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Rajasthan: मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को लिखा पत्र, कहा- राजस्थान को जल्द मिले पानी का हक
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: सौरभ भट्ट
Updated Thu, 19 Jun 2025 09:05 AM IST
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सार
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल को पत्र लिखकर चिनाब नदी बेसिन से जुड़ी तीन जल परियोजनाओं को जल्द शुरू करने की मांग की है। इन परियोजनाओं से हिमालय से निकलने वाले अतिरिक्त जल को ब्यास, रावी और उझ नदियों में मोड़कर राजस्थान सहित उत्तर भारत के अन्य राज्यों तक पहुंचाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखकर चिनाब नदी बेसिन से जुड़ी तीन बड़ी जल परियोजनाओं को जल्द लागू करने की मांग की है। इन योजनाओं से हिमालय से निकलने वाली नदियों का अतिरिक्त जल ब्यास, रावी और उझ जैसी पूर्ववर्ती नदियों की ओर मोड़ा जा सकेगा, जिससे उत्तर भारत के कई राज्यों के साथ-साथ राजस्थान को भी पानी की बड़ी राहत मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया राज्य की जल जरूरतों का ब्यौरा
मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा कि राजस्थान को हर वर्ष लगभग 1.0 MAF (मिलियन एकड़ फीट) पानी पीने के लिए, 1.0 MAF पानी सिंचाई के लिए और 0.2 MAF पानी औद्योगिक जरूरतों के लिए चाहिए। राज्य में पहले से मौजूद प्राकृतिक झीलों और जलाशयों में 1.0 MAF पानी जमा करने की क्षमता भी है, जिसका पूरी तरह उपयोग किया जा सकता है।
तीन प्रस्तावित परियोजनाओं से राजस्थान को होंगे ये तीन प्रमुख फायदे
ब्यास और सतलुज नदियों में अतिरिक्त पानी पहुंचेगा, जिससे हरियाणा, पंजाब, दिल्ली के साथ-साथ राजस्थान को भी लाभ मिलेगा। इंदिरा गांधी नहर को अधिक जल मिलेगा, जिससे पश्चिमी राजस्थान की बड़ी आबादी को सिंचाई और पीने के पानी की सुविधा मिलेगी। औद्योगिक क्षेत्रों में जल आपूर्ति में सुधार होगा, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
यह भी पढ़ें: साजिश रचकर प्रेमी से दबवाया पति का गला, पिता को मरते हुए देखता रहा मासूम; उसी ने खोला राज
राजस्थान के जल भविष्य के लिए मील का पत्थर
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने केंद्र सरकार से इन परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृत और क्रियान्वित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं राजस्थान के दीर्घकालिक जल संकट का समाधान बन सकती हैं और यह कदम राज्य के भविष्य के लिए "मील का पत्थर" साबित होगा।
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मुख्यमंत्री ने बताया राज्य की जल जरूरतों का ब्यौरा
मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा कि राजस्थान को हर वर्ष लगभग 1.0 MAF (मिलियन एकड़ फीट) पानी पीने के लिए, 1.0 MAF पानी सिंचाई के लिए और 0.2 MAF पानी औद्योगिक जरूरतों के लिए चाहिए। राज्य में पहले से मौजूद प्राकृतिक झीलों और जलाशयों में 1.0 MAF पानी जमा करने की क्षमता भी है, जिसका पूरी तरह उपयोग किया जा सकता है।
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तीन प्रस्तावित परियोजनाओं से राजस्थान को होंगे ये तीन प्रमुख फायदे
ब्यास और सतलुज नदियों में अतिरिक्त पानी पहुंचेगा, जिससे हरियाणा, पंजाब, दिल्ली के साथ-साथ राजस्थान को भी लाभ मिलेगा। इंदिरा गांधी नहर को अधिक जल मिलेगा, जिससे पश्चिमी राजस्थान की बड़ी आबादी को सिंचाई और पीने के पानी की सुविधा मिलेगी। औद्योगिक क्षेत्रों में जल आपूर्ति में सुधार होगा, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
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राजस्थान के जल भविष्य के लिए मील का पत्थर
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने केंद्र सरकार से इन परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृत और क्रियान्वित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं राजस्थान के दीर्घकालिक जल संकट का समाधान बन सकती हैं और यह कदम राज्य के भविष्य के लिए "मील का पत्थर" साबित होगा।