Rajasthan Weather: राजस्थान में अगले दो हफ्ते भीषण गर्मी; 24 मई से तीव्र हीटवेव की चेतावनी
Rajasthan Weather: राजस्थान में अगले दो सप्ताह भीषण गर्मी और लू का असर रहने की संभावना है। IMD ने 24 से 27 मई के बीच तीव्र हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में तापमान 47 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि बारिश सामान्य से कम रहने के आसार हैं।
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Rajasthan Weather: राजस्थान में आने वाले दो सप्ताह तक भीषण गर्मी और लू का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के लिए जारी विस्तारित मौसम पूर्वानुमान में चेतावनी दी है कि अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 44 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। इसके साथ ही सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई गई है।
जयपुर मौसम केंद्र की ओर से 22 मई से 4 जून तक जारी पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। हालांकि 22 और 23 मई को एक नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर-पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की बारिश, बूंदाबांदी, आंधी और तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले दोनों सप्ताह में प्रदेशभर में वर्षा गतिविधियां सामान्य से कम रहने की संभावना है। दूसरे सप्ताह में दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि बाकी प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा।
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विभाग ने अधिकांश जिलों में लगातार हीटवेव चलने की चेतावनी भी जारी की है। 24 से 27 मई के बीच कुछ स्थानों पर गंभीर लू (सीवियर हीटवेव) की स्थिति बन सकती है। पहले सप्ताह में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने का अनुमान है, जबकि दूसरे सप्ताह में यह 1 से 3 डिग्री ऊपर रह सकता है।
रात के तापमान में भी खास राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 2 से 4 डिग्री अधिक बने रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 15 से 21 मई के बीच राजस्थान में सामान्य से 88 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। इस अवधि में राज्य में केवल 0.3 मिमी वर्षा हुई, जबकि सामान्य औसत 2.7 मिमी माना जाता है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर पाकिस्तान और पंजाब क्षेत्र में बने पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण का असर बना हुआ है, लेकिन राजस्थान में इसका प्रभाव सीमित रहने की संभावना है।