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Politics: शेखावत बोले- BJP-RSS के खिलाफ आज तक दंगे भड़काने का कोई प्रमाण नहीं मिला, गहलोत सरकार पर लगाया आरोप

Thu, 22 Jun 2023 05:43 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Thu, 22 Jun 2023 05:43 PM IST
सार

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की आरएएस और बीजेपी पर की गई टिप्पणी पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पलटवार किया है। शेखावत ने कहा कि आरएसएस और बीजेपी के खिलाफ आज तक दंगे भड़काने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। जबकि गहलोत सरकार की तुष्टीकरण नीति राजस्थान में दंगों के लिए जिम्मेदार है।

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Politics Gajendra Shekhawat says till date no proof of inciting riots against BJP-RSS has been found
गजेंद्र सिंह शेखावत और सीएम अशोक गहलोत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सीएम अशोक गहलोत को आड़े हाथ लेते हुए कहा, कांग्रेस की धार्मिक भेदभाव की सोच और प्रशासन की ढिलाई दंगों के लिए जिम्मेदार है। मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए गुरुवार को शेखावत ने कहा कि भाजपा-आरएसएस दंगों की राजनीति में विश्वास नहीं करते। भाजपा-आरएसएस के खिलाफ आज तक दंगे भड़काने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।

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उन्होंने कहा कि राजस्थान में गहलोत सरकार की तुष्टीकरण नीति से दंगे फैलते हैं, जिससे निर्दोष लोग मारे जाते हैं और काम-धंधों का नुकसान होता है। इस सरकार में तुष्टीकरण की हालत यह है कि दंगों की जांच और आरोपियों को पकड़ने में भी धार्मिक आधार पर भेदभाव किया जाता है। यह स्थिति किसी से छिपी हुई नहीं है। तुष्टीकरण की नीति से जनता में आक्रोश है। यह आक्रोश आगामी चुनाव में कांग्रेस की हार के रूप में सामने आएगा।
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'चुनाव आते ही गोभक्त हो जाते हैं मुख्यमंत्री'
शेखावत ने कहा कि चुनाव का समय आते ही मुख्यमंत्री गोभक्त हो जाते हैं। गहलोत गोदान करने का राग अलापते हैं, लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि राजस्थान में लाखों गायें लंपी से मर गई थीं। उनके उपचार में यह सरकार पूरी तरफ विफल साबित हुई थी। अब सरकार ने मात्र 76 हजार मौतें लंपी से मानी है, जबकि इस महामारी में लाखों गायें मारी गई थीं। 
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उन्होंने कहा, गोपालकों को मुआवजा देने का ढोल तो पीटा जा रहा है, लेकिन वह अभी तक पूरा नहीं दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राज्य में अभी तक 42 हजार दुधारू गायों का ही मुआवजा दिया है। इसके लिए भी पशुपालकों को राहत शिविरों में बुलाकर परेशान किया जा रहा है।

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