Jaipur : UGC के विरोध में करणी सेना की 'सवर्ण न्याय यात्रा' जयपुर पहुंची,आज राष्ट्रपति के नाम सौंपेगा ज्ञापन
राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की 'सवर्ण न्याय यात्रा' जयपुर पहुंची। सोमवार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित UGC नियम वापस लेने, पारदर्शी भर्ती और व्यापक परामर्श की मांग करेगी।
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के प्रस्तावित नियमों के विरोध में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की 'सवर्ण न्याय पैदल यात्रा' रविवार को जयपुर पहुंच गई। बीकानेर के देशनोक से शुरू हुई यह यात्रा सोमवार को जयपुर में समाप्त होगी। समापन के बाद संगठन का प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल मकराना के नेतृत्व में निकाली जा रही इस यात्रा के अंतिम चरण से पहले रविवार शाम कालवाड़ रोड से कलेक्ट्रेट सर्किल तक मशाल जुलूस निकाला गया। इसमें करणी सेना के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।
संगठन ने प्रस्तावित UGC नियमों को वापस लेने, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती पूरी तरह योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर करने तथा शिक्षा से जुड़े नीतिगत बदलावों से पहले शिक्षाविदों, शिक्षकों और छात्रों से व्यापक परामर्श की मांग की है। ज्ञापन में उच्च शिक्षा संस्थानों में सभी वर्गों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने और उन प्रावधानों की समीक्षा की भी मांग की जाएगी, जिनसे संगठन के अनुसार योग्य अभ्यर्थियों के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।
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महिपाल मकराना ने दावा किया कि प्रस्तावित नियम उच्च शिक्षा में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और समान अवसर के सिद्धांत को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि संगठन किसी वर्ग विशेष के अधिकारों का विरोध नहीं कर रहा, बल्कि योग्यता आधारित और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया की मांग कर रहा है। उनका यह भी कहना है कि शिक्षा नीति में बड़े बदलाव व्यापक परामर्श के बाद ही किए जाने चाहिए।
करणी सेना के अनुसार, देशनोक से जयपुर तक निकाली गई यात्रा के दौरान विभिन्न जिलों में युवाओं और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिला। संगठन ने कहा है कि यदि उसकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा।