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Jaipur News: मामा-भांजा शाह दरगाह भूमि पर गहराया विवाद, सेवादार परिवार ने लगाए दबाव और धमकियों के आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Tue, 26 May 2026 11:18 AM IST
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सार
जयपुर के तरुछाया नगर में मामा-भांजा शाह दरगाह और भौमियाजी मंदिर की जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सेवादार परिवार ने कब्जे के प्रयास, दबाव और धमकियों के आरोप लगाते हुए प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है।
मामा-भांजा शाह दरगाह और भौमियाजी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जयपुर के टोंक रोड स्थित तरुछाया नगर में मामा-भांजा शाह दरगाह और भौमियाजी मंदिर की जमीन को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। दरगाह और मंदिर के सेवादार परिवार ने जमीन पर कब्जे के प्रयास, दबाव और धमकियों के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर अब स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज होने की बात कह रहे हैं।
दरगाह और मंदिर के 70 वर्षीय सेवादार अब्दुल हकीम ने बताया कि उनका परिवार पीढ़ियों से इस धार्मिक स्थल की सेवा करता आ रहा है। उन्होंने दावा किया कि वे अपनी पीढ़ी के सातवें वारिस हैं और उनके पूर्वजों को जयपुर राजघराने की ओर से प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए थे। उनके अनुसार जमीन की खातेदारी दरगाह के नाम दर्ज है और इससे संबंधित राजस्व रिकॉर्ड तथा अन्य दस्तावेज उनके पास सुरक्षित हैं।
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अब्दुल हकीम का आरोप है कि पिछले कुछ समय से रीको इस जमीन पर अपना दावा जता रहा है। उनका कहना है कि जमीन धार्मिक स्थल से जुड़ी हुई है और इसे लेकर किसी प्रकार का विवाद नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवार वर्षों से यहां धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करता आ रहा है और आसपास के लोग भी इस स्थान को आस्था के केंद्र के रूप में जानते हैं।
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दरगाह पक्ष के वकील नसरुदीन ने कहा कि मामा-भांजा शाह दरगाह और भौमियाजी मंदिर क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल रहे हैं। यहां हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रीको की ओर से इलाके में बड़ी संख्या में खेजड़ी के पेड़ कटवाए गए हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचा है। उनका कहना है कि यह क्षेत्र जयपुर शहर के बीचों-बीच महत्वपूर्ण हरित क्षेत्र माना जाता है और पेड़ों की कटाई चिंता का विषय है।
वकील ने दावा किया कि तहसील रिकॉर्ड और जमाबंदी में भी जमीन दरगाह के नाम दर्ज है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन उनकी बात नहीं सुनता है तो परिवार न्यायालय की शरण लेने के लिए मजबूर होगा।
वहीं अब्दुल हकीम की बेटी ने आरोप लगाया कि जयपुर के कुछ लोग अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए लोगों को वहां भेजते हैं और परिवार पर जमीन खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं, जिससे वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
परिवार का कहना है कि स्थानीय पुलिस लगातार क्षेत्र में पहुंचकर गतिविधियों पर नजर रख रही है। सेवादार परिवार ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी।