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ये 9 प्रोजेक्ट करेंगे जयपुर को जाम फ्री: ट्रैफिक सिग्नल हटेंगे, ROB और एलिवेटेड रोड से बदलेगा यातायात सिस्टम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Sat, 11 Apr 2026 06:42 PM IST
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सार

क्या राजधानी जयपुर को घंटो लगने वाले ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी। जयपुर विकास प्राधिकरण यानी जेडीए  ने इसके लिए क्या योजना तैयार की है।  सिग्नल-फ्री कॉरिडोर, ROB और एलिवेटेड रोड के लिए क्या होगा ब्लू प्रिंट, सब कुछ पढ़िए इस रिपोर्ट में...

Jam-Free Jaipur: Traffic Signals to Go, ROBs and Elevated Roads to Transform City Mobility - Read  Blueprin
जयपुर के लिए मील का पत्थर साबित होंगे ये प्रोजेक्ट्स - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

राजधानी जयपुर में बढ़ते ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण  यानी जेडीए सिग्नल-फ्री ट्रैफिक सिस्टम विकसित करने का रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से शहर के प्रमुख मार्गों को सिग्नल-फ्री कॉरिडोर में बदला जाएगा। इसके लिए शहर में 9 बड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं। इनमें कुछ प्रोजेक्ट्स की शुरुआत हो चुकी है और कुछ अभी प्लानिंग की स्टेज पर हैं। जेडीए के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था पर निर्भरता कम कर इंजीनियर्ड यू-टर्न, ग्रेड सेपरेटेड रोड और एक्सेस कंट्रोल नेटवर्क के माध्यम से ट्रैफिक को निर्बाध बनाना है। इससे न केवल यात्रा समय घटेगा, बल्कि सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा। इस रिपोर्ट में पढ़िए कैसा होगा आने वाले ट्रैफिक जाम फ्री जयपुर का ब्लू प्रिंट-

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1. सीबीआई फाटक: पीक आवर्स में जाम, ROB के बाद 3 मिनट लगेगा सयम

योजना के तहत रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम से राहत के लिए कई रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बनाए जा रहे हैं। सिविल लाइंस ROB (जैकब रोड–जेएलएन मार्ग लिंक) का करीब 65 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा CBI फाटक और सालिग्रामपुरा पर प्रस्तावित ROB से टोंक रोड और महाल रोड के बीच यातायात सुगम होगा। वर्तमान में इन फाटकों पर दिन में 100 से अधिक बार गेट बंद होने से 20 से 25 मिनट तक जाम की स्थिति बनती है। ROB बनने के बाद यहां यात्रा का समय 2 से 3 मिनट अनुमानित रहेगा। 

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 2. गोपालपुरा एलिवेटेड रोड : त्रिवेणी, नारायण निवास, रिद्धि-सिद्धि और 80 फीट रोड होंगे सिग्नल फ्री 
शहर के व्यस्त मार्गों पर एलिवेटेड रोड का भी निर्माण किया जा रहा है। गोपालपुरा एलिवेटेड रोड से त्रिवेणी, रिद्धि-सिद्धि और नारायण विहार जैसे प्रमुख जंक्शन सिग्नल-फ्री हो सकेंगे, जिससे आवागमन में 8 से 10 मिनट की बचत होगी। 218.85 करोड़ की लागत से विकसित हो रहा गोपालपुरा एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट अगस्त 2025 में शुरू हुआ है और इसे फरवरी 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में परियोजना की प्रगति लगभग 10 प्रतिशत है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद टोंक रोड से अजमेर रोड के बीच गोपालपुरा रोड पर यातायात पूरी तरह निर्बाध हो सकेगा। त्रिवेणी, नारायण निवास, रिद्धि-सिद्धि और 80 फीट रोड जैसे प्रमुख जंक्शनों को सिग्नल-फ्री किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक का प्रवाह लगातार बना रहेगा। खास तौर पर गोपालपुरा से मानसरोवर के बीच लगने वाले जाम में उल्लेखनीय कमी आएगी और यात्रियों को औसतन 8 से 10 मिनट तक की समय बचत का लाभ मिलेगा।


3. सांगानेर एलिवेटेड कॉरिडोर: सांगानेर फ्लाईओवर से मालपुरा गेट 
सांगानेर एलिवेटेड कॉरिडोर और द्रव्यवती एलिवेटेड कॉरिडोर भी यातायात दबाव कम करने में अहम भूमिका निभाएंगे। यह परियोजना सांगानेर फ्लाईओवर से मालपुरा गेट (चोरड़िया पेट्रोल पंप मार्ग) तक विकसित की जा रही है। करीब 290 करोड़ रुपए की लागत वाली महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पहल है। इस परियोजना का कार्य मार्च 2026 में प्रारंभ हुआ है और इसे सितम्बर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में निर्माण कार्य प्रारंभिक चरण में है। परियोजना के दौरान 19 ट्रांसफॉर्मर और 3 मोबाइल टावर के स्थानांतरण के साथ-साथ मालपुरा गेट क्षेत्र में ROW के भीतर स्थित पावर ट्रांसमिशन हाउस से जुड़े मुद्दों का समाधान किया जा रहा है। इसके पूर्ण होने पर सांगानेर क्षेत्र में यातायात जाम में उल्लेखनीय कमी आएगी।

