सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Illegal Mining: NGT Cracks Down on Illegal Mining in Rajasthan, Alwar DFO Asked to Submit Personal Affidavit

Illegal Mining Rajasthan: अवैध खनन मामले में एनजीटी सख्त, डीएफओ अलवर से व्यक्तिगत शपथपत्र तलब

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: सौरभ भट्ट Updated Thu, 29 Jan 2026 08:19 AM IST
विज्ञापन
सार

एनजीटी, केंद्रीय क्षेत्र पीठ, भोपाल ने राजस्थान में अवैध खनन मामले में कड़ा निर्देश जारी किया है। वन भूमि में खनन की अनुमति दिए जाने के मामले में एनजीटी ने डीएफओ अलवर से व्यक्तिगत शपथपत्र तलब किया है।

Illegal Mining: NGT Cracks Down on Illegal Mining in Rajasthan, Alwar DFO Asked to Submit Personal Affidavit
एनजीटी की सख्ती-
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

Illegal Mining Rajasthan: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी), केंद्रीय क्षेत्र पीठ, भोपाल ने राजस्थान में वन भूमि में अवैध खनन से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। यह मामला मूल आवेदन संख्या 91/2025 (सीजेड)  गजेन्द्र सिंह नरूका बनाम भारत संघ व अन्य से संबंधित है। यह मामला राजस्थान के अलवर जिल में वन भूमि के भीतर अवैध खनन गतिविधियों से संबंधित है, जिसकी जांच संयुक्त समिति की रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है। सुनवाई के दौरान यह गंभीर आरोप लगाए गए कि स्थानीय वन अधिकारियों की लापरवाही अथवा मिलीभगत के कारण वन क्षेत्र में खनन की अनुमति दी गई।  एनजीटी ने इस तथ्य पर भी संज्ञान लिया कि पूर्व में वन विभाग द्वारा एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी किए गए थे, जबकि बाद में उन्हीं क्षेत्रों को वन भूमि घोषित किया गया, जिससे विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठते हैं।

Trending Videos

अधिकरण ने प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ), अलवर को निर्देश दिया है कि वे स्थिर संदर्भ बिंदुओं और वास्तविक माप के आधार पर तथ्यों का विवरण देते हुए, एनओसी बिना उचित सत्यापन जारी करने के कारणों को स्पष्ट करते हुए व्यक्तिगत शपथपत्र प्रस्तुत करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

एनजीटी ने आदेश की प्रति प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) एवं हेड ऑफ फोरेस्ट फोर्स (HoFF) को भेजने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि वन विभाग की विरोधाभासी रिपोर्टों पर कार्रवाई हो सके। साथ ही PCCF और HoFF को संबंधित क्षेत्र की वैज्ञानिक पद्धति से पहचान, सीमांकन और सीमा स्तंभ स्थापित करने के लिए भी निर्देशित किया गया है। प्रतिवादियों को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। अगली सुनवाई 26 फरवरी 2026 को होगी।

यह भी पढें- Jodhpur News: साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत, 4 घंटे बाद आई इंस्टाग्राम पोस्ट ने बढ़ाया सस्पेंस

Rajasthan: बानसूर में रास्ते के विवाद में खूनी संघर्ष, दो पक्षों के 13 लोग गंभीर रूप से घायल; यहां इलाज जारी

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed