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जयपुर में 'ऑपरेशन 80 फीट' खत्म: जेडीए ने 134 अतिक्रमण किए ध्वस्त; बैकअप पर रही पांच करोड़ की ‘लोखंडा’ मशीन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Mon, 08 Jun 2026 03:05 PM IST
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सार

 जयपुर के नंदपुरी में सोमवार सुबह से पुलिस के भारी जाब्ते के बीच शुरू हुई अतिक्रमण ध्वस्तिकरण की कार्रवाई दोपहर तक समाप्त हो गई। हालांकि, जब तक मौके से मलबा नहीं हटता वहां किसी को जाने की इजाजत नहीं है। एहतियातन स्टाफ के मोबाइल भी प्रशासन ने जब्त कर रखे हैं। खास बात यह है कि इस कार्य के लिए नॉर्थ इंडिया से एक खास लोखंडा मशीन मंगवाई गई है। इसकी क्या विशेषता है ये कैसे काम करती है? जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर

High-Security Demolition Drive in Jaipur: Even Enforcement Teams Ordered to Surrender Phones
सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच पूरा हुआ ऑपरेशन 80 फीट, अब 80 फीट चौड़ी होगी सड़क। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

राजधानी जयपुर के जगपुरा स्थित नंदपुरी में सोमवार सुबह शुरू हुआ जेडीए का ऑपरेशन 80 फीट अब समाप्त हो गया है। दोपहर तक जेडीए ने बड़ी संख्या में अतिक्रमण ध्वस्त किए हैं। इसमें यहां की नूरानी मस्जिद, मजार सहित दो मंदिर और एक सत्संग भवन भी अतिक्रमण के चलते हटाए गए हैं। हालांकि, प्रशासन ने एहतियातन यहां किसी को जाने की इजाजत नहीं दी है। जब तक यहां से पूरा मलबा साफ नहीं होगा, किसी को अंदर प्रवेश की इजाजत नहीं होगी। इलाके की सड़क अब 80 फीट तक चौड़ी होगी। खास बात यह है कि अतिक्रमण हटाने के लिए नॉर्थ इंडिया से एक लोखंडा मशीन मंगवाई गई है।


कोई वीडियो नहीं बना पाए इसलिए मोबाइल जब्त
अतिक्रमण की कार्रवाई में लगा जेडीए स्टॉफ, क्रेन चालक, डंपर चालक और मजदूरों के मोबाइल जेडीए प्रशासन ने जब्त करके रखे ताकि कोई भी व्यक्ति मौके पर किसी भी तरह की तस्वीर या वीडियो शूट नहीं कर सके। प्रशासन ने यहां रविवार रात को ही जयपुर शहर में ज्यादातर इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं। इसके साथ ही यहां कोटा और भरतपुर रेंज से अतिरिक्त पुलिस बल भी यहां तैनात किया गया। प्रशासन ने यहां कुल 134 अतिक्रमण चिन्हित किए थे जिन्हें हटाने की कार्रवाई कई दिनों से चली रही थी। इससे पहले 22 मई को भी प्रशासन ने यहां सड़क पर आ रहे मकान और दुकानों को हटाने की कार्रवाई की।
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पांच करोड़ रुपये की दैत्याकार लोखंडा मशीन मंगवाई गई
अतिक्रमण हटाने के अभियान को लेकर जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने इस बार किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए विशेष तैयारी की थी। कार्रवाई के दौरान जरूरत पड़ने पर उपयोग के लिए अत्याधुनिक ‘लोखंडा’ मशीन भी जयपुर मंगवाई गई थी, जिसे उत्तर भारत की अपनी तरह की एकमात्र मशीन माना जाता है। हालांकि, प्रशासन की सुनियोजित रणनीति और मौके पर तैनात छोटी ध्वस्तीकरण मशीनों की मदद से सभी अवैध निर्माण सफलतापूर्वक हटाए गए, जिसके चलते लोखंडा मशीन के उपयोग की आवश्यकता नहीं पड़ी और अभियान पूरा होने के बाद इसे वापस भेज दिया गया।
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अधिकारियों के अनुसार इस मशीन को मजबूत स्टील स्ट्रक्चर, भारी लोहे के ढांचे, बड़े शेड, बाउंड्रीवाल और अन्य जटिल अतिक्रमणों को ध्वस्त करने के लिए बैकअप के रूप में तैयार रखा गया था। हाल ही में दिल्ली में एक बड़े होटल के अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई में भी इसी मशीन का इस्तेमाल किया गया था।


जानें कैसे काम करती है ये मशीन
लोखंडा मशीन एक विशेष भारी ध्वस्तीकरण उपकरण है, जिसका उपयोग मजबूत कंक्रीट और लोहे की संरचनाओं को तोड़ने तथा काटने के लिए किया जाता है। इसका भारी धातुयुक्त हिस्सा दीवारों और स्टील ढांचों पर प्रहार कर उन्हें कमजोर करता है, जिससे बाद में मलबा हटाने की प्रक्रिया आसान हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार कई बार केवल जेसीबी या बुलडोजर से अतिक्रमण हटाना संभव नहीं होता, ऐसे में लोखंडा मशीन प्रभावी विकल्प साबित होती है। इसकी एक बड़ी विशेषता यह है कि यह अपेक्षाकृत कम कंपन (वाइब्रेशन) के साथ काम करती है, जिससे घनी आबादी और संवेदनशील क्षेत्रों में भी सुरक्षित तरीके से ध्वस्तीकरण किया जा सकता है।

 

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