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 4. अरण्य भवन–जगतपुरा एलिवेटेड रोड (प्रस्तावित)
अरण्य भवन से जगतपुरा एलिवेटेड रोड (प्रस्तावित) परियोजना को लगभग 300 करोड़ रुपए करोड़ की स्वीकृति मिली है और यह वर्तमान में प्रस्तावित/DPR स्तर पर है। इस परियोजना के पूरा होने से शासकीय क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा और प्रमुख मार्गों पर बढ़ते यातायात दबाव में कमी आएगी। खास तौर पर जगतपुरा कॉरिडोर की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव को संभालने में मदद मिलेगी।

5. सालिग्रामपुरा फाटक ROB
करीब 80 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा यह ROB टोंक रोड और महल रोड के बीच एक अहम कनेक्टिविटी लिंक है, जो दक्षिण जयपुर और प्रह्लादपुरा–रामचंद्रपुरा औद्योगिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है। इसके पूरा होने से इस कॉरिडोर पर बिना रुकावट आवागमन संभव होगा।

6. सिविल लाइंस फाटक ROB
अनुमानित रूप से 80 करोड़ रुपए की लागत वाला यह प्रोजेक्ट जयपुर रेलवे स्टेशन के पास जाम की बड़ी समस्या का समाधान करेगा, जहां फाटक दिन में करीब 100 से 120 बार बंद होता है। इसके बनने से जैकब रोड, अजमेर रोड और सहकार मार्ग के बीच सीधा और तेज कनेक्शन मिलेगा।

8. पुरानी चुंगी अंडरपास (अजमेर रोड)
20 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित यह अंडरपास अजमेर रोड जंक्शन पर जाम और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए बनाया जाएगा। इससे सर्विस रोड पर यातायात सुगम होगा और चौराहे पर दबाव घटेगा।

8. राम मंदिर ROB (प्रस्तावित)
लगभग 50 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित यह ROB शहर के कोर एरिया में रेलवे क्रॉसिंग की समस्या को खत्म करेगा और एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराएगा। इससे ट्रैफिक दबाव का वितरण बेहतर होगा।

 द्रव्यवती एलिवेटेड कॉरिडोर
5000 से 7000 करोड़ रुपए की लागत वाला यह मेगा प्रोजेक्ट शहर को उत्तर-दक्षिण दिशा में जोड़ने वाला बड़ा एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। BOT मॉडल पर बनने वाला यह प्रोजेक्ट शहर के मुख्य मार्गों से ट्रैफिक लोड कम करेगा और तेज आवागमन सुनिश्चित करेगा। इसकी डीपीआर के लिए निविदा मई 2026 तक जारी किए जाने की संभावना है। 

महाल रोड, सीकर रोड और न्यू सांगानेर रोड पर प्लान्ड यू-टर्न सिस्टम लागू

जेडीए ने कॉरिडोर आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट पर जोर देते हुए महाल रोड, सीकर रोड और न्यू सांगानेर रोड पर प्लान्ड यू-टर्न सिस्टम लागू किया है। इसके तहत राइट टर्न को समाप्त कर निर्धारित स्थानों पर यू-टर्न की व्यवस्था की गई है, जिससे सिग्नल पर निर्भरता कम हुई है और ट्रैफिक का प्रवाह बेहतर हुआ है। महाल रोड पर जहां पहले प्रति सिग्नल 10 से 12 मिनट का विलंब होता था, वह अब लगभग समाप्त हो गया है।

फ्री लेफ्ट टर्न लेन का विस्तार
इसके साथ ही अल्पकालिक उपायों के तहत प्रमुख चौराहों पर फ्री लेफ्ट टर्न लेन का विस्तार, जंक्शन का पुन: डिजाइन, बेहतर लेन मार्किंग और राउंडअबाउट विकसित किए जा रहे हैं। गांधी पथ वेस्ट पर 3.5 किलोमीटर क्षेत्र में 35 अनियोजित कट बंद करने की कार्रवाई भी प्रस्तावित है, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और ट्रैफिक अनुशासन बढ़ेगा।

ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग को बढ़ावा
योजना में पार्किंग प्रबंधन को भी शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग होने के बावजूद लोग सड़कों पर वाहन खड़े करते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनती है। इसे रोकने के लिए ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। जेडीए अधिकारियों का मानना है कि यदि यह योजना तय समय पर लागू होती है, तो जयपुर में ट्रैफिक जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी और शहर में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकेगी।

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