Jaipur News: पानी की टंकी पर चढ़े तीन नर्सिंगकर्मी दे रहे आत्मदाह की चेतावनी; सिविल डिफेंस की टीम मौके पर
जयपुर में तीन संविदा नर्सिंगकर्मी 36 घंटे से 90 फीट ऊंची पानी की टंकी पर डटे हैं। उन्होंने पेट्रोल की बोतल दिखाकर आत्मदाह की चेतावनी दी, भर्ती की मांग रखी। वहीं पुलिस बल तैयारी के साथ मौके पर मौजूद है।
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जयपुर में संविदा नर्सिंगकर्मियों का आंदोलन शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। जयपुरिया अस्पताल परिसर स्थित करीब 90 फीट ऊंची पानी की टंकी पर एक महिला समेत तीन संविदा नर्सिंगकर्मी चढ़े हुए हैं। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताते हुए आत्महत्या की चेतावनी दी है।
टंकी पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल की बोतल दिखाकर सरकार को चेताया और कपड़ा जलाकर सांकेतिक विरोध किया। घटना की सूचना के बाद पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर तैनात है। एहतियात के तौर पर टंकी के नीचे जाल लगाया गया है और तीनों को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास किए जा रहे हैं।
शुक्रवार तड़के टंकी पर चढ़े थे तीनों
जानकारी के अनुसार, संविदा नर्सिंगकर्मी विमल शर्मा (32), रॉबिन शर्मा (28) और संजीता चौधरी (30) शुक्रवार तड़के करीब 3:40 बजे जयपुरिया अस्पताल परिसर की पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। बारिश के बावजूद तीनों टंकी पर डटे रहे। शनिवार को आंदोलन का दूसरा दिन है।
तीनों के समर्थन में बड़ी संख्या में संविदा नर्सिंगकर्मी भी मौके पर पहुंच रहे हैं। पुलिस ने टंकी के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। नीचे मौजूद प्रदर्शनकारियों को पुलिस जवान टंकी के नजदीक जाने से रोक रहे हैं।
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स्थायी नियुक्ति और भर्ती की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं में हजारों नर्सिंगकर्मी कई वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। इनमें NHM, NRHM, संविदा, निविदा, UTB, प्लेसमेंट एजेंसी, PPP मोड, MRS, NGO, 108, 104-ममता, MMU, MMV और जनता क्लिनिक से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। नर्सिंगकर्मियों का दावा है कि कई कर्मचारी 8 से 10 साल या उससे अधिक समय से काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक स्थायी नियुक्ति का लाभ नहीं मिला है।
12 हजार नर्सिंग ऑफिसर और 7 हजार ANM पदों पर भर्ती की मांग
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि सरकार नर्सिंग ऑफिसर के 12 हजार और ANM के 7 हजार पदों पर जल्द भर्ती निकाले। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में नियमों में जरूरी बदलाव कर इसे मेरिट और बोनस अंकों के आधार पर कराया जाए। फिलहाल पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर मौजूद है और टंकी पर चढ़े तीनों नर्सिंगकर्मियों को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए समझाइश और बचाव के प्रयास किए जा रहे हैं।
जूली बोले सरकार संवेदनहीन
मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि संविदा नर्सिंगकर्मी लंबे समय से नियमितीकरण समेत अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी पीड़ा सुनने को तैयार नहीं है।
जूली ने आरोप लगाया कि कर्मचारी बार-बार अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। उन्होंने कहा कि संविदा नर्सिंगकर्मी दीपक खरवाल ने इन्हीं मांगों और मानसिक तनाव के चलते करीब दो महीने पहले आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद उनकी पत्नी ने भी गंभीर मानसिक तनाव में आत्महत्या का प्रयास किया था।
जूली के मुताबिक, दोनों घटनाओं के दौरान उन्होंने SMS अस्पताल पहुंचकर प्रभावित परिवार और आंदोलनरत कर्मचारियों की मांगें सुनी थीं तथा सरकार से संवेदनशीलता दिखाने की अपील की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
'सरकार किसी और हादसे का इंतजार कर रही है क्या?'
जूली ने कहा कि पिछले 30 घंटे से संजीता चौधरी, विमल शर्मा और रॉबिन शर्मा पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं और उनकी जान खतरे में है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि "क्या सरकार किसी और हादसे का इंतजार कर रही है?" उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि प्रदर्शनकारियों को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए संबंधित मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा जाए, नर्सिंगकर्मियों से सार्थक बातचीत की जाए और उनकी जायज मांगों पर लिखित एवं समयबद्ध निर्णय लिया जाए। जूली ने चेतावनी दी कि यदि कोई अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की होगी।