हत्या का खुलासा किया। 2018 की महेंद्र गुर्जर हत्या का बदला लेने के आरोप में तीन गिरफ्तार।
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करणी विहार थाना पुलिस ने सांगानेर खुली जेल के बंदी गंगासहाय कुमावत की हत्या का 24 घंटे में खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गंगासहाय की हत्या 2018 में महेंद्र गुर्जर की हत्या का बदला लेने के लिए कराई गई थी।
पुलिस के मुताबिक, गंगासहाय वर्ष 2018 में महेंद्र गुर्जर की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था और आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। वह सांगानेर खुली जेल में बंद था। 12 अगस्त को अमावस्या के चलते वह अपने घर आया था और शाम करीब 5 बजे मोटरसाइकिल से वापस खुली जेल जा रहा था। इसी दौरान जानकी विहार कॉलोनी में स्कूटी सवार दो बदमाशों ने उसे रोककर गोली मार दी। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाने पर उसकी मौत हो गई।
पिता की हत्या का बदला लेने के लिए रची साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि महेंद्र गुर्जर के बेटे आयुष गुर्जर ने अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए गंगासहाय की हत्या की साजिश रची थी। आरोप है कि आयुष ने अपने परिचित सोनू रजक और अमित राणा को गंगासहाय की हत्या की सुपारी दी। वहीं कन्हैया गुर्जर पर आरोप है कि उसने आरोपियों को हथियार उपलब्ध कराया।
पुलिस के अनुसार, 12 अगस्त को सोनू रजक और अमित राणा ने गंगासहाय की रेकी की। जब वह खुली जेल लौट रहा था, तब जानकी विहार में दोनों ने उसे रोककर गोली मार दी और मौके से फरार हो गए।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
वारदात के बाद करणी विहार थाना पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। संदिग्धों से पूछताछ, सूचना तंत्र और तकनीकी सहायता के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया।
पुलिस ने सोनू रजक (19), अमित राणा (22) और कन्हैया गुर्जर (40) को पकड़ा है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और हत्या में शामिल अन्य लोगों तथा हथियार के संबंध में भी जांच जारी है।
गंगासहाय को पहले से था हत्या का अंदेशा
परिजनों ने पुलिस को बताया कि गंगासहाय को पहले से आशंका थी कि महेंद्र गुर्जर के परिजन उसकी हत्या करा सकते हैं। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आरोपियों को गंगासहाय के खुली जेल से घर आने और वापस लौटने की जानकारी कैसे मिली।