राजस्थान ATS का 20 जिलों में बड़ा ऑपरेशन: पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से जुड़े सोशल मीडिया नेटवर्क पर शिकंजा,
राजस्थान एटीएस ने 20 से अधिक जिलों में छापेमारी कर पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से कथित सोशल मीडिया संबंध रखने वाले 30 लोगों से पूछताछ की। संदिग्धों के मोबाइल और बैंक खातों की जांच जारी है।
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राजस्थान पुलिस की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने शुक्रवार को राज्यभर में एक साथ बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 से अधिक जिलों में छापेमारी की। यह कार्रवाई पाकिस्तान स्थित आतंकी शहजाद भट्टी से सोशल मीडिया के जरिए जुड़े संदिग्ध लोगों के खिलाफ की गई। ऑपरेशन के दौरान करीब 30 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जबकि उनके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच की जा रही है।
एटीएस की टीमों ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से जयपुर, अजमेर, चूरू, डूंगरपुर, बाड़मेर समेत 20 से अधिक जिलों में एक साथ कार्रवाई की। यह ऑपरेशन खुफिया इनपुट के आधार पर शुरू किया गया।
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को बना रहा था निशाना
एटीएस के अनुसार, पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को ऑनलाइन गेम, पैसे और गैंगस्टर व आतंकियों की कथित चमक-दमक का लालच देकर अपने नेटवर्क में जोड़ने की कोशिश करता था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसके बाद उनसे संवेदनशील और रणनीतिक स्थानों की तस्वीरें तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल की जाती थीं।
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भट्टी से जुड़े संदिग्धों की सूची तैयार, अब हुई कार्रवाई
राजस्थान एटीएस के पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि एजेंसी को लंबे समय से ऐसे लोगों के बारे में खुफिया जानकारी मिल रही थी, जो सोशल मीडिया पर शहजाद भट्टी के संपर्क में थे। इन सूचनाओं का सत्यापन करने के बाद गुरुवार से ऑपरेशन शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि कार्रवाई से पहले पूरे प्रदेश में ऐसे लोगों की सूची तैयार की गई, जिनके सोशल मीडिया अकाउंट शहजाद भट्टी से जुड़े पाए गए थे।
सिर्फ सोशल मीडिया कनेक्शन या कुछ और?
एटीएस अब यह पता लगा रही है कि संदिग्धों का संपर्क केवल सोशल मीडिया तक सीमित था या वे किसी अन्य गतिविधि में भी शामिल थे। एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि जिन लोगों का संबंध केवल सोशल मीडिया तक सीमित पाया गया, उनसे पूछताछ के बाद उनके मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण वापस कर दिए गए।
वहीं कुछ व्यक्तियों की भूमिका संदिग्ध मिली है। उनके आपराधिक रिकॉर्ड, बैंक खातों और अन्य गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर उनसे आगे भी पूछताछ की जाएगी।
बबीता उर्फ खदीजा की गिरफ्तारी के बाद दूसरी बड़ी कार्रवाई
यह कार्रवाई जयपुर से बबीता उर्फ खदीजा की गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद की गई है। एटीएस ने 22 जून को उसे गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि उसके पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सदस्यों से संपर्क थे और वह कथित तौर पर ऑनलाइन निकाह के बाद पाकिस्तान भागने की योजना बना रही थी।
राजस्थान एटीएस का मानना है कि सोशल मीडिया के जरिए आतंकी संगठनों द्वारा युवाओं को प्रभावित करने और नेटवर्क तैयार करने की कोशिशों को देखते हुए ऐसे अभियानों को आगे भी जारी रखा जाएगा।